BNT Desk: बिहार के बक्सर जिले में अपराध का ग्राफ थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन हो रही आपराधिक घटनाओं के बीच अब एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है जिसने पूरे जिले को हिलाकर रख दिया है। नया भोजपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में एक 20 वर्षीय युवती के साथ उसके ही घर में घुसकर सामूहिक दुष्कर्म (Gangrape) किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। इस घटना ने न केवल महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पुलिस की संवेदनशीलता को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है।
वारदात का विवरण
यह घटना नया भोजपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की है। पीड़िता की माँ के अनुसार, शुक्रवार की रात वह किसी जरूरी काम से अपने मायके गई हुई थी। घर में उसकी 20 साल की बेटी अकेली थी। इसी सूनेपन का फायदा उठाकर आरोपियों ने इस घिनौनी साजिश को अंजाम दिया।
आरोप है कि पड़ोस में ही रहने वाला एक व्यक्ति अपने दो अन्य साथियों के साथ दीवार फांदकर घर के भीतर घुस आया। इन तीनों ने मिलकर युवती के साथ हैवानियत की और सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। वारदात के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
थाने दर थाने भटकती रही पीड़िता
इस मामले में सबसे दुखद पहलू पुलिस का रवैया रहा। पीड़िता की माँ ने मीडिया के सामने आकर अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि घटना के तुरंत बाद जब वे न्याय की गुहार लेकर स्थानीय नया भोजपुर थाने पहुँचे, तो उन्हें वहां से भगा दिया गया।
-
टालमटोल की हद: स्थानीय पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय पीड़ित परिवार को महिला थाने जाने की सलाह देकर अपना पल्ला झाड़ लिया।
-
महिला थाने का रुख: जब परिवार बड़ी उम्मीदों के साथ महिला थाने पहुँचा, तो आरोप है कि वहां भी अधिकारियों ने मामले को दर्ज करने में टालमटोल की।
-
न्याय की गुहार: पुलिसिया कार्रवाई न होते देख परेशान माँ ने अंततः मीडिया का सहारा लिया और सरेआम न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने कहा, “अगर पुलिस वक्त पर कार्रवाई नहीं करेगी, तो अपराधी खुलेआम घूमते रहेंगे और हमारी बेटियां कभी सुरक्षित नहीं रह पाएंगी।”
इलाके में दहशत
जैसे ही यह खबर गांव और आसपास के इलाकों में फैली, लोगों में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों का कहना है कि बक्सर में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं।
-
पुरानी घटनाओं का खौफ: लोग अभी राजपुर की चर्चित घटना को भूले भी नहीं थे कि इस नई वारदात ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है।
-
असुरक्षा का भाव: गांव की महिलाओं और लड़कियों में डर बैठ गया है कि अगर पड़ोस में रहने वाले ही ऐसे कृत्यों में शामिल होंगे, तो समाज में किस पर भरोसा किया जाए।
बक्सर में बढ़ता अपराध ग्राफ
पिछले कुछ महीनों में बक्सर जिले में हत्या, लूट और महिलाओं के साथ छेड़खानी की घटनाओं में तेजी आई है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि पुलिस गश्ती की कमी और अपराधियों के मन में कानून का डर न होना ही ऐसी वारदातों की मुख्य वजह है। विशेषकर रात के समय ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था राम भरोसे है।
पुलिस और प्रशासन का पक्ष
मीडिया में मामला उछलने के बाद अब पुलिस के आला अधिकारी हरकत में आए हैं। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा और आरोपियों की पहचान के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है। हालांकि, शुरुआत में हुई देरी पर अभी तक कोई आधिकारिक सफाई नहीं दी गई है।
जागरूकता और सुरक्षा की जरूरत
बक्सर की यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है। निम्नलिखित कदम उठाए जाने अनिवार्य हैं:
-
कठोर दंड: आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी कर उन पर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलना चाहिए।
-
पुलिस की जवाबदेही: जिन पुलिसकर्मियों ने शुरुआत में मामले को टालने की कोशिश की, उन पर विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए।
-
महिला हेल्पडेस्क: ग्रामीण थानों में महिला हेल्पडेस्क को अधिक सक्रिय और संवेदनशील बनाने की जरूरत है।
-
गश्त बढ़ाना: संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुलिस गश्त और सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाना जरूरी है।
कब मिलेगी सुरक्षा?
आज सानिया (बदला हुआ नाम) और उसकी माँ न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही हैं। यह केवल एक परिवार की कहानी नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था की सच्चाई है जहाँ अपराध के बाद भी पीड़ित को संघर्ष करना पड़ता है। बक्सर की जनता अब प्रशासन से यह सवाल पूछ रही है कि आखिर कब तक बेटियां अपने ही घर में असुरक्षित रहेंगी? क्या अपराधियों को कानून का कोई डर नहीं है?