बिहार: IAS अधिकारियों के प्रभार में फेरबदल: सरकार ने जारी किया ‘शुद्धि-पत्र’, जानें किसको मिली कौन सी जिम्मेदारी

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BNT Desk: बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने IAS अधिकारियों के पदस्थापन और अतिरिक्त प्रभार को लेकर एक महत्वपूर्ण शुद्धि-पत्र (Corrigendum) जारी किया है। यह आदेश 10 मई 2026 को जारी किए गए पिछले तबादला आदेश में आंशिक संशोधन के रूप में सामने आया है। राज्यपाल के निर्देश पर जारी इस अधिसूचना का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में संतुलन बनाना और विभागीय कामकाज को और अधिक पारदर्शी बनाना है।

जय सिंह: वित्त विभाग के अतिरिक्त प्रभार से हुए मुक्त

वर्ष 2007 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी जय सिंह, जो वर्तमान में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव के पद पर तैनात हैं, उनके दायित्वों में कटौती की गई है।

  • बदलाव: जय सिंह को अब वित्त विभाग में सचिव (संसाधन) के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है।

  • स्थिति: इससे पहले 10 मई को उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन अब संशोधित आदेश के अनुसार वे पूरी तरह से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कार्यों पर ही ध्यान केंद्रित करेंगे।

प्रणव कुमार: कई विभागों की जिम्मेदारी, पर एक पद से राहत

2008 बैच के आईएएस अधिकारी श्री प्रणव कुमार के कार्यक्षेत्र में भी बड़ा बदलाव देखा गया है। उन्हें सरकार ने कई महत्वपूर्ण विभागों का जिम्मा सौंपा है:

  • मुख्य पद: वे अब सचिव, भवन निर्माण विभाग के रूप में अपनी सेवाएं देंगे।

  • अतिरिक्त प्रभार: उन्हें कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग के जांच आयुक्त और बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम के प्रबंध निदेशक (MD) की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।

  • राहत: हालांकि, उन्हें बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के अतिरिक्त प्रभार से हटा दिया गया है।

कुमार अनुराग संभालेंगे भवन निर्माण निगम की कमान

सरकार ने स्पष्ट किया है कि बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड, पटना के प्रबंध निदेशक का पद अब कुमार अनुराग के पास ही रहेगा।

  • कौन हैं कुमार अनुराग: वे 2019 बैच के युवा IAS अधिकारी हैं।

  • निर्णय: सरकार ने तय किया है कि भवन निर्माण निगम की जिम्मेदारी प्रणव कुमार के बजाय कुमार अनुराग ही संभालते रहेंगे, जैसा कि पूर्व के आदेशों में तय था।

क्यों किए गए ये बदलाव?

प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का यह कदम ‘विभागीय ओवरलैपिंग’ को रोकने के लिए उठाया गया है। हाल के दिनों में बिहार में बड़े पैमाने पर अधिकारियों के तबादले हुए हैं। कभी-कभी एक ही अधिकारी पर कई महत्वपूर्ण विभागों का बोझ होने से कार्य की गति धीमी हो जाती है।

  • पारदर्शिता: राजस्व, वित्त और भवन निर्माण जैसे भारी-भरकम विभागों में जिम्मेदारियों का बंटवारा स्पष्ट होने से फाइलों के निपटारे में तेजी आएगी।

  • समन्वय: सरकार चाहती है कि हर विभाग का अपना एक समर्पित नेतृत्व हो, ताकि विकास योजनाओं को समय पर पूरा किया जा सके।

तत्काल प्रभाव से लागू होगा आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी यह शुद्धि-पत्र तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। संबंधित अधिकारियों ने अपनी नई जिम्मेदारियों के अनुसार कार्यभार ग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कला एवं संस्कृति विभाग और फिल्म विकास निगम जैसे क्षेत्रों में अब नए प्रशासनिक नेतृत्व से नई ऊर्जा की उम्मीद की जा रही है।

बिहार सरकार की यह प्रशासनिक सर्जरी संकेत देती है कि मुख्यमंत्री सचिवालय और सामान्य प्रशासन विभाग कामकाज की गुणवत्ता को लेकर गंभीर है। अधिकारियों को उनकी क्षमता और विभाग की जरूरत के हिसाब से तैनात किया जा रहा है, ताकि बिहार के विकास की गति को और तेज किया जा सके।

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