BNT Desk: पटना के बिहटा थाना क्षेत्र के एक गांव से 18 सितंबर की दोपहर लापता हुई 10वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा की लखनऊ में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, छात्रा घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटी थी। अगले दिन लखनऊ रेल पुलिस की ओर से परिवार को सूचना दी गई कि छात्रा आलमनगर रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक के नजदीक घायल अवस्था में मिली है। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
छात्रा की मौत के बाद परिजनों ने गांव के ही तीन युवकों शंकर राय, दुर्गा राय और लक्ष्मण कुमार पर अपहरण के बाद दुष्कर्म और हत्या का आरोप लगाया है। परिवार की ओर से बिहटा थाने में शिकायत देकर नामजद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की गई है। हालांकि, परिजनों की ओर से लगाए गए इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
18 सितंबर को दोपहर घर से निकली थी छात्रा
परिजनों के अनुसार, छात्रा 18 सितंबर को दोपहर करीब 12 बजे घर से निकली थी। इसके बाद वह वापस नहीं लौटी। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिवार के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। आसपास के इलाकों के साथ-साथ रिश्तेदारों के यहां भी छात्रा के बारे में जानकारी ली गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। परिजनों का कहना है कि काफी खोजबीन के बाद भी जब छात्रा का कोई सुराग नहीं मिला तो उन्होंने उसके अपहरण की आशंका जताई। परिवार के लोग रात करीब 10 बजे शिकायत लेकर बिहटा थाना पहुंचे थे। परिजनों के अनुसार, उस समय उनसे सुबह आने के लिए कहा गया, जिसके बाद वे वापस लौट गए। परिवार का आरोप है कि इसके बाद भी छात्रा की तलाश को लेकर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई।
19 सितंबर की सुबह लखनऊ से आया फोन
परिवार के अनुसार, 19 सितंबर की सुबह करीब पांच बजे लखनऊ रेल पुलिस की ओर से उन्हें फोन आया। पुलिस ने बताया कि छात्रा आलमनगर रेलवे स्टेशन के समीप रेलवे ट्रैक के पास घायल अवस्था में मिली है। सूचना मिलने के बाद परिवार के लोग लखनऊ पहुंचे। वहां उन्हें पता चला कि छात्रा को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों के लिए यह घटना इसलिए भी हैरान करने वाली थी क्योंकि छात्रा 18 सितंबर को बिहटा से लापता हुई थी और अगले दिन लखनऊ में रेलवे ट्रैक के पास घायल मिली। परिवार का कहना है कि छात्रा बिहटा से लखनऊ कैसे पहुंची और रेलवे ट्रैक के पास किस परिस्थिति में घायल हुई, इसकी उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
मां ने तीन युवकों पर लगाया आरोप
छात्रा की मां ने बिहटा थाने में गांव के तीन युवकों शंकर राय, दुर्गा राय और लक्ष्मण कुमार के खिलाफ शिकायत दी है। शिकायत में तीनों पर बेटी के अपहरण के बाद दुष्कर्म और हत्या करने का आरोप लगाया गया है। मां का आरोप है कि उनकी बेटी को गांव के ही युवकों ने अपहरण किया था। परिवार ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच करने और नामजद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, पुलिस की जांच पूरी होने से पहले इन आरोपों को प्रमाणित तथ्य के तौर पर नहीं माना जा सकता। पुलिस फिलहाल छात्रा के लापता होने से लेकर लखनऊ में घायल अवस्था में मिलने और फिर उसकी मौत तक की पूरी कड़ी को जोड़ने में जुटी है।
परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
परिजनों ने आरोप लगाया है कि 18 सितंबर की रात ही पुलिस को छात्रा के लापता होने की जानकारी दी गई थी। परिवार का कहना है कि अगर समय रहते छात्रा की तलाश शुरू कर दी जाती तो शायद स्थिति अलग हो सकती थी। परिजनों ने पुलिस से मामले की पूरी जांच करने की मांग की है। उनका कहना है कि छात्रा के लापता होने की सूचना से लेकर लखनऊ में उसके मिलने तक की घटनाओं की जांच होनी चाहिए। परिवार ने नामजद युवकों के खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग करते हुए मामले में दोषियों का पता लगाने की अपील की है।
लखनऊ में मोबाइल मिलने की भी जानकारी
परिजनों के अनुसार, छात्रा के घायल मिलने की जगह से पुलिस ने एक मोबाइल फोन बरामद किया था। मृतका की मां का कहना है कि लखनऊ पुलिस की ओर से परिजनों को एक मोबाइल फोन दिया गया। परिजनों का दावा है कि यह मोबाइल नामजद तीन आरोपियों में से किसी एक का हो सकता है। हालांकि, मोबाइल फोन वास्तव में किसका है और उसका इस घटना से क्या संबंध है, इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। मोबाइल से जुड़े इस पहलू को भी जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि छात्रा लखनऊ तक कैसे पहुंची और उसके साथ वहां क्या हुआ।
शव बिहटा पहुंचने के बाद थाने पहुंचे परिजन
छात्रा की मौत के बाद परिजन उसका शव लेकर बिहटा पहुंचे। इसके बाद परिवार के लोग बिहटा थाने पहुंचे और नामजद तीनों युवकों की गिरफ्तारी की मांग की। परिजनों ने पुलिस से घटना की पूरी जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मृतका की मां ने बिहार के मुख्यमंत्री से भी आरोपित युवकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है। वहीं मामले को लेकर गांव में भी चर्चा है और लोग पुलिस जांच के नतीजे का इंतजार कर रहे हैं।
पुलिस कर रही लखनऊ रेल पुलिस से संपर्क
बिहटा थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि परिजनों की ओर से 21 सितंबर को मामले की जानकारी दी गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। थानाध्यक्ष के अनुसार, लखनऊ रेल पुलिस से भी घटना के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। छात्रा के 18 सितंबर को लापता होने से लेकर 19 सितंबर को लखनऊ में रेलवे ट्रैक के पास घायल अवस्था में मिलने तक की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। फिलहाल पुलिस ने परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों को भी जांच के दायरे में रखा है।
सिटी एसपी ने कहा- मामला गंभीर
पटना पश्चिमी सिटी एसपी साकेत कुमार ने मामले को गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है और परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच का मुख्य फोकस छात्रा के लापता होने, लखनऊ पहुंचने, रेलवे ट्रैक के पास घायल अवस्था में मिलने और इलाज के दौरान उसकी मौत की पूरी परिस्थितियों को समझने पर है। मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच से मिलने वाली जानकारी के बाद ही मौत की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।