पटना: NEET-UG धांधली मामले में बढ़ेगी गिरफ्तारी, आधा दर्जन मेडिकल कॉलेजों के MBBS छात्रों पर EOU की नजर

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BNT Desk: NEET-UG परीक्षा में हुई कथित धांधली की जांच अब और तेज हो गई है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को जांच के दौरान कई अहम जानकारियां मिली हैं। डॉ. रविशंकर उर्फ सम्राट और डॉ. उज्ज्वल की गिरफ्तारी के बाद अब इस मामले में कुछ और डॉक्टरों और MBBS छात्रों की गिरफ्तारी हो सकती है। EOU करीब आधा दर्जन मेडिकल कॉलेजों के MBBS छात्रों की तलाश कर रही है। जांच एजेंसी को आशंका है कि इन छात्रों ने NEET-UG परीक्षा में स्कॉलर के तौर पर दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा दी थी। EOU इस पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान करने में जुटी है। जांच का दायरा अब मेडिकल कॉलेजों के छात्रों के अलावा नर्सिंग और डेंटल कॉलेजों तक भी पहुंच गया है।

 

कई मेडिकल कॉलेजों के छात्रों की तलाश

EOU जिन छात्रों की तलाश कर रही है, उनमें पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH), नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (NMCH), गया के ANMCH, बेतिया मेडिकल कॉलेज और पावापुरी मेडिकल कॉलेज से जुड़े MBBS छात्र शामिल बताए जा रहे हैं। इन सभी पर आरोप है कि उन्होंने NEET-UG परीक्षा में दूसरे अभ्यर्थियों के लिए स्कॉलर के रूप में फर्जी तरीके से परीक्षा दी। जांच एजेंसी अब इन आरोपों की पुष्टि के लिए दस्तावेज, परीक्षा रिकॉर्ड और अन्य सबूतों की जांच कर रही है। EOU का मानना है कि परीक्षा में धांधली का नेटवर्क सिर्फ कुछ लोगों तक सीमित नहीं था। इसके पीछे कई स्तर पर काम करने वाले लोग हो सकते हैं। इसी वजह से जांच एजेंसी अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों के छात्रों और अन्य संदिग्धों से पूछताछ कर रही है।

 

नर्सिंग और डेंटल कॉलेजों तक पहुंची जांच

NEET-UG धांधली मामले की जांच में EOU को नर्सिंग कॉलेज और डेंटल कॉलेज के छात्रों के भी इस नेटवर्क से जुड़े होने की जानकारी मिली है। ऐसे छात्रों की भी तलाश की जा रही है। इसके अलावा परीक्षा में फर्जीवाड़े में मदद करने वाले बायोमीट्रिक मैनपावर सप्लायर और वेंडरों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। फर्जी आधार कार्ड तैयार करने वाले लोगों तक पहुंचने के लिए भी छापेमारी की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी अभ्यर्थियों की पहचान और दस्तावेज तैयार करने से लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने में किन-किन लोगों की भूमिका रही।

 

डॉ. रविशंकर और उसके भाई से दोबारा होगी पूछताछ

इस मामले में न्यायिक हिरासत में भेजे गए डॉ. रविशंकर और उसके भाई अश्विनी से EOU दोबारा पूछताछ करने की तैयारी में है। इसके लिए दोनों को जल्द ही रिमांड पर लेने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। जांच एजेंसी को दोनों से पूछताछ के दौरान गिरोह से जुड़े कई अहम सुराग मिलने की बात सामने आई है। EOU अब इन जानकारियों के आधार पर दूसरे संदिग्धों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

 

अगले साल की NEET परीक्षा को लेकर भी जांच

EOU की जांच केवल इस साल हुई NEET-UG परीक्षा तक सीमित नहीं है। अगले साल होने वाली NEET परीक्षा में भी धांधली की तैयारी किए जाने के मामले की जांच चल रही है। जांच में ऑनलाइन परीक्षा केंद्र के साथ करार करने की बात सामने आई है। इस सिलसिले में गिरोह के साथ कथित तौर पर करार करने वाले सनराइज इनोवेशन ऑनलाइन एग्जाम सेंटर के संचालक से भी पूछताछ की जाएगी। EOU यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गिरोह भविष्य की परीक्षाओं में भी धांधली करने की तैयारी कर रहा था या नहीं।

 

AKU की MBBS परीक्षा में भी सेटिंग का आरोप

जांच के दौरान EOU को आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय (AKU) की MBBS परीक्षाओं में भी कथित सेटिंग के संकेत मिले हैं। गिरफ्तार डॉ. रविशंकर, डॉ. उज्ज्वल और अश्विनी से पूछताछ में इस संबंध में जानकारी मिलने की बात कही गई है। अश्विनी के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान AKU की MBBS परीक्षा से जुड़ी खाली बुकलेट मिलने की भी जानकारी सामने आई है। अब EOU इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन से भी जानकारी मांगेगी। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इन खाली बुकलेट का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था और परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी की गई थी या नहीं।

 

कई परीक्षाओं से जुड़े दस्तावेज बरामद

छापेमारी के दौरान EOU को अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े कई दस्तावेज भी मिले हैं। इनमें AE/DPO परीक्षा, NEET, BPSC, BSSC और अन्य परीक्षाओं के अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड, अंकपत्र, मूल प्रमाण-पत्र और ट्रांसफर सर्टिफिकेट शामिल बताए गए हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर EOU अब गिरोह से जुड़े अभ्यर्थियों की पहचान कर रही है। जांच एजेंसी सभी दस्तावेजों का सत्यापन भी करा रही है। जिन लोगों के एडमिट कार्ड, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और ब्लैंक चेक बरामद हुए हैं, उन्हें नोटिस देकर पूछताछ के लिए EOU कार्यालय बुलाया जा रहा है।

 

आगे और लोगों पर हो सकती है कार्रवाई

NEET-UG धांधली मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ आरोपितों की संख्या बढ़ सकती है। EOU मेडिकल छात्रों के साथ-साथ उन लोगों की भी तलाश कर रही है, जिन्होंने परीक्षा में कथित फर्जीवाड़े को अंजाम देने में मदद की। जांच एजेंसी अब परीक्षा केंद्र, बायोमीट्रिक सत्यापन, फर्जी दस्तावेज, अभ्यर्थियों और गिरोह के बीच संपर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां और पूछताछ होने की संभावना है।

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