बिहार: असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति प्रक्रिया बदली; अब लिखित परीक्षा और इंटरव्यू से होगा चयन

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BNT Desk: बिहार के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार ने नई नियुक्ति नियमावली को मंजूरी दे दी है, जो 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई है। यह नई व्यवस्था चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और गुणवत्ता लाने के उद्देश्य से लागू की गई है।

चयन प्रक्रिया: लिखित परीक्षा और इंटरव्यू

नई नियमावली के अनुसार, असिस्टेंट प्रोफेसर का चयन अब कुल 200 अंकों के आधार पर किया जाएगा। इसमें 175 अंकों की तीन घंटे की एक लिखित परीक्षा होगी। शेष 25 अंक इंटरव्यू के लिए निर्धारित किए गए हैं, जिसमें 13 अंक ‘टीचिंग डेमो’ (पढ़ाने के कौशल) के लिए और 12 अंक बोर्ड के साथ बातचीत के लिए होंगे। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, टीचिंग डेमो की पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग करना अनिवार्य कर दिया गया है।

उम्र सीमा और शैक्षणिक योग्यता

नई नियमावली में अधिकतम आयु सीमा 43 वर्ष निर्धारित की गई है। शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो संबंधित विषय में कम से कम 55 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातकोत्तर (PG) डिग्री होना आवश्यक है। हालांकि, बिहार के एससी, एसटी, ईबीसी, बीसी (नॉन-क्रीमी लेयर) और दिव्यांग अभ्यर्थियों को न्यूनतम अंकों में 5 प्रतिशत की छूट दी गई है। साथ ही, NET या SET उत्तीर्ण करना अनिवार्य है, जबकि यूजीसी के नियमों के अनुसार पीएचडी डिग्रीधारकों को NET परीक्षा से छूट मिलेगी।

पीएचडी के लिए नए मानक

पीएचडी डिग्री की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए अब सख्त मानक तय किए गए हैं। प्रत्येक पीएचडी का मूल्यांकन दो बाहरी परीक्षकों द्वारा किया जाना अनिवार्य है। इसके अलावा, अभ्यर्थी के पास कम से कम दो शोध पत्र प्रकाशित होने चाहिए और एक शोध जर्नल भी प्रकाशित होना आवश्यक है। यदि किसी अभ्यर्थी ने विदेश से पीएचडी की है, तो उस विश्वविद्यालय का विश्व के शीर्ष 500 संस्थानों में शामिल होना जरूरी है।

नियुक्ति और प्रशासनिक बदलाव

नियमित नियुक्तियों का कार्य ‘बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग’ की अनुशंसा पर किया जाएगा। नियुक्ति प्रक्रिया को और अधिक गति देने के लिए राज्य कैबिनेट ने आयोग की संचालन नियमावली में संशोधन किया है। अब राज्य सरकार की अनुमति से आयोग आवश्यकतानुसार अतिरिक्त इंटरव्यू बोर्ड का गठन कर सकेगा, जिससे बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के साक्षात्कार कम समय में पूरे हो सकें।

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