BNT Desk: बिहार में नेपाल के रास्ते होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी का जाल गहराता जा रहा है। राजधानी पटना से सटे खगौल इलाके में पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय तस्कर को दबोचा है, जो नेपाल से लाए गए गांजे की खेप को दक्षिण भारत (चेन्नई) पहुँचाने की फिराक में था। इस गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं, क्योंकि यह महज एक छोटी बरामदगी नहीं बल्कि एक बड़े अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय नेटवर्क का हिस्सा मानी जा रही है।
दानापुर स्टेशन के पास घेराबंदी
खगौल थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि दानापुर रेलवे स्टेशन के रास्ते गांजे की एक बड़ी खेप बाहर भेजी जाने वाली है। सूचना मिलते ही पुलिस की एक विशेष टीम ने स्टेशन के दक्षिणी छोर पर स्थित घिरनी चौक के पास जाल बिछाया।
पुलिस ने संदिग्ध हालत में एक युवक को रोका और जब उसके सामान की तलाशी ली गई, तो पुलिस के होश उड़ गए। युवक के पास से करीब दो किलो उच्च गुणवत्ता वाला गांजा बरामद किया गया।
कौन है आरोपी और क्या था उसका प्लान?
गिरफ्तार तस्कर की पहचान मोहम्मद अशरफ के रूप में हुई है, जो बिहार के अररिया जिले के घुरना बाजार का रहने वाला है। पूछताछ में यह बात सामने आई कि अशरफ नेपाल सीमा से गांजा लेकर आया था और संघमित्रा एक्सप्रेस ट्रेन के जरिए इसे चेन्नई ले जाने वाला था।
तस्करी का रूट मैप:
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उद्गम: नेपाल का सीमावर्ती इलाका।
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ट्रांजिट पॉइंट: बिहार का अररिया और फिर पटना (खगौल)।
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गंतव्य: चेन्नई, तमिलनाडु।
राष्ट्रीय नेटवर्क की आशंका
दानापुर के एएसपी शिवम धाकड़ ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि गिरफ्तार तस्कर से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि अररिया से पटना तक यह खेप कैसे पहुँची और चेन्नई में इसे किस सिंडिकेट को सौंपा जाना था।
शुरुआती जांच के अनुसार, यह गिरोह नेपाल बॉर्डर से गांजा लाकर बिहार के रास्ते देश के अलग-अलग राज्यों में सप्लाई करता है। इसमें कई बड़े सफेदपोशों और स्थानीय एजेंटों के शामिल होने का संदेह है।
पुलिस टीम और कानूनी कार्रवाई
खगौल पुलिस ने आरोपी मोहम्मद अशरफ के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। इस सफल छापेमारी टीम का नेतृत्व एसआई सिद्धार्थ सिंह ने किया, जिसमें ओमप्रकाश सिंह, संजीव कुमार और खगौल थाना के अन्य जवान शामिल रहे।
बिहार पुलिस के लिए बड़ी चुनौती
नेपाल से सटा बिहार का सीमावर्ती इलाका तस्करों के लिए कॉरिडोर बनता जा रहा है। अररिया, पूर्णिया और कटिहार जैसे जिलों के जरिए मादक पदार्थों को राजधानी पटना लाया जाता है और यहाँ से ट्रेनों के माध्यम से दक्षिण और पश्चिम भारत के राज्यों में खपाया जाता है। पुलिस अब उन मुख्य सरगनाओं की तलाश में है जो सीमा पार से इस अवैध कारोबार को ऑपरेट कर रहे हैं।
जरूरी जानकारी (Meta Data)
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Category: बिहार / अपराध / पटना।
चेतावनी: मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री एक संगीन जुर्म है। बिहार पुलिस ने अपील की है कि यदि आपके आसपास ऐसी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।