BNT Desk: रांची स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच अब बिहार तक पहुंचती दिखाई दे रही है। मामले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए चार राज्यों में एक साथ कई ठिकानों पर तलाशी ली। ED की टीमों ने दिल्ली, बिहार, झारखंड और कर्नाटक में कुल चार ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई जून में रांची के निवारणपुर स्थित RSS कार्यालय पर हुए हमले से जुड़े मामले में की गई है। मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी गई है। इसी जांच के दौरान सामने आए संभावित आर्थिक कनेक्शन और संदिग्ध लेनदेन की पड़ताल के लिए ED के स्तर पर भी कार्रवाई की गई है।
चार राज्यों में एक साथ पहुंची ED की टीमें
जानकारी के अनुसार, गुरुवार को ED की टीमों ने दिल्ली, बिहार, झारखंड और कर्नाटक में एक साथ तलाशी ली। एजेंसी की कार्रवाई का केंद्र उन लोगों और ठिकानों से जुड़ी जानकारी रही, जिनके संबंध हमले की जांच से सामने आने की बात कही जा रही है। तलाशी के दौरान संदिग्ध वित्तीय लेनदेन, पैसों के स्रोत और हमले से जुड़े संभावित आर्थिक संबंधों की जांच की जा रही है। एजेंसी की ओर से तलाशी के दौरान बरामद सामग्री या दस्तावेजों को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। चार राज्यों में एक साथ कार्रवाई होने के बाद मामले में बिहार से जुड़े संभावित तारों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, किसी व्यक्ति या ठिकाने को हमले का दोषी मानने से पहले जांच एजेंसियों की जांच और आधिकारिक निष्कर्ष का इंतजार करना जरूरी है।
17 जून की रात हुआ था RSS कार्यालय पर हमला
रांची के चुटिया थाना क्षेत्र के निवारणपुर में RSS कार्यालय स्थित है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 17 जून की रात करीब साढ़े 12 बजे कार्यालय परिसर को निशाना बनाकर हमला किया गया था। आरोप है कि अज्ञात लोगों ने RSS कार्यालय परिसर में पेट्रोल से भरी बोतलें फेंकी थीं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। RSS की ओर से मामले की जानकारी पुलिस को दी गई, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर जांच शुरू की गई। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए बाद में मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंप दी गई।
NIA के बाद ED भी जांच में सक्रिय
स्थानीय पुलिस की शुरुआती जांच के बाद मामले की जिम्मेदारी NIA को दी गई। NIA ने मामले में जांच और कार्रवाई आगे बढ़ाई। जांच के दौरान दूसरे राज्यों में मौजूद लोगों और ठिकानों से संबंधित जानकारी सामने आने की बात कही गई। इसके बाद ED ने भी इस मामले में अपनी जांच शुरू की। ED की कार्रवाई का फोकस आर्थिक पहलुओं पर है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या हमले से जुड़े लोगों के बीच किसी तरह का संदिग्ध वित्तीय लेनदेन हुआ था या किसी आर्थिक स्रोत के जरिए इस मामले से जुड़े लोगों को धन उपलब्ध कराया गया था।
बिहार में भी हुई तलाशी
मामले में बिहार से जुड़े संभावित कनेक्शन की पड़ताल भी की जा रही है। इससे पहले 10 सितंबर को NIA की टीम ने पटना में भी कई ठिकानों पर तलाशी ली थी। अब ED की चार राज्यों में की गई कार्रवाई में बिहार भी शामिल है। लगातार हो रही जांच और तलाशी के बाद इस मामले में बिहार से जुड़े लोगों और ठिकानों की भूमिका को लेकर जांच का दायरा बढ़ा है। हालांकि, तलाशी की कार्रवाई अपने आप में किसी व्यक्ति की संलिप्तता या अपराध साबित नहीं करती। जांच एजेंसियां दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेंगी।
संदिग्ध लेनदेन की जांच पर जोर
ED की कार्रवाई में आर्थिक लेनदेन को खास महत्व दिया जा रहा है। एजेंसी यह जांच कर रही है कि मामले से जुड़े संदिग्ध लोगों के बीच किसी तरह का वित्तीय संपर्क था या नहीं। इसके अलावा पैसों के स्रोत, संभावित लेनदेन और ऐसे किसी वित्तीय नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है, जिसका संबंध जांच के दायरे में आए लोगों से हो सकता है। जांच एजेंसियों के लिए यह पहलू इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि किसी आपराधिक मामले में धन के लेनदेन से जुड़े साक्ष्य घटना के पीछे मौजूद संभावित नेटवर्क की जानकारी दे सकते हैं। हालांकि, इस मामले में अभी जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
रांची RSS कार्यालय पर हुए हमले की जांच फिलहाल NIA और ED के स्तर पर आगे बढ़ रही है। NIA जहां मामले के व्यापक पहलुओं की जांच कर रही है, वहीं ED आर्थिक कड़ियों और संदिग्ध लेनदेन की पड़ताल में जुटी है। चार राज्यों में एक साथ तलाशी के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। बिहार में भी कार्रवाई होने से यह स्पष्ट है कि एजेंसियां मामले से जुड़े संभावित अंतरराज्यीय संपर्कों की जांच कर रही हैं। फिलहाल ED की ओर से तलाशी के दौरान क्या-क्या मिला और किन लोगों से पूछताछ की जाएगी, इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। जांच पूरी होने और एजेंसियों की ओर से आगे की जानकारी दिए जाने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रांची हमले के पीछे कौन लोग थे और कथित आर्थिक संबंध किस स्तर तक जुड़े हुए हैं।