पटना: बेऊर जेल में तेजप्रताप यादव की तबीयत बिगड़ी, सीने में दर्द के बाद मेडिकल वार्ड में भर्ती, जमानत याचिका दाखिल

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BNT Desk: बिहार बंद के दौरान कथित हिंसा और उपद्रव के मामले में गिरफ्तार जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव की तबीयत जेल में बिगड़ गई है। जानकारी के अनुसार, उन्हें सीने में दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद जेल प्रशासन ने तुरंत डॉक्टरों को बुलाया। शुरुआती जांच के बाद उन्हें बेऊर जेल के मेडिकल ऑब्जर्वेशन वार्ड में भर्ती कर दिया गया। फिलहाल डॉक्टर उनकी सेहत पर लगातार नजर रखे हुए हैं।

 

सीने में दर्द के बाद डॉक्टरों की निगरानी में

जेल सूत्रों के अनुसार, तेजप्रताप यादव ने सीने में दर्द और बेचैनी की शिकायत की थी। इसके बाद मेडिकल टीम ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। डॉक्टरों ने एहतियात के तौर पर उन्हें मेडिकल ऑब्जर्वेशन वार्ड में रखने का फैसला लिया ताकि उनकी हालत पर लगातार नजर रखी जा सके। फिलहाल जेल प्रशासन का कहना है कि उनकी नियमित जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे की चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

 

अदालत में दाखिल की गई जमानत याचिका

इधर, तेजप्रताप यादव की ओर से अदालत में जमानत याचिका भी दाखिल कर दी गई है। अब उनकी जमानत पर अदालत के फैसले का इंतजार किया जा रहा है। बचाव पक्ष ने अदालत से जल्द सुनवाई की मांग की है। वहीं पुलिस की ओर से मामले में अपना पक्ष रखा जाएगा। अदालत दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला करेगी कि उन्हें जमानत दी जाए या नहीं।

 

बिहार बंद हिंसा मामले में दर्ज है केस

पटना के गांधी मैदान थाने में तेजप्रताप यादव के खिलाफ 12 से अधिक गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने उन पर हत्या के प्रयास, दंगा भड़काने, कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, सार्वजनिक अशांति फैलाने और अश्लील प्रदर्शन सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस का कहना है कि बिहार बंद के दौरान कई जगह हिंसा, तोड़फोड़ और उपद्रव की घटनाएं हुई थीं। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और वीडियो फुटेज के आधार पर तेजप्रताप यादव की भूमिका सामने आने का दावा किया गया है। इसी आधार पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।

 

देर रात कोर्ट में पेशी, 14 दिन की न्यायिक हिरासत

गिरफ्तारी के बाद शनिवार देर रात करीब 12:15 बजे पुलिस तेजप्रताप यादव को नौबतपुर थाने से कड़ी सुरक्षा के बीच छज्जूबाग स्थित मजिस्ट्रेट कोर्ट लेकर पहुंची। अदालत में पेशी के दौरान पुलिस ने मामले से जुड़े दस्तावेज और आरोपों की जानकारी दी। सुनवाई के बाद अदालत ने तेजप्रताप यादव को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इसके बाद उन्हें बेऊर केंद्रीय कारागार भेज दिया गया, जहां फिलहाल वे न्यायिक हिरासत में हैं।

 

जेल प्रशासन ने किए जरूरी इंतजाम

जेल प्रशासन का कहना है कि तेजप्रताप यादव की तबीयत पर लगातार नजर रखी जा रही है। डॉक्टर समय-समय पर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कर रहे हैं। यदि उनकी तबीयत में किसी तरह की और परेशानी होती है तो उन्हें बेहतर इलाज के लिए अस्पताल भी भेजा जा सकता है। फिलहाल मेडिकल टीम उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

 

राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा

तेजप्रताप यादव की गिरफ्तारी और जेल में तबीयत बिगड़ने की खबर के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। उनके समर्थक लगातार उनके स्वास्थ्य की जानकारी ले रहे हैं। वहीं विपक्षी दल भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस मामले का असर आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति पर भी पड़ सकता है। हालांकि फिलहाल सभी की नजर अदालत में दाखिल जमानत याचिका और मेडिकल रिपोर्ट पर टिकी हुई है।

 

पुलिस ने क्या कहा?

पुलिस का कहना है कि बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा के मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, अब तक मिले साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है और जांच अभी भी जारी है। यदि जांच में और तथ्य सामने आते हैं तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी कहा है कि किसी भी आरोपी के साथ कानून के अनुसार ही व्यवहार किया जा रहा है। वहीं जेल प्रशासन का कहना है कि सभी बंदियों की तरह तेजप्रताप यादव को भी जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

 

आगे क्या होगा?

अब इस मामले में सबसे बड़ा सवाल तेजप्रताप यादव की जमानत को लेकर है। अदालत में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद यह तय होगा कि उन्हें राहत मिलती है या उन्हें न्यायिक हिरासत में ही रहना होगा। दूसरी ओर, उनकी मेडिकल रिपोर्ट भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि डॉक्टर किसी विशेष इलाज की जरूरत बताते हैं, तो अदालत और जेल प्रशासन आगे का फैसला ले सकते हैं। फिलहाल पूरे मामले पर पुलिस, जेल प्रशासन, अदालत और राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में अदालत की सुनवाई और जांच की प्रगति के बाद इस मामले में आगे की तस्वीर साफ होगी।

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