पटना: गौरीचक में नाबालिग छात्रा से मारपीट, फोन पर बात करने का दबाव; परिजनों ने थाने में दी शिकायत

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BNT Desk: पटना के गौरीचक थाना क्षेत्र में नौवीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा के साथ मारपीट और उसे फोन पर बात करने के लिए दबाव बनाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कोचिंग में पढ़ने वाला एक सहपाठी छात्र छात्रा को लगातार परेशान कर रहा था और मोबाइल फोन पर उससे बात करने के लिए दबाव बना रहा था। जब छात्रा ने बात करने से इनकार किया तो उसे रास्ते में रोककर मारपीट करने का आरोप है। घटना के बाद छात्रा ने घर पहुंचकर परिजनों को पूरी जानकारी दी। इसके बाद परिजन उसे लेकर गौरीचक थाना पहुंचे और लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है। डीएसपी सदर-2 रंजन कुमार ने घटना को गंभीरता से लेते हुए गौरीचक थाना प्रभारी को कार्रवाई का निर्देश दिया है। पुलिस के अनुसार मामले की जांच जारी है। वहीं, पीड़िता के परिजनों ने थाने में आवेदन देने के बाद कार्रवाई में देरी का आरोप भी लगाया है।

 

स्कूल के बाद कोचिंग जाती थी छात्रा

बताया गया है कि पीड़ित छात्रा नौवीं कक्षा में पढ़ती है। वह स्कूल से लौटने के बाद शाम के समय कोचिंग पढ़ने जाती थी। इसी कोचिंग में पढ़ने वाला एक सहपाठी छात्र कथित तौर पर उसे लगातार परेशान करता था। परिजनों के मुताबिक, छात्रा पर मोबाइल फोन के जरिए उससे बात करने का दबाव बनाया जाता था। छात्रा ने जब इस तरह बात करने से इनकार किया तो मामला और बढ़ गया। छात्रा की ओर से फोन पर बात करने से मना किए जाने के बाद भी कथित तौर पर उस पर दबाव बनाया जाता रहा। मामले में परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

 

फोन पर बात करने से इनकार किया तो रास्ते में रोका

फाइल में दी गई जानकारी के अनुसार, मंगलवार को छात्रा जब फतेहपुर के पास से गुजर रही थी, तभी आरोपित छात्र ने अपने एक अन्य सहपाठी के साथ मिलकर उसे रोक लिया। आरोप है कि दोनों ने छात्रा के साथ मारपीट की। परिजनों का कहना है कि छात्रा को धमकी देते हुए यह दबाव बनाया गया कि उसे हर हाल में फोन पर बात करनी होगी। छात्रा के साथ हुई कथित मारपीट के बाद वह किसी तरह अपने घर पहुंची और परिवार के लोगों को पूरी घटना की जानकारी दी। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन छात्रा को लेकर सीधे गौरीचक थाना पहुंचे और पुलिस को लिखित आवेदन दिया।

 

परिजनों ने पुलिस पर कार्रवाई में देरी का लगाया आरोप

घटना के बाद छात्रा के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए हैं। परिवार का आरोप है कि थाने में आवेदन देने के करीब सात घंटे बाद तक मामले में गंभीर कार्रवाई नहीं की गई। परिजनों का यह भी आरोप है कि थाना अध्यक्ष से फोन पर संपर्क करने के बावजूद उन्हें मामले में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। हालांकि पुलिस की ओर से मामले की जांच की जा रही है और अधिकारियों ने थाना स्तर पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस मामले में पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना के समय वास्तव में क्या हुआ था और इसमें शामिल दोनों छात्रों की भूमिका क्या थी।

 

डीएसपी ने दिए कार्रवाई के निर्देश

मामले की जानकारी मिलने के बाद डीएसपी सदर-2 रंजन कुमार ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने गौरीचक थाना प्रभारी को मामले में कार्रवाई करने का निर्देश दिया। डीएसपी के अनुसार मामले की छानबीन की जा रही है। पुलिस पीड़िता और उसके परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर घटनाक्रम को समझने की कोशिश कर रही है। चूंकि मामला नाबालिग छात्रा से जुड़ा है, इसलिए जांच में उसके बयान और उपलब्ध साक्ष्यों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

आरोपित छात्र भी नाबालिग

मामले में एक महत्वपूर्ण बात यह भी सामने आई है कि पीड़िता के साथ मारपीट करने वाला छात्र भी नाबालिग है। पुलिस के अनुसार उसने छात्रा के साथ मारपीट करने की बात स्वीकार की है। वहीं, दूसरा सहपाठी भी घटना के समय वहां मौजूद बताया गया है। पुलिस अब उसकी भूमिका की भी जांच कर रही है। इस मामले में आगे की कार्रवाई जांच के तथ्यों के आधार पर होगी। पुलिस यह भी देख रही है कि छात्रा को किस परिस्थिति में रोका गया और उसके साथ मारपीट क्यों की गई।

 

नाबालिग छात्रा की सुरक्षा को लेकर सवाल

घटना ने एक बार फिर नाबालिग छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। स्कूल और कोचिंग के बीच आने-जाने वाली छात्राओं को अगर रास्ते में रोककर परेशान किया जाता है या उन पर किसी तरह का दबाव बनाया जाता है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। इस मामले में छात्रा ने परिवार को जानकारी दी और परिजनों ने पुलिस से शिकायत की। अब पुलिस की जिम्मेदारी है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष तरीके से जांच करे और जो भी तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर कानूनी कार्रवाई करे। साथ ही, अगर जांच में यह पुष्टि होती है कि छात्रा को लगातार परेशान किया जा रहा था या उसे धमकी देकर फोन पर बात करने के लिए मजबूर किया जा रहा था, तो उस पहलू को भी जांच में शामिल करना जरूरी होगा।

 

जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर

फिलहाल मामले की छानबीन जारी है। पुलिस के अनुसार पीड़िता नाबालिग है और मारपीट का आरोप जिस छात्र पर लगाया गया है, वह भी नाबालिग है। आरोपित छात्र द्वारा मारपीट की बात स्वीकार किए जाने की जानकारी भी सामने आई है, जबकि दूसरे सहपाठी की भूमिका की जांच की जा रही है। अब पुलिस जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि घटना किस परिस्थिति में हुई, छात्रा को क्यों रोका गया और उसके साथ मारपीट के पीछे क्या कारण था। फिलहाल परिजनों ने कार्रवाई की मांग की है और पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।

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