BNT Desk: बिहटा एयरपोर्ट से विमान परिचालन शुरू करने और उसे सुचारू बनाने में आ रही विभिन्न कठिनाइयों को जल्द दूर करने की दिशा में प्रशासन ने कदम बढ़ाया है। गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने बुधवार को संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर विमान परिचालन से जुड़ी समस्याओं की समीक्षा की। बैठक में लंबित मामलों का तेजी से निष्पादन करने और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया। बैठक में बिहटा एयरफोर्स स्टेशन की ओर से ग्रुप कैप्टन अश्विनी कुमार ने विमान परिचालन को सुचारू बनाए रखने से संबंधित विभिन्न बिंदुओं को अधिकारियों के सामने रखा। इनमें एयरपोर्ट के आसपास निर्माण गतिविधियों, जल निकासी व्यवस्था, भूमि आवंटन और बिजली आपूर्ति से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे।
रनवे के आसपास अनधिकृत निर्माण की होगी पहचान
बैठक में बिहटा हवाई अड्डे के रनवे के एप्रोच फनल में मौजूद अनधिकृत निर्माणों की पहचान का मुद्दा उठाया गया। विमान के सुरक्षित परिचालन के लिए रनवे के आसपास निर्धारित क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों को नियंत्रित करना जरूरी होता है। इसी क्रम में एयरफोर्स स्टेशन की बाहरी दीवार के शिखर से 100 मीटर के दायरे में चल रही निर्माण गतिविधियों की भी समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों को संबंधित क्षेत्रों में निर्माण से जुड़े मामलों की जानकारी जुटाकर आवश्यक कार्रवाई करने पर ध्यान देने को कहा गया है। इसका उद्देश्य एयरफोर्स स्टेशन और प्रस्तावित हवाई परिचालन से जुड़े सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना है।
मानसूनी नालियों के अतिक्रमण का मुद्दा भी उठा
बैठक में स्थानीय ग्रामीणों द्वारा मानसूनी नालियों के अतिक्रमण और उनमें अवरोध पैदा किए जाने का मुद्दा भी सामने आया। अधिकारियों ने इस समस्या के निराकरण पर चर्चा की। मानसून के दौरान पानी की निकासी को बेहतर बनाए रखने के लिए नालियों का सुचारू रहना जरूरी है। ऐसे में जिन स्थानों पर नालियों पर अतिक्रमण या किसी तरह का अवरोध है, उसे दूर करने की दिशा में प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर स्थिति की समीक्षा कर समस्या के समाधान की दिशा में काम करने को कहा गया।
जमीन आवंटन और रक्षा भूमि के म्यूटेशन पर चर्चा
बैठक में बिहटा एयरफोर्स स्टेशन से सटी भूमि के आवंटन से संबंधित विषय पर भी विचार-विमर्श हुआ। इसके अलावा रक्षा भूमि के म्यूटेशन से जुड़े मामलों में प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराने पर चर्चा की गई। भूमि से संबंधित लंबित प्रक्रियाओं के कारण परियोजना से जुड़े कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। प्रशासनिक स्तर पर लंबित मामलों को तेजी से निपटाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि एयरपोर्ट और एयरफोर्स स्टेशन से संबंधित विकास कार्य निर्धारित दिशा में आगे बढ़ सकें।
33 केवी फीडर लाइन को एयरफोर्स स्टेशन के लिए किया जाएगा समर्पित
बैठक में बिजली आपूर्ति से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा भी सामने आया। नवनिर्मित 33 केवी फीडर लाइन को एयरफोर्स स्टेशन के लिए समर्पित किए जाने पर अधिकारियों के बीच चर्चा हुई। एयरफोर्स स्टेशन और विमान परिचालन से जुड़ी सुविधाओं के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति महत्वपूर्ण है। ऐसे में फीडर लाइन से संबंधित प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर विचार किया गया।
विभागों के बीच समन्वय पर प्रधान सचिव ने दिया जोर
गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने बैठक में संबंधित विभागों और पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित कर लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन किया जाए। बैठक का मुख्य उद्देश्य एयरपोर्ट से जुड़े ऐसे मामलों की पहचान करना रहा, जिनके कारण विमान परिचालन और परियोजना के काम में बाधा आ सकती है। प्रशासनिक स्तर पर इन मामलों को जल्द सुलझाने की दिशा में कार्रवाई करने को कहा गया है। बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था एवं कमजोर वर्ग प्रभाग) के. सुहिता अनुपम, विशेष सचिव क्षत्रनील सिंह समेत संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
अप्रैल 2027 तक पूरा होना है परियोजना का काम
बिहटा एयरपोर्ट से जुड़ी परियोजना का कुल अनुमानित खर्च 1400 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है। परियोजना का काम अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत दो मंजिला टर्मिनल भवन, 10 विमानों के लिए हैंगर, एयरोब्रिज, आवासीय परिसर, प्रशासनिक भवन और कार पार्किंग समेत कई नागरिक सुविधाएं विकसित की जानी हैं। परियोजना के तहत एयरपोर्ट परिसर में एप्रॉन का निर्माण कार्य भी जारी है। एयरपोर्ट के विकास से जुड़ी विभिन्न आधारभूत संरचनाओं को तैयार करने का काम निर्धारित समय-सीमा के अनुसार आगे बढ़ाया जा रहा है।
विमान परिचालन को लेकर प्रशासन की तैयारी
बिहटा एयरपोर्ट से विमान परिचालन को सुचारू बनाने के लिए अब प्रशासनिक स्तर पर लंबित मामलों को दूर करने पर जोर दिया जा रहा है। निर्माण गतिविधियों की समीक्षा, जल निकासी व्यवस्था, भूमि संबंधी मामलों और बिजली आपूर्ति जैसे मुद्दों को बैठक में प्रमुखता से उठाया गया। अधिकारियों को इन मामलों के समाधान के लिए संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने और काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले समय में इन समस्याओं के समाधान के साथ एयरपोर्ट परियोजना से जुड़े अन्य निर्माण कार्यों को भी आगे बढ़ाने की तैयारी है।