बिहार की राजनीति और अपराध की दुनिया में एक बार फिर हलचल मच गई है। मोकामा से जदयू विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह को सोनू गैंग ने खुलेआम चैलेंज दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में सोनू, अनंत सिंह के एक समर्थक को जान से मारने की धमकी देते हुए कह रहा है — “अनंत तुमको बचा लेगा क्या?” यह वीडियो करीब 4 मिनट का है और इसमें सोनू ने न सिर्फ शिवरतन कुमार को धमकाया बल्कि अनंत सिंह पर भी सीधे निशाना साधा।
क्या है पूरा विवाद?
वीडियो में बाढ़ के महेंद्रपुर गांव निवासी शिवरतन कुमार, सोनू पर 38 हजार रुपए बकाया होने का आरोप लगा रहा है। शिवरतन का कहना है कि उसने सोनू को सोना दिया था और भागलपुर यात्रा के दौरान दस बोतल शराब भी दी थी, लेकिन अब तक पूरी रकम नहीं चुकाई गई।
इस आरोप पर सोनू भड़क गया। उसने शिवरतन को भद्दी गालियां देते हुए कहा कि सोने के बदले चांदी दे दी गई है और अब सिर्फ हजार से डेढ़ हजार रुपए ही बकाया हैं। सोनू ने शिवरतन से पूछा कि वह कहां है ताकि वह खुद वहीं आकर हिसाब कर सके।
वीडियो में शिवरतन को मूंछों पर ताव देते हुए देखा जा सकता है, जिस पर सोनू और अधिक भड़क गया। उसने शिवरतन को मूंछों से हाथ हटाने को कहा और साफ धमकी दी — “जो मूंछ वाला है उसे भी हम भगा दिए, तुमको काटने पर हड्डियां भी नहीं मिलेंगी।”
अनंत सिंह पर सीधा निशाना
सोनू ने वीडियो में अनंत सिंह को भी सीधे ललकारा। उसने दावा किया कि शिवरतन ने उसके घर में रहते हुए अनंत सिंह को यह जानकारी दी थी कि वह घर में अकेला है। इसके बाद अनंत सिंह के लोग उसके घर आए थे, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।
सोनू ने चुनौती भरे अंदाज में कहा — “अनंत सिंह कुछ बिगाड़ लेंगे, सभी जानते हैं किसे भागना पड़ा था।” उसने यह भी कहा कि मूंछ पर ताव देने वाला उसके घर आया था लेकिन उसे भगा दिया गया।
सोनू ने गद्दारों को लेकर भी चेतावनी दी। उसने कहा — “जो उससे गद्दारी करता है उसका नाम लिस्ट में लिखा रहता है।” शिवरतन को संबोधित करते हुए उसने कहा कि इस बार मिला तो जान नहीं लेगा, लेकिन दोनों हाथ-पैर जरूर तोड़ देगा। वीडियो में सोनू ने नौरंगा गोलीकांड में मुखबिरी का जिक्र करते हुए शिवरतन पर आरोप लगाया कि उसी ने जानकारी लीक की थी।
बताया जाता है कि शिवरतन पहले सोनू गैंग के साथ काम करता था, लेकिन अब वह पाला बदलकर अनंत सिंह के खेमे में शामिल हो गया है। यही उसकी और सोनू के बीच दुश्मनी की असली वजह बताई जा रही है।
क्या था नौरंगा गोलीकांड?
22 जनवरी 2025 की शाम को मोकामा इलाके के नौरंगा गांव में अनंत सिंह के समर्थकों और सोनू-मोनू गैंग के बीच जमकर फायरिंग हुई थी। ग्रामीणों के मुताबिक शाम करीब साढ़े चार बजे अनंत सिंह वहां पहुंचे, जिसके कुछ देर बाद ही गोलियां चलने लगीं। करीब 100 राउंड फायरिंग हुई, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
विवाद की जड़ में ईंट-भट्ठे के मुंशी मुकेश कुमार थे, जो 14 हजार रुपए महीने पर काम करते थे। सोनू-मोनू ने उनसे बकाया पैसा मांगते हुए मारपीट की और उनके घर में ताला लगा दिया था। अनंत सिंह का कहना था कि वे पंचायती कराने गए थे और उनके आदमियों ने सोनू-मोनू से घर का ताला खोलने को कहा, लेकिन उन्होंने मानने से इनकार कर दिया।
अगले दिन अनंत सिंह फिर से नौरंगा गांव पहुंचे और इस बार माहौल और तनावपूर्ण हो गया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच फायरिंग हुई। हालांकि गांव वालों ने यह भी बताया था कि अनंत सिंह खुद भी फायरिंग में शामिल थे, जबकि अनंत सिंह ने इससे इनकार किया।
कौन हैं अनंत सिंह?
अनंत सिंह बिहार की राजनीति का एक बड़ा और विवादास्पद नाम हैं। मोकामा विधानसभा सीट से वे पांचवीं बार विधायक बने हैं। इस बार उन्होंने जदयू की टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। मोकामा को लंबे समय से अनंत सिंह का अभेद्य गढ़ माना जाता है।
फिलहाल अनंत सिंह पटना के बेऊर जेल में बंद हैं। उन पर दुलारचंद हत्याकांड में आरोप हैं। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान दुलारचंद की हत्या हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। जेल से ही उन्होंने चुनाव लड़ा और जीत भी हासिल की, जो उनकी मोकामा में पकड़ को साफ दर्शाता है।
क्या है सोनू-अनंत सिंह की रंजिश?
सोनू और अनंत सिंह के बीच की दुश्मनी मोकामा और उसके आसपास के इलाकों में वर्चस्व की लड़ाई से जुड़ी बताई जाती है। नौरंगा गोलीकांड के बाद से यह रंजिश और गहरी हो गई है। सोनू का यह ताजा वीडियो दर्शाता है कि दोनों पक्षों के बीच तनाव अभी भी बरकरार है और हालात कभी भी बिगड़ सकते हैं। पुलिस और प्रशासन इस मामले पर नजर रख रहे हैं।