BNT Desk: पटना में CJP की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईस्ट जोन कोऑर्डिनेटर सतीश यादव ने बिहार में हुए SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि बिहार से ही SIR की प्रक्रिया शुरू हुई थी और इसके दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए। CJP ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर अपनी आपत्तियां सामने रखते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है।
सतीश यादव ने कहा कि SIR के दौरान बिहार में करीब 47 लाख नाम हटाए गए। उन्होंने एक अखबार की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि चुनाव आयुक्तों की अनुमति के बिना कई फैसले लिए गए। हालांकि, यह दावा CJP की ओर से प्रस्तुत आरोप के रूप में ही सामने आया है। चुनाव आयोग की ओर से इस तरह के आरोपों पर अलग-अलग मौकों पर अपने निर्णयों को लेकर स्पष्टीकरण दिए जाने की खबरें भी सामने आई हैं।
बिहार से शुरू हुई SIR प्रक्रिया का मुद्दा उठाया
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सतीश यादव ने कहा कि बिहार में SIR की प्रक्रिया शुरू होने के बाद मतदाता सूची में बड़े स्तर पर बदलाव हुआ। उनके मुताबिक, इस प्रक्रिया के दौरान करीब 47 लाख नाम हटाए गए। CJP ने इन नामों को लेकर सवाल उठाते हुए मांग की कि जिन लोगों के नाम SIR के तहत मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उन्हें तत्काल सूची में वापस जोड़ा जाए। संगठन का कहना है कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
पश्चिम बंगाल का भी दिया उदाहरण
सतीश यादव ने पश्चिम बंगाल में हुई SIR प्रक्रिया का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, वहां करीब 60 लाख नाम हटाए गए और इनमें लगभग 16 लाख मामलों पर सुनवाई हुई। CJP ने इस उदाहरण के जरिए मतदाता सूची में नाम हटाने और उसके बाद शिकायतों की सुनवाई की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। संगठन का कहना है कि मतदाताओं को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। इसके अलावा गोवा में भी SIR की प्रक्रिया के दौरान कथित गड़बड़ियों के आरोप लगाए जाने का दावा प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया गया। इन दावों को CJP के आरोप के रूप में देखा जाना चाहिए और इनके संबंध में स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि इस सामग्री में उपलब्ध नहीं है।
बाढ़ प्रभावितों की सहायता को लेकर भी सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिहार में बाढ़ की स्थिति और प्रभावित लोगों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता का मुद्दा भी उठाया गया। सतीश यादव ने दावा किया कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 7,000 रुपये की सहायता राशि का प्रावधान किया गया, लेकिन सभी प्रभावित परिवारों तक यह राशि नहीं पहुंची। CJP ने मांग की कि बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों को निर्धारित सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए। संगठन ने इस मुद्दे को प्रशासनिक व्यवस्था और राहत वितरण से जोड़ते हुए सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
बिहार चुनाव में पैसे के इस्तेमाल का आरोप
CJP की ओर से बिहार में चुनाव के दौरान पैसे के जरिए वोट खरीदने का आरोप भी लगाया गया। हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए इस आरोप के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण या आधिकारिक जांच का निष्कर्ष इस सामग्री में उपलब्ध नहीं है। चुनाव प्रक्रिया से जुड़े ऐसे आरोपों पर संबंधित संस्थाओं की आधिकारिक जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
CEC ज्ञानेश कुमार से 48 घंटे में इस्तीफे की मांग
CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। सतीश यादव ने कहा कि CEC को 48 घंटे के भीतर अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। CJP की ओर से कहा गया कि यदि दिल्ली में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद 48 घंटे के भीतर CEC इस्तीफा नहीं देते हैं, तो संगठन पूरे देश में आंदोलन करेगा। संगठन ने यह भी दावा किया कि बिहार में इस आंदोलन का सबसे बड़ा और जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। CJP से जुड़े सोशल मीडिया पोस्टों में भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी सामने आई है।
CJP की तीन प्रमुख मांगें
प्रेस कॉन्फ्रेंस में संगठन ने अपनी तीन प्रमुख मांगें सामने रखीं। पहली मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और पूरे मामले की स्वतंत्र संस्था से जांच कराने की है। दूसरी मांग SIR के तहत हटाए गए मतदाताओं के नाम तत्काल मतदाता सूची में जोड़ने की है। संगठन का कहना है कि जिन लोगों के नाम सूची से हटाए गए हैं, उनकी स्थिति की समीक्षा की जानी चाहिए। तीसरी मांग चुनाव आयोग के नए सिरे से गठन की है। CJP का कहना है कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर किसी तरह का संदेह नहीं रहना चाहिए और इसके लिए संस्थागत स्तर पर बदलाव किए जाने चाहिए।
देशभर में आंदोलन की चेतावनी
CJP ने कहा कि अगर 48 घंटे के भीतर उसकी मांग पर कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे देश में आंदोलन किया जाएगा। संगठन ने बिहार में बड़े प्रदर्शन का दावा किया है। साथ ही कहा गया कि अभिजीत दीपके भी बिहार का दौरा करेंगे। फिलहाल CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस में SIR, मतदाता सूची, चुनावी प्रक्रिया और बाढ़ राहत से जुड़े कई मुद्दे उठाए गए हैं। इनमें से कई बातें संगठन के आरोप और दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस सामग्री में नहीं है। चुनाव आयोग या संबंधित प्रशासन की ओर से इन विशेष आरोपों पर आगे कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है तो उससे स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।