BNT Desk: पटना जंक्शन पर सफाई ड्यूटी में तैनात सफाईकर्मी भीम पासवान की बुधवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद गुरुवार सुबह से ही पटना जंक्शन पर काम करने वाले सफाईकर्मियों में आक्रोश देखने को मिला। सफाईकर्मियों ने जंक्शन की सफाई व्यवस्था बंद कर दी और प्लेटफॉर्म नंबर आठ पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सफाईकर्मियों के प्रदर्शन और काम बंद करने के कारण पटना जंक्शन परिसर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। प्लेटफॉर्म और जंक्शन के अलग-अलग हिस्सों में कूड़ा जमा होने लगा। बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही वाले पटना जंक्शन पर सफाई व्यवस्था ठप होने से यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
दो शिफ्ट में लगाई गई थी ड्यूटी
जानकारी के अनुसार, महुली निवासी भीम पासवान पटना जंक्शन पर सफाई का काम करने वाली एजेंसी में कार्यरत था। बुधवार 16 सितंबर को उसकी दो शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई थी। पहली शिफ्ट सुबह छह बजे से दोपहर दो बजे तक थी। इसके बाद उसे दोपहर दो बजे से रात 10 बजे तक दूसरी शिफ्ट में भी काम करना था। बताया जा रहा है कि दूसरी शिफ्ट के दौरान ही अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उसकी मौत हो गई। हालांकि, उसकी मौत की वास्तविक वजह क्या थी और किन परिस्थितियों में उसकी तबीयत बिगड़ी, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है। मामले में पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसके बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
मौत की सूचना समय पर नहीं देने का आरोप
भीम पासवान की मौत के बाद उसके स्वजन ने सफाई एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि उन्हें भीम की मौत की सूचना समय पर नहीं दी गई। स्वजन के अनुसार, घटना के बाद एजेंसी की ओर से जिस तरह की कार्रवाई की गई, उससे परिवार को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। परिजनों ने पूरे मामले की जांच कराने और मौत की परिस्थितियों को स्पष्ट करने की मांग की है। सफाईकर्मियों ने भी मृतक के स्वजन के आरोपों का समर्थन करते हुए मामले की जांच की मांग की। उनका कहना है कि मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी सामने आनी चाहिए।
ड्यूटी ड्रेस और परिचय पत्र हटाने का आरोप
मृतक के स्वजन ने यह भी आरोप लगाया है कि भीम के शरीर से उसकी ड्यूटी ड्रेस और परिचय पत्र तक हटा दिया गया था। इसको लेकर सफाईकर्मियों में और नाराजगी बढ़ गई। स्वजन का आरोप है कि अगर भीम की मौत ड्यूटी के दौरान हुई है तो उससे जुड़ी पूरी जानकारी परिवार को समय पर दी जानी चाहिए थी। उन्होंने एजेंसी की भूमिका की जांच की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मौत की परिस्थितियों और एजेंसी की भूमिका को लेकर जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
प्लेटफॉर्म नंबर आठ पर शव रखकर प्रदर्शन
घटना के बाद गुरुवार सुबह सफाईकर्मियों ने काम बंद कर दिया। इसके बाद प्लेटफॉर्म नंबर आठ पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू किया गया। सफाईकर्मी मृतक के परिवार को उचित सहायता देने और मामले की जांच की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान सफाईकर्मियों ने एजेंसी के खिलाफ भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि जब तक मृतक के परिवार को उचित सहायता और मामले में कार्रवाई का भरोसा नहीं मिलता, तब तक वे काम पर लौटने को तैयार नहीं हैं।
RPF इंस्पेक्टर की पहल पर एजेंसी ने दी सहायता
मामले को शांत कराने के लिए RPF इंस्पेक्टर साकेत कुमार ने पहल की। उनकी पहल के बाद सफाई एजेंसी की ओर से तत्काल 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। इसके साथ ही एजेंसी की ओर से आगे एक लाख रुपये की सहायता देने का आश्वासन दिया गया। एजेंसी ने मृतक के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की बात भी कही है। इन आश्वासनों के बाद प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच बातचीत आगे बढ़ी। हालांकि, सफाईकर्मी मृतक की मौत की परिस्थितियों और परिवार की मांगों को लेकर जांच की मांग कर रहे हैं।
पोस्टमार्टम के बाद स्पष्ट होगी मौत की वजह
भीम पासवान के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद उसकी मौत के कारणों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने के पीछे क्या वजह थी। इसलिए पोस्टमार्टम और अन्य जांच रिपोर्ट को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सफाई बंद होने से यात्रियों को परेशानी
सफाईकर्मियों के काम बंद करने के कारण पटना जंक्शन की सफाई व्यवस्था पर सीधा असर पड़ा। प्लेटफॉर्म और परिसर में जगह-जगह गंदगी जमा होने लगी। यात्रियों की लगातार आवाजाही के कारण जंक्शन पर सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से परेशानी बढ़ गई। सफाईकर्मियों का कहना है कि मृतक के परिवार को उचित सहायता, घटना की जांच और एजेंसी की भूमिका को लेकर स्पष्ट कार्रवाई के बाद ही वे पूरी तरह काम पर लौटने का निर्णय लेंगे। फिलहाल मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया जाना है। इसके बाद रिपोर्ट और जांच के आधार पर ही भीम पासवान की मौत की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।