BNT Desk: बिहार सरकार आपदा और आपातकालीन स्थितियों (जैसे युद्ध या प्राकृतिक आपदा) से निपटने के लिए अपनी तैयारियों को परखने जा रही है। इसी कड़ी में आज यानी गुरुवार को राजधानी पटना सहित राज्य के छह प्रमुख जिलों में विशेष मॉकड्रिल और ब्लैकआउट का आयोजन किया जाएगा। शाम 7:00 बजे से 7:15 बजे तक इन जिलों में पूरी तरह से बिजली बंद रखी जाएगी।
किन जिलों में रहेगा ब्लैकआउट?
प्रशासन ने रणनीतिक रूप से उन जिलों का चयन किया है जो सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। आज शाम को निम्नलिखित जिलों में ब्लैकआउट रहेगा:
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पटना
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किशनगंज
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बेगूसराय
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पूर्णिया
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अररिया
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कटिहार
सायरन बजते ही थम जाएगी रफ्तार
जैसे ही शाम के 7 बजेंगे, खतरे का सायरन बजाया जाएगा। सायरन की आवाज सुनते ही संबंधित क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति (Power Supply) काट दी जाएगी। इतना ही नहीं, सड़कों पर चल रहे वाहनों और परिवहन व्यवस्था को भी कुछ समय के लिए रोक दिया जाएगा ताकि वास्तविक आपातकाल जैसी स्थिति का अनुभव किया जा सके।
अस्पताल और रेलवे स्टेशन भी रहेंगे शामिल
आमतौर पर इमरजेंसी सेवाओं को ऐसी गतिविधियों से बाहर रखा जाता है, लेकिन इस बार का पूर्वाभ्यास बेहद व्यापक है।
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एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन: यहाँ भी निर्धारित समय के लिए ब्लैकआउट का पालन किया जाएगा।
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अस्पताल और बस स्टैंड: इन सार्वजनिक स्थलों पर भी अंधेरा रहेगा ताकि यह जांचा जा सके कि संकट के समय ये संस्थान कितने तैयार हैं।
प्रशासन की तैयारी और निगरानी
इस अभ्यास को सफल बनाने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल और नागरिक सुरक्षा निदेशालय के महानिदेशक डॉ. परेश सक्सेना ने तैयारियों की समीक्षा की है।
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सभी जिलों के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को अलर्ट पर रखा गया है।
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सायरन व्यवस्था को चेक किया गया है। यदि मुख्य सायरन में समस्या आती है, तो फायर ब्रिगेड और पुलिस थानों के लाउडस्पीकर का उपयोग किया जाएगा।
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यह अभ्यास ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का हिस्सा है, जिसके तहत इससे पहले 7 मई को भी इसी तरह की ड्रिल की गई थी।
आम जनता के लिए जरूरी दिशा-निर्देश
सरकार ने नागरिकों से इस ड्रिल के दौरान घबराने की बजाए सहयोग करने की अपील की है। प्रशासन ने कुछ विशेष सलाह दी है:
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रोशनी का प्रयोग न करें: ब्लैकआउट के दौरान मोबाइल की फ्लैशलाइट, टॉर्च या मोमबत्ती का उपयोग न करें।
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जेनरेटर बंद रखें: अपार्टमेंट और कॉलोनियों में रहने वाले लोग शाम 7:15 बजे तक जेनरेटर न चलाएं।
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शांत रहें: यह केवल एक पूर्वाभ्यास है, इसलिए किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
क्यों जरूरी है यह अभ्यास?
अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के ‘मॉकड्रिल’ से आम नागरिकों में जागरूकता आती है और वे मानसिक रूप से किसी भी बड़ी विपदा के लिए तैयार रहते हैं। इससे प्रशासन के विभिन्न विभागों के बीच आपसी तालमेल (Coordination) भी बेहतर होता है, जिससे वास्तविक संकट के समय जान-माल के नुकसान को कम से कम किया जा सके।