बिहार STF का बड़ा एक्शन: पटना का टॉप-10 कुख्यात अपराधी शिव गोप गिरफ्तार

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BNT Desk: बिहार में अपराधियों के खिलाफ जारी विशेष अभियान में एसटीएफ (STF) को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। पटना पुलिस की ‘टॉप-10’ सूची में शामिल और अपराध की दुनिया का पुराना खिलाड़ी शिव गोप आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। एसटीएफ की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर पटना के दीघा इलाके में घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया। शिव गोप की गिरफ्तारी पटना पुलिस के लिए एक बड़ी राहत मानी जा रही है, क्योंकि वह लंबे समय से कई जघन्य वारदातों में वांछित था।

दीघा से हुई गिरफ्तारी: एसटीएफ ने बिछाया था जाल

कुख्यात शिव गोप मूल रूप से पटना के जक्कनपुर इलाके का रहने वाला है। वह अपनी पहचान छिपाकर दीघा थाना क्षेत्र में ठिकाना बदले हुए था। एसटीएफ को सूचना मिली थी कि वह किसी बड़ी घटना को अंजाम देने या शहर से बाहर निकलने की फिराक में है। टीम ने बिना देरी किए इलाके की घेराबंदी की और उसे धर दबोचा। बता दें कि शिव गोप का नाम पटना के उन अपराधियों में शुमार है, जिनसे न केवल आम जनता बल्कि व्यवसायी वर्ग भी खौफ खाता था।

अपराध की दुनिया का ‘कार्बाइन किंग’

शिव गोप के बारे में एक चौंकाने वाला तथ्य यह है कि उसे पटना में अपराध के ‘आधुनिकीकरण’ का जनक माना जाता है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पटना में अपराध की दुनिया में कार्बाइन (Carbine) जैसे आधुनिक और घातक हथियारों के इस्तेमाल की शुरुआत शिव गोप ने ही की थी। उसने न केवल खुद इन हथियारों का इस्तेमाल किया, बल्कि भाड़े के शूटर्स को भी आधुनिक हथियारों से लैस कर गिरोह तैयार किया।

हत्या, रंगदारी और जमीन कब्जा: अपराध की लंबी फेहरिस्त

शिव गोप पर दर्ज मुकदमों की सूची काफी लंबी है। उसके ऊपर पटना के विभिन्न थानों में जमीन कब्जा, रंगदारी, हत्या और अपहरण जैसे दर्जनों गंभीर मामले दर्ज हैं।

  • दीपक मेहता हत्याकांड: दानापुर के नगर उपाध्यक्ष दीपक मेहता की दिनदहाड़े हुई हत्या ने पूरे बिहार को हिला दिया था। इस हत्याकांड की जांच में शिव गोप का नाम प्रमुखता से आया था।

  • शूटर मुहैया कराना: शिव गोप का मुख्य काम पटना में होने वाले हत्याकांडों के लिए पेशेवर शूटर मुहैया कराना था। हाल ही में एक आपराधिक कांड में पकड़े गए शूटर्स ने खुलासा किया था कि वे शिव गोप और रवि गोप के इशारे पर काम करते थे।

21 साल जेल में काटी, फिर भी नहीं सुधरा

शिव गोप कोई नौसिखिया अपराधी नहीं है। वह अपने जीवन के 21 साल जेल की सलाखों के पीछे बिता चुका है। बावजूद इसके, जेल से बाहर आते ही वह फिर से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय हो जाता था।

  • 2024 का वाकया: साल 2024 में जब राजद नेता रीतलाल यादव के पिता का अंतिम संस्कार हो रहा था, उस दौरान भी एसटीएफ ने उसे हिरासत में लिया था। शिव गोप के रसूखदार राजनेताओं और सफेदपोशों के साथ संबंधों की भी अक्सर चर्चा होती रही है।

पटना पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि

जमीन की खरीद-बिक्री में दखल और बिल्डरों से रंगदारी वसूलना शिव गोप के गिरोह का मुख्य पेशा बन गया था। उसकी गिरफ्तारी से राजधानी पटना में जमीन विवाद से जुड़ी हिंसक घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है। पुलिस अब शिव गोप से पूछताछ कर रही है ताकि उसके गिरोह के अन्य सदस्यों और हाल के दिनों में उसके द्वारा की गई साजिशों का खुलासा हो सके।

एसटीएफ की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि अपराध की दुनिया का चाहे कितना भी बड़ा नाम हो, वह कानून की पहुंच से बाहर नहीं रह सकता।

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