नीतीश कुमार ने ली राज्यसभा सदस्य की शपथ: संसदीय इतिहास में बनाया अनोखा रिकॉर्ड

BiharNewsAuthor
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BNT Desk: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेकर अपने राजनीतिक जीवन का एक नया अध्याय शुरू किया। संसद भवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

इस ऐतिहासिक पल के गवाह केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, जेपी नड्डा, और अर्जुन राम मेघवाल समेत बिहार एनडीए के कई दिग्गज नेता बने। शपथ ग्रहण के दौरान एक दिलचस्प पल तब आया जब जेपी नड्डा ने उन्हें हस्ताक्षर के लिए पेन दिया। साइन करने के बाद नीतीश कुमार ने स्वाभाविक अंदाज में कहा, “हो गया.. चलें…”, जिस पर उन्हें फोटो सेशन के लिए रुकने का आग्रह किया गया।

चारों सदनों के सदस्य बनने वाले बिरले नेता

नीतीश कुमार ने राज्यसभा पहुँचते ही एक दुर्लभ रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। वे भारत के उन गिने-चुने नेताओं में शामिल हो गए हैं जो चारों सदनों का हिस्सा रहे हैं:

  1. लोकसभा: 6 बार सांसद।

  2. बिहार विधानसभा: 2 बार विधायक।

  3. बिहार विधान परिषद: 4 बार सदस्य (MLC)।

  4. राज्यसभा: पहली बार सदस्य।

दिल्ली में हलचल: पीएम मोदी और अमित शाह से होगी मुलाकात

शपथ ग्रहण के बाद नीतीश कुमार की मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से होनी तय है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस मुलाकात में बिहार की नई राजनीतिक रणनीति और एनडीए सरकार के आगामी स्वरूप पर अंतिम मुहर लगेगी।

इससे पहले सुबह दिल्ली स्थित उनके आवास पर जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, राज्यसभा सांसद रामनाथ ठाकुर, और बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने मुलाकात की। इन मुलाकातों को बिहार में होने वाले संभावित सत्ता परिवर्तन की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।

14 अप्रैल को दे सकते हैं इस्तीफा: खरमास के बाद नई सरकार

सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार आज शाम ही पटना लौट जाएंगे। उनके भविष्य के कार्यक्रमों का खाका भी लगभग तैयार है:

  • 13 अप्रैल: कैबिनेट की आखिरी बैठक की अध्यक्षता करेंगे।

  • 14 अप्रैल: मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इसी दिन एनडीए विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें नए मुख्यमंत्री के नाम का आधिकारिक ऐलान किया जाएगा।

दिल्ली में नीतीश कुमार ने स्पष्ट संकेत देते हुए कहा, “अब यहीं रहूंगा। बहुत समय तक यहां काम किया है, अब फिर से यहीं काम करूंगा। 20 सालों तक बिहार में बहुत काम किया है, आगे भी काम जारी रहेगा।” उनके इस बयान से साफ है कि वे अब केंद्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका निभाने को तैयार हैं।

बिहार में नया समीकरण: जेडीयू के दो डिप्टी सीएम और निशांत की चर्चा

बिहार की नई सरकार में जेडीयू को इस बार नई भूमिका मिल सकती है। चर्चा है कि भाजपा के पुराने फॉर्मूले की तरह इस बार जेडीयू से दो डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं।

सबसे चौंकाने वाली चर्चा नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर है। जेडीयू सूत्रों के अनुसार, निशांत कुमार का डिप्टी सीएम बनना लगभग तय माना जा रहा है। यदि ऐसा होता है, तो बिहार में जेडीयू की कमान निशांत के हाथों में होगी। इसके अलावा, विधानसभा स्पीकर का पद भी इस बार जेडीयू के खाते में जा सकता है।

भाजपा कोर ग्रुप की बैठक: कौन होगा अगला मुख्यमंत्री?

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार की कमान किसके हाथ में होगी, इसे लेकर दिल्ली में भाजपा कोर ग्रुप की अहम बैठक बुलाई गई है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन राज्य के वरिष्ठ नेताओं के साथ मंथन कर रहे हैं। भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक से पहले किसी एक नाम पर सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है ताकि सत्ता हस्तांतरण के दौरान कोई मतभेद न रहे।

नीतीश कुमार का सफर: 10 बार सीएम बनने का रिकॉर्ड

साल 2005 से बिहार की सत्ता के केंद्र में रहे नीतीश कुमार ने अब तक 10 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है, जो भारतीय राजनीति में एक रिकॉर्ड है। अब उनके दिल्ली शिफ्ट होने से बिहार की राजनीति में एक बड़े युग का अंत और नए युग की शुरुआत होने जा रही है।

पटना की सड़कों पर पोस्टर लगाकर समर्थक उनसे बिहार न छोड़ने की अपील कर रहे हैं, लेकिन नीतीश कुमार अब राष्ट्रीय पटल पर अपनी नई पारी शुरू करने का मन बना चुके हैं।

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