BNT Desk: भागलपुर के सुल्तानगंज में आयोजित विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला को लेकर राज्य सरकार श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने में जुटी है। इसी कड़ी में बिहार सरकार के पीएचडी मंत्री संजय कुमार सिंह ने शुक्रवार को कांवड़िया पथ के कमराय चौक के पास बनाए गए जर्मन हैंगर सेवा शिविर का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने शिविर में उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण किया और अधिकारियों को श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने देने के निर्देश दिए।
श्रावणी मेला के दौरान हर साल लाखों शिवभक्त सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर पैदल देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना होते हैं। ऐसे में रास्ते में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से पीएचडी विभाग की ओर से इस वर्ष कई स्थानों पर आधुनिक जर्मन हैंगर टेंट लगाए गए हैं।
भव्य स्वागत के बीच हुआ उद्घाटन
उद्घाटन समारोह के दौरान पीएचडी मंत्री संजय कुमार सिंह का स्थानीय जनप्रतिनिधियों, भाजपा नेताओं और एनडीए कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। भाजपा नेता रवि कुमार सुमन उर्फ अरुण मंडल, पूर्व नगर उपसभापति मनोज यादव, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहम्मद नसीम, पियूष कुमार सहित कई नेताओं ने मंत्री को बुके और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।
इस मौके पर पीएचडी विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी, अभियंता और स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। उद्घाटन के बाद मंत्री ने पूरे शिविर का निरीक्षण किया और अधिकारियों से व्यवस्था की जानकारी ली।
कांवड़ियों से सीधे की बातचीत
निरीक्षण के दौरान मंत्री संजय कुमार सिंह ने जर्मन हैंगर टेंट में ठहरे कांवड़ियों से बातचीत की। उन्होंने श्रद्धालुओं से पूछा कि उन्हें रहने, पीने के पानी, शौचालय और अन्य सुविधाओं में किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं हो रही है।
कांवड़ियों ने मंत्री को बताया कि शिविर में अच्छी व्यवस्था की गई है। उन्होंने साफ-सफाई, पेयजल और विश्राम की सुविधाओं पर संतोष जताया। श्रद्धालुओं ने सरकार और प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना भी की।
पीएचडी विभाग की ओर से विशेष इंतजाम
मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री संजय कुमार सिंह ने कहा कि इस बार श्रावणी मेला में आने वाले कांवड़ियों की सुविधा के लिए पीएचडी विभाग ने विशेष तैयारी की है। विभाग की ओर से कांवड़िया पथ के विभिन्न स्थानों पर जर्मन हैंगर टेंट लगाए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को आराम करने के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक स्थान मिल सके।
उन्होंने बताया कि इन शिविरों में शुद्ध पेयजल, चापाकल, स्वच्छ शौचालय, स्नान के लिए झरने और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा विभाग के अधिकारी लगातार पूरे मार्ग की निगरानी कर रहे हैं, ताकि किसी भी समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके।
जहां कमी होगी, वहां तुरंत होगा सुधार
मंत्री संजय कुमार सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि श्रावणी मेला में आने वाले किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि यदि कहीं किसी प्रकार की कमी की जानकारी मिलती है तो उसे एक से दो दिनों के भीतर दूर कर लिया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे लगातार कांवड़िया पथ का निरीक्षण करें और पानी, शौचालय तथा अन्य सुविधाओं की नियमित निगरानी करते रहें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि श्रद्धालुओं को हर स्थान पर स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिले।
हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं सुल्तानगंज
श्रावणी मेला बिहार का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन माना जाता है। देश के विभिन्न राज्यों से लाखों शिवभक्त सुल्तानगंज पहुंचकर उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरते हैं और लगभग 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक करते हैं। इस दौरान कांवड़िया पथ पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है।
इसी को देखते हुए राज्य सरकार और विभिन्न विभागों द्वारा हर वर्ष सुरक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता और विश्राम जैसी सुविधाओं की विशेष व्यवस्था की जाती है। इस बार भी पीएचडी विभाग ने आधुनिक जर्मन हैंगर टेंट के माध्यम से कांवड़ियों को बेहतर सुविधा देने का प्रयास किया है।
सरकार ने बेहतर व्यवस्था का दिया भरोसा
कार्यक्रम के अंत में मंत्री संजय कुमार सिंह ने कहा कि श्रावणी मेला में आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरे मेला अवधि के दौरान सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करेंगे और जहां भी किसी तरह की कमी होगी, उसे तुरंत दूर किया जाएगा।
उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में एनडीए कार्यकर्ता, स्थानीय जनप्रतिनिधि, पीएचडी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। मंत्री ने सभी अधिकारियों से मेला समाप्त होने तक लगातार सतर्क रहकर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।