पटना: मंदिरी नाला रोड तैयार; बेली रोड से अशोक राजपथ जाना होगा आसान, लेकिन ‘कीचड़’ पर बनी सड़क ने खड़े किए सवाल

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BNT Desk: पटना वासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। शहर की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक ‘मंदिरी नाला परियोजना’ का काम पूरा हो गया है। इस परियोजना के शुरू होने से न केवल पटना की जलनिकासी व्यवस्था (Drainage System) मजबूत होगी, बल्कि शहर को एक नया वैकल्पिक मार्ग भी मिल गया है। हालांकि, उद्घाटन से ठीक पहले निर्माण की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाए हैं।

बेली रोड से अशोक राजपथ की सीधी कनेक्टिविटी

मंदिरी नाला परियोजना के तहत इनकम टैक्स गोलंबर (बेली रोड) से लेकर अशोक राजपथ (बांस घाट) तक 1289 मीटर लंबा बॉक्स ड्रेन सह सड़क निर्माण किया गया है। इस दो लेन की आधुनिक सड़क के बनने से:

  • वार्ड संख्या 21, 24, 25, 26 और 27 की एक बड़ी आबादी को सीधा लाभ मिलेगा।

  • बेली रोड और अशोक राजपथ के बीच की दूरी कम होगी और लोगों को जाम से राहत मिलेगी।

  • वर्षा ऋतु में होने वाले जलजमाव की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा।

115 करोड़ की लागत और देरी का मामला

यह प्रोजेक्ट शुरू से ही चर्चा में रहा है। जो काम मात्र 9 महीनों में पूरा होना था, उसे पूरा करने में 2 साल 7 महीने का समय लग गया।

  • लागत में बढ़ोतरी: शुरुआती एकरारनामा (Agreement) के अनुसार इसकी लागत 86.98 करोड़ रुपये थी, लेकिन देरी और अतिरिक्त कार्यों की वजह से यह बढ़कर 115 करोड़ रुपये पहुंच गई। यह मूल लागत से लगभग 32% अधिक है।

  • इतिहास: इसकी शुरुआत 2019 में हुई थी, लेकिन पुरानी एजेंसी की सुस्ती के कारण 2023 में नए सिरे से निविदा (Tender) निकालकर काम दोबारा शुरू किया गया।

उद्घाटन से पहले विवाद

परियोजना का उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सांसद द्वारा सोमवार को किया जाना है। लेकिन रविवार को एक बड़ा विवाद सामने आया। पटना आर्ट कॉलेज के पीछे बारिश के कारण काफी कीचड़ था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने उद्घाटन की जल्दी में उस कीचड़ और दलदल के ऊपर ही सड़क की ढलाई कर दी।

स्थानीय निवासी मनीष कुमार और अजय कुमार ने बताया कि उन्होंने कर्मियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। लोगों को डर है कि पहली ही बारिश में यह सड़क धंस जाएगी।

अधिकारियों की सफाई: इस मामले पर नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने स्पष्ट किया कि वहां मुख्य सड़क का निर्माण नहीं, बल्कि बैठने की व्यवस्था और मंच बनाने का अस्थाई कार्य किया गया था। उद्घाटन के बाद इसे नियमानुसार फिर से दुरुस्त कराया जाएगा।

परियोजना की खास विशेषताएं

मंदिरी नाला रोड को आधुनिक तकनीक से बनाया गया है ताकि यह लंबे समय तक टिक सके:

  • बॉक्स ड्रेन: नाले को पूरी तरह ढंककर ऊपर सड़क बनाई गई है।

  • जलनिकासी: पानी के नियंत्रण के लिए 4 स्लुइस गेट और 6 कल्वर्ट बनाए गए हैं।

  • सफाई की सुविधा: नाले की नियमित सफाई के लिए 2 रैंप और 3 डिसिल्टिंग चैंबर दिए गए हैं।

  • सुंदरीकरण: पूरी सड़क पर आधुनिक स्ट्रीट लाइट्स और लैंडस्केपिंग की गई है ताकि यह देखने में भी सुंदर लगे।

ट्रैफिक और जलजमाव से मिलेगी मुक्ति

प्रमंडलीय आयुक्त और जिलाधिकारी ने मौके का निरीक्षण कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया है। इस परियोजना के शुरू होने से पटना के हृदय स्थल पर यातायात का दबाव काफी कम हो जाएगा। विशेष रूप से पीक आवर्स के दौरान बेली रोड पर लगने वाले जाम से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

मंदिरी नाला प्रोजेक्ट पटना स्मार्ट सिटी के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है। हालांकि, निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल प्रशासन के लिए चुनौती बन सकते हैं। अब देखना यह है कि यह नई सड़क पटना की बारिश और ट्रैफिक के दबाव को कितनी मजबूती से झेल पाती है। फिलहाल, पटना वासियों के लिए एक नया ‘शॉर्टकट’ रास्ता खुलने की खुशी बड़ी है।

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