बिहार: जमुई-समस्तीपुर छेड़खानी मामलों पर मंत्री अशोक चौधरी का बयान, बोले- महिलाओं को परेशान करने वालों पर चलेगा कानून का पूरा ‘बुलडोजर’

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BNT Desk: बिहार के जमुई और समस्तीपुर में लड़कियों से कथित बदसलूकी और छेड़खानी के मामलों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इन घटनाओं के बीच बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने कहा है कि महिलाओं और लड़कियों को परेशान करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जो भी कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उसे जेल भेजा जाएगा।

अशोक चौधरी ने जमुई और समस्तीपुर की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जा रही है। उनके मुताबिक, समस्तीपुर मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है। समस्तीपुर के कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र में वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मंत्री ने कहा कि सरकार का संदेश स्पष्ट है कि महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने वाले किसी भी व्यक्ति को संरक्षण नहीं दिया जाएगा।

 

जमुई और समस्तीपुर मामलों के बाद बढ़ी सियासी बयानबाजी

जमुई में 19 सितंबर को एक नाबालिग लड़की और उसके साथ मौजूद एक नाबालिग लड़के को कुछ लोगों द्वारा रोककर कथित तौर पर मारपीट और बदसलूकी किए जाने का वीडियो सामने आया था। वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की। पुलिस ने मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और जांच जारी है। इसी बीच समस्तीपुर के कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र से भी एक लड़की के साथ कथित छेड़खानी का वीडियो सामने आया। पुलिस के अनुसार, वीडियो की जांच और तकनीकी सत्यापन के बाद मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। लगातार दो जिलों से इस तरह के मामले सामने आने के बाद कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर राजनीतिक दलों की ओर से बयान दिए जा रहे हैं। सत्ता पक्ष की ओर से कार्रवाई का हवाला दिया जा रहा है, जबकि विपक्ष इन घटनाओं को लेकर सरकार से सवाल कर रहा है।

 

‘अपराधी को बख्शेंगे नहीं’

अशोक चौधरी ने कहा कि बिहार की आबादी करीब 14 करोड़ है और इतने बड़े राज्य में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले लोग हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के कारण पूरे राज्य की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होते हैं, लेकिन सरकार की ओर से अपराध की स्थिति में कार्रवाई की जाती है। मंत्री ने अपने बयान में कहा कि महिलाओं और लड़कियों को परेशान करने वाले लोगों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने कानून का पूरा इस्तेमाल किए जाने की बात कही और कहा कि कानून अपने हाथ में लेने वालों को जेल जाना होगा। अशोक चौधरी ने यह भी कहा कि घटनाओं का होना और उसके बाद सरकार की कार्रवाई दो अलग-अलग बातें हैं। उनके मुताबिक, सरकार का आकलन इस आधार पर भी किया जाना चाहिए कि किसी घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस ने क्या कदम उठाए।

 

‘किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा हो, कार्रवाई होगी’

मंत्री ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति कानून अपने हाथ में लेता है तो उसकी राजनीतिक पहचान के आधार पर कार्रवाई नहीं रोकी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अपराध करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होगी, चाहे उसका संबंध किसी भी राजनीतिक दल या संगठन से क्यों न हो। उन्होंने कहा कि सरकार किसी आरोपी को बचाने के पक्ष में नहीं है और प्रशासन को कानून के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए। अशोक चौधरी ने यह भी कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में स्थापित कानून-व्यवस्था की व्यवस्था को आगे बढ़ाने की बात सरकार कर रही है। उनके बयान का मुख्य जोर इस बात पर रहा कि अपराध के मामलों में पुलिस और प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए तथा कानून को हाथ में लेने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।

 

दूसरे देशों का उदाहरण देकर कही अपनी बात

अशोक चौधरी ने अपराध की घटनाओं को लेकर दूसरे देशों का उदाहरण भी दिया। उन्होंने अमेरिका और जापान जैसे देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि अपराध की घटनाएं केवल बिहार तक सीमित नहीं हैं। उनके मुताबिक, किसी भी समाज में अपराध पूरी तरह खत्म होने की बात अलग है, लेकिन घटना के बाद सरकार और प्रशासन की कार्रवाई महत्वपूर्ण होती है। मंत्री ने इसी आधार पर कहा कि किसी घटना के बाद यह देखना जरूरी है कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ क्या कदम उठाया। जमुई और समस्तीपुर के मामलों में उन्होंने प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई का उल्लेख किया। हालांकि, अपराध की घटनाओं की संख्या, पुलिस कार्रवाई और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों की अपनी-अपनी व्याख्या है। सरकार और विपक्ष इन घटनाओं को अलग-अलग राजनीतिक संदर्भों में देख रहे हैं।

 

समस्तीपुर मामले में चार आरोपियों की गिरफ्तारी

समस्तीपुर के कर्पूरीग्राम इलाके में सामने आए वीडियो के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, तकनीकी जांच के जरिए घटनास्थल की पहचान करने के बाद पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस की कार्रवाई के बाद अब मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। आरोपियों से पूछताछ और वीडियो से जुड़े तथ्यों की जांच के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी। वहीं जमुई मामले में भी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की है। मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT गठित किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।

 

‘सरकार का इकबाल जनता तय करेगी’

सरकार के इकबाल और कानून-व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों पर अशोक चौधरी ने कहा कि इसका फैसला बिहार की करीब 14 करोड़ जनता करेगी। उन्होंने कहा कि बिहार किन परिस्थितियों से निकलकर वर्तमान स्थिति तक पहुंचा है, इसे राज्य की जनता ने देखा है। उन्होंने कहा कि सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए काम कर रही है और जिन मामलों में अपराध सामने आया है, उनमें पुलिस कार्रवाई कर रही है। जमुई और समस्तीपुर की घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन ने कार्रवाई की है और आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया चल रही है।

इस बीच दोनों मामलों को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। एक ओर सरकार की ओर से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और कानून के तहत सख्त कदम उठाने की बात कही जा रही है, वहीं विपक्ष कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार से जवाब मांग रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में इन मामलों की पुलिस जांच और अदालत की प्रक्रिया के साथ-साथ इन पर होने वाली राजनीतिक बयानबाजी भी जारी रहने की संभावना है।

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