राज्यसभा वोटिंग विवाद: कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास बोले — ‘सम्मान नहीं मिला इसलिए वोट नहीं किया, पार्टी कार्रवाई करे तो भी हम साथ हैं’

BNT
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बिहार की राजनीति में एक नया विवाद गरमा गया है। कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास ने राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन की उम्मीदवार को वोट नहीं दिया, जिसके बाद पार्टी में बवाल मच गया। अब कांग्रेस ने उन्हें नोटिस जारी कर पूछा है कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए। इस पर विधायक मनोज विश्वास ने खुलकर अपना पक्ष रखा है।


‘पहले दिन से नाराज था, सम्मान नहीं मिला’

मनोज विश्वास ने साफ शब्दों में कहा कि वे पहले दिन से इस मुद्दे पर नाराज थे। उन्होंने कहा — “हमारा सम्मान नहीं हुआ, हमारे प्रदेश के नेता का सम्मान नहीं हुआ, इसीलिए हमने वोट नहीं किया।”

विधायक ने बताया कि राज्यसभा उम्मीदवार को लेकर न तो उनसे पूछा गया और न ही बिहार प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व से कोई राय ली गई। उनका कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष को भी इस पूरे मामले में पूरी तरह अनदेखा किया गया, जो पार्टी के भीतर लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।


नोटिस का जवाब देने को तैयार

कांग्रेस के नोटिस पर विधायक विश्वास ने कहा कि वे जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और उनका जवाब एकदम स्पष्ट होगा। उन्होंने कहा — “हम नोटिस का जवाब देने जा रहे हैं। हमारा जवाब यही होगा कि उम्मीदवार को लेकर हम लोगों से नहीं पूछा गया, प्रदेश नेतृत्व से नहीं पूछा गया और प्रदेश अध्यक्ष को कोई सम्मान नहीं दिया गया।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यही जवाब वे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को भी देंगे।


‘पार्टी कार्रवाई करे, हम फिर भी साथ हैं’

जब उनसे पूछा गया कि क्या पार्टी उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है, तो विधायक विश्वास ने दो टूक जवाब दिया। उन्होंने कहा — “पार्टी कार्रवाई करे या नहीं करे, हम हमेशा पार्टी के साथ हैं और पार्टी के साथ रहेंगे।”

हालांकि उन्होंने अपनी बात पर अडिग रहने का भी संकेत दिया। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो तीनों असंतुष्ट विधायक मिलकर राहुल गांधी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात करेंगे और अपनी पूरी बात उनके सामने रखेंगे।


क्या है पूरा मामला?

बिहार में हाल ही में संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन ने अपना उम्मीदवार उतारा था। कांग्रेस भी महागठबंधन का हिस्सा है, इसलिए पार्टी के विधायकों से उम्मीद थी कि वे गठबंधन के उम्मीदवार को वोट देंगे। लेकिन मनोज विश्वास ने पार्टी लाइन से हटकर वोट नहीं दिया। इसके बाद कांग्रेस हाईकमान ने संज्ञान लेते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया।

सूत्रों के अनुसार सिर्फ मनोज विश्वास ही नहीं, बल्कि दो अन्य कांग्रेस विधायक भी इस मामले में असंतुष्ट बताए जा रहे हैं। तीनों विधायकों का मानना है कि बिहार में पार्टी के प्रदेश नेतृत्व को उचित सम्मान और महत्व नहीं दिया जा रहा है।


पार्टी के लिए मुश्किल में डालने वाली स्थिति

यह घटना बिहार में कांग्रेस के लिए एक असहज स्थिति पैदा कर रही है। एक तरफ महागठबंधन के साथ तालमेल बनाए रखना जरूरी है, तो दूसरी तरफ पार्टी के अंदर बढ़ते असंतोष को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। विधायक मनोज विश्वास का राहुल गांधी से मिलने का ऐलान यह बताता है कि यह विवाद जल्द शांत होने वाला नहीं है।

अब देखना यह होगा कि कांग्रेस हाईकमान इस मामले में क्या रुख अपनाती है — क्या पार्टी अनुशासन को प्राथमिकता देगी या प्रदेश नेतृत्व की नाराजगी को समझते हुए बीच का रास्ता निकालेगी।

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