BNT Desk: देश में पिछले करीब चार वर्षों से स्थिर चल रही ईंधन की कीमतों में आज बड़ा उछाल आया है। ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध और वैश्विक अस्थिरता के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई हैं, जिसका सीधा असर अब भारतीय उपभोक्ताओं पर पड़ा है। राजधानी दिल्ली सहित पूरे देश में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ गए हैं।
दिल्ली में अब क्या हैं नए रेट?
दिल्ली में आज से पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें इस प्रकार लागू हो गई हैं:
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पेट्रोल: नियमित पेट्रोल की कीमत ₹94.77 से बढ़कर अब ₹97.91 प्रति लीटर हो गई है। (कुल ₹3.14 की बढ़ोतरी)
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डीजल: डीजल की कीमत ₹87.67 से बढ़कर अब ₹90.78 प्रति लीटर पहुँच गई है। (कुल ₹3.11 की बढ़ोतरी)
दिल्ली के साथ-साथ दिल्ली-NCR में सीएनजी (CNG) की कीमतों में भी इजाफा किया गया है, जिससे ऑटो और टैक्सी का सफर भी महंगा हो गया है।
क्यों बढ़ानी पड़ी कीमतें?
ईंधन के दामों में इस भारी वृद्धि के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय और आर्थिक कारण जिम्मेदार हैं:
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कच्चे तेल में उछाल: कुछ समय पहले तक जो कच्चा तेल 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था, वह युद्ध के कारण अब 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच चुका है।
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कंपनियों का घाटा: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने से भारत की तेल कंपनियों को रोजाना करीब 1,000 करोड़ रुपये (महीने में 30 हजार करोड़) का भारी नुकसान हो रहा था।
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रुपये में गिरावट: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होकर 95 के पार निकल गया है, जिससे तेल का आयात और भी महंगा हो गया है।
युद्ध और आपूर्ति में किल्लत
28 फरवरी से शुरू हुए ईरान-अमेरिका युद्ध ने पश्चिम एशिया में ईंधन की आपूर्ति व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है। सरकार ने लंबे समय तक खुदरा कीमतों को बढ़ने से रोके रखा था ताकि जनता पर बोझ न पड़े, लेकिन वैश्विक स्तर पर आपूर्ति में आई किल्लत और कंपनियों के बढ़ते घाटे के कारण अब कीमतों में संशोधन करना अनिवार्य हो गया था।
पीएम मोदी की अपील: ईंधन और विदेशी मुद्रा बचाएं
बढ़ते संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से विशेष अपील की थी। उन्होंने देश की विदेशी मुद्रा को सुरक्षित रखने के लिए ईंधन (पेट्रोल-डीजल) का विवेकपूर्ण उपयोग करने, सोने की खरीद कम करने और गैर-जरूरी विदेश यात्राओं को फिलहाल टालने का आग्रह किया था।
पेट्रोल-डीजल की इन बढ़ी हुई कीमतों का सीधा असर माल ढुलाई पर पड़ेगा, जिससे आने वाले दिनों में फल, सब्जी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी तेजी आने की आशंका है। आम आदमी के लिए यह हफ्ता आर्थिक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण साबित होने वाला है।