BNT Desk: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की आगामी 21 जून को होने वाली री-एग्जाम (पुनः परीक्षा) को लेकर बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। परीक्षा के सफल और निष्पक्ष आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए ईओयू ने परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और कड़क एडवाइजरी जारी की है। EOU ने आशंका जताई है कि परीक्षा से ठीक पहले साइबर अपराधी, सॉल्वर गैंग और असामाजिक तत्व एक्टिव हो सकते हैं। ये लोग सोशल मीडिया और फर्जी कॉल के जरिए पेपर लीक करने या एडवांस में प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का झूठा दावा कर छात्रों को अपनी ठगी का शिकार बना सकते हैं।
सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पैनी नजर
आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने अपनी एडवाइजरी में साफ कहा है कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, व्हाट्सएप और यूट्यूब जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर कुछ शातिर अपराधी परीक्षा से जुड़ी भ्रामक जानकारियां फैला सकते हैं। पिछले अनुभवों को देखते हुए पुलिस ने सचेत किया है कि कई गुप्त टेलीग्राम ग्रुप्स या व्हाट्सएप कम्युनिटीज में प्रश्नपत्र या आंसर-की (Answer Key) उपलब्ध कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से मोटी रकम मांगी जाती है। ईओयू ने सख्त लहजे में परीक्षार्थियों को सलाह दी है कि वे ऐसे किसी भी झांसे या लालच में बिल्कुल न आएं और किसी भी अनजान व्यक्ति को ऑनलाइन या कैश पैसे न दें।
फोन, ई-मेल या मैसेज आए तो तुरंत रहें सतर्क
अगर आपके पास या आपके परिवार के किसी सदस्य के पास कोई ऐसा फोन कॉल, ई-मेल या व्हाट्सएप मैसेज आता है, जिसमें 21 जून की परीक्षा का पेपर पहले ही सेट करा देने या पास कराने का दावा किया जा रहा हो, तो उसे तुरंत संदेह की नजर से देखें। EOU ने अपील की है कि ऐसे किसी भी कॉल को रिकॉर्ड करें और उसकी जानकारी बिना समय गंवाए अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या जिला साइबर थाना को दें। अपराधियों के झांसे में आकर अपनी मेहनत और पैसे बर्बाद न करें।
अफवाहों को आगे न बढ़ाएं, URL रखें सुरक्षित
अक्सर देखा जाता है कि परीक्षा के दिन या उससे एक दिन पहले सोशल मीडिया पर फर्जी प्रश्नपत्र वायरल कर दिए जाते हैं, जिससे अभ्यर्थियों के बीच भ्रम और डर का माहौल बन जाता है। इस संबंध में ईओयू ने सख्त हिदायत दी है:
-
मैसेज फॉरवर्ड न करें: परीक्षा से संबंधित किसी भी अपुष्ट या भ्रामक मैसेज, फोटो या पीडीएफ को आगे फॉरवर्ड या शेयर न करें। ऐसा करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आ सकता है।
-
URL सुरक्षित रखें: यदि आपको सोशल मीडिया पर पेपर लीक या प्रश्नपत्र वायरल होने का कोई भी दावा दिखाई देता है, तो उस पोस्ट का स्क्रीनशॉट लेने के साथ-साथ उसका लिंक (URL) कॉपी कर सुरक्षित रख लें और तुरंत पुलिस को सौंपें ताकि अपराधी की पहचान की जा सके।
संदिग्ध गतिविधि दिखने पर कहाँ और कैसे करें शिकायत?
आर्थिक अपराध इकाई ने परीक्षार्थियों की मदद के लिए अपने आधिकारिक संपर्क सूत्र (Contact Details) जारी किए हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, पेपर लीक की गुप्त सूचना या साइबर ठगी के प्रयास की जानकारी तुरंत नीचे दिए गए माध्यमों पर दें:
आर्थिक अपराध इकाई (EOU), बिहार, पटना
व्हाट्सएप/मोबाइल नंबर: 9031829067
राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर: 1930 (इस नंबर पर भी तुरंत कॉल कर साइबर फ्रॉड की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है)।
10 साल की सजा और ₹1 करोड़ का जुर्माना
ईओयू ने उन असामाजिक तत्वों और गिरोहों को भी कड़े शब्दों में चेतावनी दी है जो परीक्षा में गड़बड़ी करने की फिराक में हैं। EOU ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में किसी भी प्रकार का कदाचार (Cheating), पेपर लीक या अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ केंद्र सरकार के नए कानून पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 के तहत बेहद सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस नए कानून के कड़े प्रावधानों के तहत दोषियों को 10 वर्ष तक की जेल (कठोर कारावास) और 1 करोड़ रुपये तक का भारी जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। इसके अलावा, भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 के तहत भी धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
केवल आधिकारिक सूचना पर ही करें भरोसा
लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों और सोशल मीडिया पर उड़ने वाली अफवाहों के बीच बिहार पुलिस की यह एडवाइजरी नीट के परीक्षार्थियों के लिए मानसिक रूप से शांत रहने का एक बड़ा जरिया है। प्रशासन ने सभी छात्रों से शांत दिमाग से परीक्षा की तैयारी करने को कहा है और अपील की है कि वे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) या आधिकारिक सरकारी वेबसाइटों पर जारी सूचनाओं को ही सच मानें।