BNT Desk: दिल्ली के रानी बाग इलाके में एक महिला के साथ स्लीपर बस के अंदर सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, यह घिनौनी वारदात 12 मई की रात को हुई। पीड़िता की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया है और बस को भी जब्त कर लिया गया है।
समय पूछने गई थी महिला, बस के अंदर खींचकर किया दुष्कर्म
वारदात की शिकार महिला एक फैक्ट्री में काम करती है। पुलिस के मुताबिक:
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महिला काम खत्म करके अपने घर लौट रही थी।
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वह सरस्वती विहार के बी-ब्लॉक बस स्टैंड के पास पहुंची थी, तभी वहां खड़ी एक स्लीपर बस के पास उसने एक आरोपी से समय (Time) पूछा।
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समय बताने के बहाने आरोपी ने महिला को जबरन बस के अंदर खींच लिया, जहाँ ड्राइवर और कंडक्टर ने मिलकर उसके साथ दरिंदगी की।
वारदात के बाद सड़क पर फेंका, बस में थे काले शीशे
पीड़िता ने बताया कि बलात्कार के बाद आरोपियों ने उसे बस से बाहर सड़क पर फेंक दिया और फरार हो गए। जांच में यह भी सामने आया है कि जिस बस में यह वारदात हुई, उसके शीशे काले (Tinted Windows) थे, जो कानूनन प्रतिबंधित हैं। इसके अलावा बस में सुरक्षा मानकों और इमरजेंसी गेट की भी कमी पाई गई है।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत केस दर्ज
पुलिस ने 12 मई को ही रानी बाग थाने में एफआईआर दर्ज कर ली थी। आरोपियों के खिलाफ नए कानूनों के तहत निम्नलिखित धाराएं लगाई गई हैं:
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धारा 64(1): बलात्कार (Rape)
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धारा 70(1): सामूहिक दुष्कर्म (Gang Rape)
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धारा 3(5): समान इरादा (Common Intention)
पुलिस की कार्रवाई और मेडिकल जांच
घटना के बाद पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है, जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है। फॉरेंसिक टीम ने बस से सबूत जुटाए हैं और अब फॉरेंसिक और मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
दिल्ली में महिला सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
बस स्टैंड जैसी सार्वजनिक जगह पर हुई इस वारदात ने दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बस में प्रतिबंधित काले शीशों का होना पुलिस और परिवहन विभाग की गश्त पर भी सवाल उठाता है। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या वारदात के वक्त बस में कोई अन्य सवारी भी मौजूद थी।