बिहार: राजस्व कर्मचारियों की बढ़ी मुसीबत; रोज करनी होगी 6 घंटे अतिरिक्त ड्यूटी, सरकार ने जारी किया ‘स्पेशल’ वर्क शेड्यूल

BiharNewsAuthor
3 Min Read

BNT Desk: बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राज्य के राजस्व कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ाते हुए एक बड़ा आदेश जारी किया है। विभाग के सचिव जय सिंह के निर्देशानुसार, अब कर्मचारियों को रोजाना 6 घंटे अतिरिक्त काम करना होगा। यह फैसला हाल ही में हुई राजस्व कार्यों की सुस्त रफ्तार और लंबित मामलों की समीक्षा के बाद लिया गया है।

क्या है नया वर्किंग शेड्यूल?

नए निर्देश के मुताबिक, राजस्व कर्मचारियों को अब दो शिफ्ट में अतिरिक्त समय देना होगा:

  • सुबह की शिफ्ट: सुबह 6:00 बजे से 9:00 बजे तक।

  • रात की शिफ्ट: शाम 7:00 बजे से रात 10:00 बजे तक।

    यह समय उनके नियमित कार्यालय समय (10 AM से 5 PM) के अलावा होगा, जिससे उनका कुल कार्यदिवस काफी लंबा हो जाएगा।

आखिर क्यों बढ़ा वर्कलोड?

सरकार द्वारा इस सख्त फैसले के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण बताए जा रहे हैं:

  1. फार्मर रजिस्ट्री सत्यापन: किसानों से जुड़ी रजिस्ट्री के सत्यापन का काम बड़े पैमाने पर लंबित है, जिसे समय सीमा के भीतर पूरा करना है।

  2. हड़ताल का असर: हाल के दिनों में राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से हजारों मामले अटक गए थे। इन लंबित फाइलों को तेजी से निपटाना अब सरकार की प्राथमिकता है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दिए गए निर्देश

विभाग के सचिव जय सिंह ने सभी जिलों के अपर समाहर्ताओं (Additional Collectors) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक की। इस बैठक में स्पष्ट किया गया कि राजस्व से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी जिलों को निर्देश दिया गया है कि वे अतिरिक्त समय में काम की प्रगति की निगरानी करें।

कर्मचारियों में नाराजगी की आशंका

6 घंटे अतिरिक्त काम के इस आदेश ने विभाग के भीतर हलचल मचा दी है। कर्मचारियों का मानना है कि सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक की ड्यूटी से उनकी निजी जिंदगी और सेहत पर बुरा असर पड़ेगा। हालांकि, सरकार का तर्क है कि जनता के लंबित कार्यों को पूरा करने के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य है।

क्या होगा आम जनता को फायदा?

राजस्व विभाग के इस फैसले से उन लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है जिनके जमीन संबंधी कागजात, मोटेशन या किसान पंजीकरण के काम महीनों से अटके हुए थे। अतिरिक्त समय मिलने से फाइलों का निष्पादन तेज होगा और ब्लॉक कार्यालयों के चक्कर काटने से मुक्ति मिल सकती है।

बिहार सरकार अब मिशन मोड में राजस्व कार्यों को पूरा करना चाहती है। अब देखना यह होगा कि कर्मचारी इस ‘एक्स्ट्रा लोड’ के साथ कितनी कुशलता से काम कर पाते हैं और क्या विभाग उनकी अन्य मांगों पर भी विचार करता है।

Share This Article