पटना: जहानाबाद के युवक की संदिग्ध मौत, प्रेमिका हिरासत में; हत्या या आत्महत्या?

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BNT Desk: पटना के रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया जब बस स्टैंड के पास स्थित एक निजी होटल के कमरे से 30 वर्षीय युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ। इस घटना ने न केवल पुलिस महकमे को हिला दिया है, बल्कि प्रेम, विवाह और आपसी विवाद के ऐसे उलझे हुए पहलुओं को सामने लाया है, जिसकी गुत्थी सुलझाना अब पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

कमरा नंबर 205 में मौत का तांडव

मृतक की पहचान जहानाबाद निवासी संतोष कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, संतोष सोमवार दोपहर करीब 12 बजे अपनी प्रेमिका आंचल के साथ होटल पहुंचा था। दोनों ने खुद को पति-पत्नी बताकर कमरा नंबर 205 बुक कराया था। होटल मैनेजर के अनुसार, रात 11 बजे तक सब कुछ सामान्य था और दोनों ने कमरे में खाना भी मंगवाया। लेकिन रात 1:30 बजे अचानक आंचल ने शोर मचाया कि संतोष की तबीयत बिगड़ गई है। जब होटल कर्मचारी कमरे में दाखिल हुए, तो संतोष बेड पर मृत पाया गया।

प्रेम कहानी और दो शादियों का पेचीदा मामला

पुलिस की प्रारंभिक जांच में एक चौंकाने वाली कहानी सामने आई है। पता चला है कि संतोष और आंचल ने पहले ही गुप्त रूप से शादी कर ली थी। लेकिन बाद में सामाजिक या पारिवारिक दबाव के कारण संतोष के परिजनों ने उसकी दूसरी शादी कहीं और करा दी थी। माना जा रहा है कि संतोष के दोहरे रिश्तों और दूसरी शादी के कारण दोनों के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था। पुलिस अब इसी ‘लव ट्राएंगल’ और पारिवारिक दबाव के एंगल से मामले की जांच कर रही है।

प्रेमिका का बयान बनाम परिजनों का आरोप

पुलिस ने संतोष की प्रेमिका आंचल को हिरासत में ले लिया है। पूछताछ के दौरान आंचल ने दावा किया कि जब वह सो रही थी, तब संतोष ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। हालांकि, संतोष के परिजनों ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है। परिजनों का आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है। उनका कहना है कि संतोष खुदकुशी नहीं कर सकता और आंचल ने सच छिपाने के लिए बीमारी और एम्बुलेंस का नाटक रचा।

फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी नज़र

रामकृष्ण नगर थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल (FSL) की टीम को बुलाया गया है। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने कमरे से साक्ष्य जुटाए हैं ताकि मौत के वैज्ञानिक कारणों का पता चल सके। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संतोष की मौत दम घुटने (फांसी) से हुई है या उसे कोई जहरीला पदार्थ दिया गया था।

होटल प्रबंधन और सीसीटीवी की भूमिका

जांच के घेरे में होटल प्रबंधन भी है। पुलिस यह जांच रही है कि क्या होटल में रुकने के दौरान पहचान पत्रों और नियमों का सही पालन हुआ था। साथ ही, होटल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि यह देखा जा सके कि घटना की रात कमरे में किसी और की आवाजाही तो नहीं हुई थी या कमरे के भीतर कोई संघर्ष तो नहीं हुआ था।

सामाजिक रिश्तों के लिए एक गंभीर चेतावनी

यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि समाज में रिश्तों के बीच बढ़ते अविश्वास और अंधी महत्वाकांक्षाओं का परिणाम भी है। प्रेम और सामाजिक मर्यादाओं के बीच जब टकराव होता है, तो उसका अंत कई बार ऐसी ही त्रासदियों में होता है।

फिलहाल यह मामला हत्या और आत्महत्या के बीच झूल रहा है। पुलिस हर संभावित सुराग पर काम कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक विश्लेषण के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि कमरा नंबर 205 की उस काली रात का असली सच क्या है।

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