BNT Desk: बिहार की राजनीति में इन दिनों वह हलचल देखने को मिल रही है, जो अक्सर किसी बड़े सत्ता परिवर्तन की गवाह बनती है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हालिया कदमों ने राज्य के सियासी गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है। राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेने के बाद अब नीतीश कुमार ने अपने आधिकारिक मुख्यमंत्री आवास, 1 अणे मार्ग को छोड़ने की तैयारी पूरी कर ली है। वे जल्द ही 7 सर्कुलर रोड स्थित अपने नए ठिकाने पर शिफ्ट होने जा रहे हैं।
सामान की शिफ्टिंग शुरू: इस्तीफे के स्पष्ट संकेत
सूत्रों के मुताबिक, पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास (1 अणे मार्ग) से सामान हटाने की प्रक्रिया युद्धस्तर पर शुरू हो चुकी है। शुरुआती चरण में फर्नीचर, निजी सामान और अन्य जरूरी दस्तावेजों को ट्रैक्टरों के माध्यम से 7 सर्कुलर रोड ले जाया जा रहा है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि मुख्यमंत्री आवास से सामान का बाहर निकलना इस बात का सीधा संकेत है कि नीतीश कुमार जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं।
14 अप्रैल को इस्तीफा और 15 को नई सरकार!
बिहार के राजनीतिक हलकों में यह चर्चा जोरों पर है कि नीतीश कुमार 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इसके ठीक अगले दिन, यानी 15 अप्रैल को बिहार में नई सरकार का गठन होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। पिछले करीब डेढ़ महीने से जारी राजनीतिक उठापटक अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंचती दिख रही है। हालांकि, अभी तक जनता दल (यूनाइटेड) या सरकार की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन सरकारी आवास में चल रही हलचल ने सस्पेंस खत्म कर दिया है।
7 सर्कुलर रोड: नीतीश कुमार का पुराना और भरोसेमंद ठिकाना
नीतीश कुमार जिस 7 सर्कुलर रोड स्थित बंगले में जा रहे हैं, वह उनके लिए नया नहीं है। यह वही बंगला है जिसमें नीतीश कुमार ने उस वक्त शरण ली थी जब उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था और जीतन राम मांझी को कमान सौंपी थी।
वर्तमान में इस बंगले का उपयोग मुख्यमंत्री सचिवालय या कार्यालय के रूप में किया जा रहा था। अब इसे एक बार फिर नीतीश कुमार के निजी निवास के रूप में तैयार किया जा रहा है। बंगले में मरम्मत का काम अंतिम चरण में है और बताया जा रहा है कि वहां ‘नीतीश कुमार’ के नाम की नई नेमप्लेट (बोर्ड) लगाने की तैयारी भी शुरू हो गई है।
कैसा है नीतीश कुमार का नया आशियाना?
7 सर्कुलर रोड का यह बंगला अपनी मजबूती और आधुनिक सुविधाओं के लिए जाना जाता है। इसे खुद नीतीश कुमार की विशेष देखरेख में तैयार कराया गया था:
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भूकंपरोधी तकनीक: यह आवास पूरी तरह से भूकंपरोधी है और रिक्टर स्केल पर तेज झटकों को भी सहन करने में सक्षम है।
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कोलकाता की घास: बंगले के विशाल लॉन को खूबसूरती देने के लिए विशेष तौर पर कोलकाता से मखमली घास मंगवाई गई है।
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गैस पाइपलाइन: आधुनिक जीवनशैली को देखते हुए इस आवास में PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन की सुविधा भी दी जा रही है।
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सांसद के रूप में पहचान: चूंकि नीतीश अब राज्यसभा सांसद हैं, इसलिए यह बंगला उनके राज्य में रहने का मुख्य आधार बनेगा।
लालू यादव के पड़ोसी बनेंगे नीतीश
दिलचस्प बात यह है कि 7 सर्कुलर रोड स्थित यह बंगला, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास के बिल्कुल बगल में है। ऐसे में बिहार की राजनीति के दो सबसे बड़े धुरंधर अब एक बार फिर पड़ोसी बनने जा रहे हैं। भले ही नीतीश कुमार दिल्ली में सांसद के तौर पर सक्रिय रहेंगे, लेकिन पटना में इस बंगले की तैयारी दर्शाती है कि वे बिहार की राजनीति पर अपनी पकड़ कमजोर नहीं होने देंगे।
20 साल का सफर और अब विदाई की बारी
नीतीश कुमार पिछले लगभग 20 वर्षों से बिहार की सत्ता के केंद्र में हैं और अधिकांश समय उन्होंने 1 अणे मार्ग से ही शासन चलाया है। अब जब वे इस्तीफा देंगे, तो यह प्रतिष्ठित आवास बिहार के नए मुख्यमंत्री के लिए उपलब्ध हो जाएगा। नीतीश अब बतौर ‘पूर्व मुख्यमंत्री’ और ‘सांसद’ अपने नए बंगले में समय बिताएंगे।
क्या होगा बिहार का अगला सियासी समीकरण?
नीतीश कुमार के इस कदम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या बिहार में एक बार फिर NDA की नई सरकार बनेगी? क्या भाजपा का कोई चेहरा मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालेगा? या फिर कोई नया गठबंधन चौंकाने वाला फैसला लेगा? फिलहाल विपक्षी खेमा भी अपनी रणनीति बनाने में जुटा है। 14 और 15 अप्रैल की तारीखें बिहार के भविष्य के लिए बेहद निर्णायक साबित होने वाली हैं। राज्य की जनता और राजनीतिक विशेषज्ञ, दोनों की नजरें अब 7 सर्कुलर रोड की ओर मुड़ गई हैं।