BNT Desk: बिहार की राजधानी के प्रमुख शैक्षणिक केंद्र मुसल्लहपुर हाट में शुक्रवार को भारी बवाल हुआ। पीरबहोर थाना क्षेत्र स्थित ‘सीता चौधरी लॉज’ में रहने वाली छात्राओं पर लॉज मालिक के बेटे ने चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में करीब 3 से 4 छात्राएं घायल हो गई हैं, जिन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए PMCH में भर्ती कराया गया है।
रूम रेंट को लेकर हुई थी बहस
पटना टाउन डीएसपी-1 राजेश रंजन के अनुसार, इस पूरी घटना के पीछे की वजह ‘रूम रेट’ (कमरे का किराया) को लेकर हुआ विवाद है। जानकारी के मुताबिक:
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लॉज में रहने वाली छात्राओं और लॉज संचालक की पत्नी के बीच किराए की राशि को लेकर बहस हो रही थी।
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तभी संचालक का बेटा क्रिस वहां पहुंचा और गुस्से में आकर आपा खो दिया।
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उसने पास रखे सब्जी काटने वाले चाकू से छात्राओं पर हमला करना शुरू कर दिया।
लॉज में मची चीख-पुकार, PMCH में भर्ती छात्राएं
अचानक हुए इस हमले से लॉज के अंदर अफरा-तफरी मच गई। छात्राएं अपनी जान बचाने के लिए भागने लगीं। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे। घायल छात्राओं को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों का कहना है कि छात्राओं को हल्की चोटें आई हैं और वे अब खतरे से बाहर हैं, लेकिन वे इस मानसिक आघात से बेहद डरी हुई हैं।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: आरोपी गिरफ्तार
पीरबहोर थाना पुलिस ने घटना के तुरंत बाद एक्शन लेते हुए आरोपी क्रिस को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने हमले में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या आरोपी किसी मानसिक तनाव में था या फिर यह हमला पूर्व नियोजित था।
छात्र क्षेत्र की सुरक्षा पर उठे सवाल
मुसल्लहपुर हाट वह इलाका है जहां बिहार के कोने-कोने से आकर हजारों छात्र-छात्राएं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।
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सुरक्षा की कमी: लॉज के भीतर ही छात्राओं पर हुए इस हमले ने प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
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अभिभावकों में चिंता: इस घटना की खबर मिलते ही दूर-दराज के इलाकों में रह रहे अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
प्रशासन का रुख
डीएसपी राजेश रंजन ने बताया कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। लॉज में रह रही अन्य छात्राओं के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि छात्र बाहुल्य क्षेत्रों में पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए और लॉज संचालकों के व्यवहार पर भी निगरानी रखी जाए।
यह घटना दिखाती है कि छोटे-छोटे विवाद किस तरह गंभीर अपराध का रूप ले लेते हैं। छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए अब एक बड़ी चुनौती बन गया है।