BNT Desk: बिहार के प्रमुख शहरों के निवासियों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण सूचना है। आगामी 14 मई को राजधानी पटना सहित बिहार के 6 जिलों में ‘ब्लैकआउट’ की स्थिति रहेगी। हालांकि, घबराने की कोई बात नहीं है—यह कोई बिजली संकट नहीं, बल्कि नागरिक सुरक्षा (Civil Defence) द्वारा आयोजित एक राष्ट्रव्यापी स्तर की ‘मॉकड्रिल’ है।
शाम के वक्त जब शहर अपनी पूरी रोशनी में होगा, ठीक उसी समय 10 मिनट के लिए अंधेरा छा जाएगा। प्रशासन ने इस बड़े अभ्यास के लिए पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है।
कहाँ-कहाँ होगा अंधेरा?
प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह मॉकड्रिल 14 मई को शाम 7:00 बजे से 7:10 बजे तक आयोजित की जाएगी। बिहार के निम्नलिखित जिलों में इस अभ्यास का विशेष असर देखने को मिलेगा:
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पटना
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किशनगंज
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बेगूसराय
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पूर्णिया
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अररिया
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कटिहार
क्या है इस मॉकड्रिल का उद्देश्य?
इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थिति (Emergency Situations) जैसे हवाई हमले, प्राकृतिक आपदा या युद्ध जैसी परिस्थितियों में प्रशासनिक तैयारियों को परखना है।
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एयर रेड सायरन (Air Raid Siren): मॉकड्रिल के दौरान पूरे शहर में सायरन बजाया जाएगा। यह वही सायरन है जो किसी बड़े खतरे की चेतावनी देने के लिए उपयोग किया जाता है।
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एजेंसियों का समन्वय: इस दौरान पुलिस, फायर ब्रिगेड, NDRF, SDRF, स्वास्थ्य विभाग और सिविल डिफेंस की टीमें एक साथ काम करेंगी ताकि यह जांचा जा सके कि वे कितने समय में रिस्पॉन्स देती हैं।
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ब्लैकआउट तकनीक: किसी भी संभावित हवाई हमले के दौरान शहर की लाइटें बंद कर दी जाती हैं ताकि दुश्मन को टारगेट न मिल सके। इसी प्रक्रिया का पूर्वाभ्यास किया जा रहा है।
प्रशासन की जनता से अपील
मॉकड्रिल की खबर फैलते ही लोगों के बीच संशय की स्थिति न बने, इसके लिए प्रशासन ने पहले ही स्पष्टीकरण जारी कर दिया है।
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अफवाहों से बचें: सोशल मीडिया पर किसी भी गलत सूचना या ‘खतरे’ वाली पोस्ट पर भरोसा न करें।
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सहयोग करें: 10 मिनट के इस ब्लैकआउट के दौरान लोग अपने घरों की लाइटें बंद रखकर प्रशासन का सहयोग कर सकते हैं।
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सुरक्षा व्यवस्था: अभ्यास के दौरान कई महत्वपूर्ण चौराहों और सरकारी इमारतों पर भारी पुलिस बल और राहत दल तैनात रहेंगे, जो केवल ड्रिल का हिस्सा होंगे।
सुरक्षा व्यवस्था होगी और भी मजबूत
बिहार के सीमावर्ती जिलों (जैसे किशनगंज, पूर्णिया, अररिया) को ध्यान में रखते हुए यह ड्रिल सामरिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। नागरिक सुरक्षा विभाग का मानना है कि ऐसे अभ्यासों से न केवल सुरक्षा एजेंसियां सतर्क रहती हैं, बल्कि आम नागरिकों को भी यह पता चलता है कि आपातकाल में उन्हें क्या करना चाहिए। सायरन बजने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक रूप से सड़क पर न निकलने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
10 मिनट का अंधेरा, भविष्य की सुरक्षा
14 मई की शाम 10 मिनट के लिए शहर की रोशनी जरूर बुझेगी, लेकिन यह अंधेरा हमारी सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चमकाने के लिए है। पटना के जिलाधिकारी और पुलिस प्रशासन ने सभी विभाग प्रमुखों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है।
इस 10 मिनट की अवधि के दौरान यदि आप सड़क पर वाहन चला रहे हैं, तो सायरन की आवाज सुनकर सतर्क हो जाएं और सुरक्षित स्थान पर वाहन खड़ा कर लें। लिफ्ट का प्रयोग करने से बचें क्योंकि बिजली काटी जा सकती है।