BNT Desk: बिहार की राजधानी पटना से एक बेहद गंभीर खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री आवास और मुख्यमंत्री सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पूरे प्रशासन में हड़कंप मच गया है। यह धमकी ईमेल के जरिए भेजी गई है। ईमेल में न सिर्फ बम धमाके की बात कही गई है, बल्कि धमाके का समय भी लिखा गया है। धमकी मिलने के बाद पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट हो गई हैं। दोनों जगहों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और हर आने-जाने वाले व्यक्ति की सख्ती से जांच की जा रही है।
ईमेल के जरिए दी गई धमकी
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह 7 बजकर 57 मिनट पर मुख्यमंत्री सचिवालय के आधिकारिक ईमेल पर एक धमकी भरा मेल आया। इस ईमेल में मुख्यमंत्री सचिवालय और मुख्यमंत्री आवास को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। ईमेल भेजने वाले ने लिखा कि वह तय समय पर दोनों जगहों पर बम धमाका करेगा। धमकी मिलने के बाद सचिवालय के अधिकारियों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को दी। मामले को गंभीर मानते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी गई।
धमाके का समय भी बताया गया
धमकी भरे ईमेल में बम धमाके का समय भी लिखा गया है। इसमें कहा गया है कि सबसे पहले 21 जुलाई को दोपहर 3 बजकर 11 मिनट पर पटना सचिवालय में बम विस्फोट होगा। इसके बाद रात 9 बजकर 11 मिनट पर मुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्यमंत्री आवास को बम से उड़ाया जाएगा। धमकी में समय का साफ-साफ जिक्र होने के कारण पुलिस इसे बेहद गंभीरता से ले रही है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहतीं।
पुलिस और प्रशासन तुरंत हुए अलर्ट
ईमेल मिलते ही पटना पुलिस और मुख्यालय स्तर के अधिकारी हरकत में आ गए। सचिवालय थाना की पुलिस ने भी धमकी भरा ईमेल मिलने की पुष्टि की है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से जैसे ही शिकायत और केस दर्ज करने का आवेदन मिला, जांच टीम तुरंत सक्रिय हो गई। मामले की जांच कई स्तरों पर शुरू कर दी गई है। साइबर विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ईमेल किसने भेजा और यह किस जगह से भेजा गया।
डॉग स्क्वायड और बम निरोधक टीम ने संभाला मोर्चा
धमकी मिलने के तुरंत बाद डॉग स्क्वायड की टीम मुख्यमंत्री सचिवालय पहुंच गई। टीम ने पूरे परिसर की बारीकी से जांच शुरू कर दी। सुरक्षा कर्मी भवन के हर हिस्से, पार्किंग, कार्यालय, प्रवेश द्वार और आसपास के इलाकों की तलाशी ले रहे हैं। बम निरोधक दस्ता भी पूरी तरह सतर्क है और किसी भी संदिग्ध वस्तु की जांच की जा रही है। अभी तक किसी तरह की संदिग्ध चीज मिलने की जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन जांच लगातार जारी है।
सुरक्षा व्यवस्था की गई और मजबूत
धमकी के बाद मुख्यमंत्री सचिवालय और मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा पहले से ज्यादा कड़ी कर दी गई है। दोनों जगहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अंदर प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति की पहचान जांची जा रही है। वाहनों की भी सघन जांच की जा रही है ताकि कोई संदिग्ध सामान परिसर के अंदर न पहुंच सके। सुरक्षा एजेंसियां पूरे इलाके पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
ईमेल भेजने वाले की तलाश शुरू
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि धमकी भरा ईमेल किसने भेजा। साइबर सेल ईमेल की तकनीकी जांच कर रही है। ईमेल का आईपी एड्रेस, सर्वर और अन्य डिजिटल जानकारी खंगाली जा रही है। अगर ईमेल किसी फर्जी आईडी से भेजा गया है, तब भी पुलिस डिजिटल सबूतों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि धमकी देने वाले की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि इस मामले को लेकर किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। यदि किसी व्यक्ति को कोई संदिग्ध वस्तु, लावारिस बैग या संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
जांच जारी, फिलहाल कोई विस्फोटक नहीं मिला
फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच में जुटी हैं। मुख्यमंत्री सचिवालय और मुख्यमंत्री आवास की लगातार तलाशी ली जा रही है। अब तक किसी विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, धमकी को हल्के में नहीं लिया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने तक सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पहले की तरह कड़ी रहेगी। पूरे मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही ईमेल भेजने वाले की पहचान करने की कोशिश की जाएगी।