नवादा: आयुष भालोटिया ने रचा इतिहास, NEET-UG में पूरे देश में हासिल की चौथी रैंक, परिवार में जश्न और पूरे जिले में खुशी की लहर

BiharNewsAuthor
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BNT Desk: बिहार के नवादा जिले के वारिसलीगंज निवासी आयुष भालोटिया ने NEET-UG परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर पूरे जिले और राज्य का नाम रोशन कर दिया है। आयुष ने पूरे भारत में चौथी रैंक हासिल की है। मेडिकल की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाने वाली NEET-UG में यह उपलब्धि हासिल करना बड़ी सफलता मानी जा रही है।

 

रिजल्ट आते ही घर में शुरू हुआ जश्न

NEET-UG का रिजल्ट घोषित होते ही भालोटिया परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। परिवार के सदस्य एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर और गले लगकर इस खास पल का जश्न मना रहे हैं। रिश्तेदार, दोस्त और आसपास के लोग भी आयुष को बधाई देने पहुंच रहे हैं।

 

वारिसलीगंज से देशभर में बनाई पहचान

आयुष भालोटिया नवादा जिले के वारिसलीगंज के रहने वाले हैं। उनके पिता का नाम सुनील कुमार भालोटिया है। आयुष ने अपनी शुरुआती पढ़ाई और मैट्रिक तथा इंटरमीडिएट की शिक्षा वारिसलीगंज के एक निजी विद्यालय से पूरी की। छोटे शहर से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर यह उपलब्धि हासिल करना कई छात्रों के लिए प्रेरणा बन गया है।

 

मेहनत और लगन से मिली सफलता

आयुष की इस सफलता के पीछे उनकी लगातार मेहनत, अनुशासन और पढ़ाई के प्रति समर्पण को सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है। उन्होंने नियमित तैयारी और आत्मविश्वास के दम पर देशभर के लाखों अभ्यर्थियों के बीच चौथा स्थान हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि की हर ओर चर्चा हो रही है।

 

पूरे नवादा में गर्व का माहौल

आयुष की सफलता से पूरे नवादा जिले में खुशी और गर्व का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने यह साबित कर दिया है कि अगर मेहनत और सही दिशा में तैयारी की जाए, तो छोटे शहरों के छात्र भी राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं।

 

दूसरे छात्रों के लिए बने प्रेरणा

आयुष भालोटिया की उपलब्धि अब मेडिकल की तैयारी कर रहे हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा बन गई है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि सीमित संसाधन कभी भी बड़े सपनों के रास्ते में रुकावट नहीं बनते। सही मेहनत, धैर्य और लक्ष्य के प्रति समर्पण से किसी भी मुकाम तक पहुंचा जा सकता है।

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