BNT Desk: बिहार में आय से अधिक संपत्ति के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई की है। बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड के उप निदेशक अजय कुमार सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करने के बाद EOU की कई टीमों ने उनके अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की है। पटना से लेकर बेगूसराय तक चल रही इस कार्रवाई में अधिकारियों की टीम दस्तावेजों, नकदी, आभूषण और अन्य संपत्तियों से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है। EOU के मुताबिक, जांच के दौरान अजय कुमार सिंह के पास उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति होने के साक्ष्य मिले हैं। प्रारंभिक जांच में करीब 3 करोड़ 43 लाख 78 हजार 300 रुपये की ऐसी संपत्ति का पता चला है, जिसे उनकी आय के मुकाबले अधिक माना गया है। यह राशि उनकी आय से करीब 90.04 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है।
पटना और बेगूसराय में एक साथ छापेमारी
आर्थिक अपराध इकाई ने अजय कुमार सिंह से जुड़े कई ठिकानों को जांच के दायरे में लिया है। पटना के खाजपुरा और मीठापुर में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा बेगूसराय जिले में स्थित उनके पैतृक आवास पर भी EOU की टीम पहुंची है। खाजपुरा के आकाशवाणी रोड स्थित चंद्रतारा भवन में भी अधिकारियों की टीम तलाशी ले रही है। वहीं मीठापुर स्थित बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड के कार्यालय कक्ष की भी जांच की जा रही है। बेगूसराय के साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र स्थित अजय कुमार सिंह के पैतृक मकान पर भी अलग टीम पहुंची है। सभी स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की जा रही है।
DSP स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में कार्रवाई
EOU की इस कार्रवाई को लेकर सुरक्षा और जांच के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। अलग-अलग ठिकानों पर पहुंची टीमों का नेतृत्व DSP स्तर के अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है। अधिकारी घर और कार्यालय में मौजूद दस्तावेजों तथा अन्य सामानों की बारीकी से जांच कर रहे हैं। तलाशी के दौरान संपत्ति से जुड़े कागजात, बैंक खातों, निवेश, जमीन-जायदाद और अन्य वित्तीय लेनदेन से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अजय कुमार सिंह के पास मौजूद संपत्तियां उनकी वैध आय से किस तरह जुड़ी हैं।
घर से नकदी और आभूषण मिलने की बात
छापेमारी के दौरान पटना स्थित आवास से 500 रुपये के नोटों की कई गड्डियां मिलने की बात सामने आई है। इसके अलावा अधिकारियों को आभूषण भी मिले हैं। हालांकि, बरामद नकदी और आभूषणों की कुल कीमत का अंतिम आकलन तलाशी पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। EOU की टीम बरामद सामान और दस्तावेजों का मिलान अजय कुमार सिंह की घोषित आय और संपत्ति से कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बरामद संपत्ति में से कितनी राशि और संपत्ति आय से अधिक संपत्ति के मामले में शामिल है।
आय से 90.04 प्रतिशत अधिक संपत्ति का आरोप
प्रारंभिक जांच के आधार पर अजय कुमार सिंह पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। EOU के अनुसार, उनके पास करीब 3.43 करोड़ रुपये की ऐसी संपत्ति अर्जित किए जाने के साक्ष्य मिले हैं, जो उनकी ज्ञात आय से लगभग 90.04 प्रतिशत अधिक बताई गई है। इसी आधार पर उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। FIR दर्ज होने के बाद EOU ने एक साथ कई ठिकानों पर तलाशी अभियान शुरू किया है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर आय से अधिक संपत्ति किन माध्यमों से अर्जित की गई। इसके लिए अधिकारियों द्वारा बैंकिंग लेनदेन, संपत्ति खरीद, निवेश और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
कार्यालय कक्ष की भी हो रही तलाशी
अजय कुमार सिंह बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड में उप निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। इसी वजह से EOU ने उनके कार्यालय से जुड़े रिकॉर्ड को भी जांच के दायरे में लिया है। मीठापुर स्थित बोर्ड के कार्यालय कक्ष में तलाशी के दौरान आधिकारिक दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। अधिकारियों का फोकस ऐसे दस्तावेजों पर है, जिनसे संपत्ति और आय से संबंधित जानकारी सामने आ सकती है। फिलहाल EOU की कार्रवाई जारी है। तलाशी पूरी होने के बाद बरामद नकदी, आभूषण, दस्तावेज और अन्य संपत्तियों की विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है। इसके बाद जांच एजेंसी मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।