पटना में प्रॉपर्टी टैक्स वसूली का अभियान तेज, पटना जू पर 9.88 करोड़ बकाया; 700 से ज्यादा संपत्तियों से 56.55 लाख वसूले

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BNT Desk: पटना नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स की बकाया राशि वसूलने के लिए डोर-टू-डोर अभियान तेज कर दिया है। नगर निगम की टीमें शहर के अलग-अलग अंचलों में जाकर मकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य संपत्तियों की जांच कर रही हैं। इस दौरान संपत्ति कर से जुड़ी जानकारी जुटाने के साथ-साथ बकाया राशि की वसूली पर भी जोर दिया जा रहा है। निगम की समीक्षा में सरकारी संस्थानों और निजी संपत्तियों पर करोड़ों रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया पाया गया है। सरकारी संस्थानों में पटना जू सबसे बड़ा बकायेदार बताया गया है। इसके अलावा कई सरकारी कार्यालयों और विभागों की संपत्तियों पर भी बड़ी राशि का टैक्स बकाया है। नगर निगम संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर इन बकाया राशियों के भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने में जुटा है।

 

पटना जू पर सबसे ज्यादा 9.88 करोड़ रुपये बकाया

नगर निगम की समीक्षा के अनुसार, सरकारी संस्थानों में पटना जू पर सबसे अधिक 9.88 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। इसके बाद बुडको की संपत्तियों पर 3.09 करोड़ रुपये का बकाया बताया गया है। प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय की संपत्तियों पर 3.77 करोड़ रुपये और जिलाधिकारी कार्यालय की संपत्तियों पर 2.01 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग से जुड़ी संपत्तियों पर 3.19 करोड़ रुपये तथा सीजीएसटी से संबंधित संपत्तियों पर 3.78 करोड़ रुपये बकाया बताया गया है। नगर निगम इन सरकारी संपत्तियों से बकाया राशि की वसूली के लिए संबंधित विभागों से संपर्क कर रहा है। विभागों के साथ समन्वय कर भुगतान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

 

पांच प्रमुख निजी संपत्तियों पर 1.94 करोड़ का बकाया

डोर-टू-डोर अभियान के दौरान नगर निगम ने कई निजी संपत्तियों को भी बकाया टैक्स के लिए चिह्नित किया है। पांच प्रमुख गैर-सरकारी संपत्तियों पर कुल करीब 1.94 करोड़ रुपये का संपत्ति कर बकाया बताया गया है। इनमें चार संपत्तियां पाटलिपुत्र अंचल और एक संपत्ति नूतन राजधानी अंचल में है। निगम की टीमें इन संपत्तियों से जुड़े कर रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं और बकाया राशि जमा कराने के लिए संपत्ति मालिकों से संपर्क किया जा रहा है।

 

ये हैं टॉप पांच गैर-सरकारी बकाएदार

नगर निगम की सूची के अनुसार उत्कर्ष स्फटिक लिमिटेड, वार्ड-27 पर 65.48 लाख रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। इसके बाद वीरेंद्र कुमार, सुजाता देवी, विनीता देवी, पारस नाथ और सुमित्रा देवी की वार्ड-2 स्थित संपत्ति पर 45.86 लाख रुपये बकाया बताया गया है। वार्ड-2 की ही समुद्री देवी की संपत्ति पर 36.91 लाख रुपये का बकाया है। वार्ड-1 के सुकांत कुमार मिश्रा की संपत्ति पर 24.56 लाख रुपये और वार्ड-13 के शंकर कुमार तथा नूतन कुमारी की संपत्ति पर 21.45 लाख रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया बताया गया है। नगर निगम ने क्षेत्रवार मामलों की निगरानी बढ़ा दी है, ताकि लंबे समय से लंबित संपत्ति कर की राशि जमा कराई जा सके।

 

एक दिन में 193 संपत्तियों का टैक्स असेसमेंट

बकाया टैक्स की वसूली के साथ नगर निगम संपत्तियों के टैक्स असेसमेंट पर भी काम कर रहा है। निगम के अनुसार, एक दिन में 193 नई संपत्तियों का टैक्स असेसमेंट किया गया, जिसे रिकॉर्ड बताया गया है। वहीं, शहर के सभी छह अंचलों में चलाए गए डोर-टू-डोर अभियान के दौरान 700 से अधिक संपत्तियों से करीब 56.55 लाख रुपये प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली की गई। निगम की टीमें घर-घर पहुंचकर संपत्ति मालिकों से जरूरी जानकारी भी जुटा रही हैं। अभियान के दौरान 55 संपत्ति मालिकों ने स्व-कर पुनर्निर्धारण कराया। इसके अलावा 23 संपत्तियों में पेनाल्टी के साथ दोबारा कर निर्धारण किया गया।

 

छह अंचलों में हुई टैक्स की वसूली

नगर निगम के अभियान के दौरान सभी छह अंचलों में संपत्ति कर की वसूली की गई। अजीमाबाद अंचल में 132 संपत्तियों से 4.79 लाख रुपये, बांकीपुर में 96 संपत्तियों से 7.42 लाख रुपये और कंकड़बाग में 120 संपत्तियों से 7.42 लाख रुपये की वसूली हुई। नूतन राजधानी अंचल में 147 संपत्तियों से 18.70 लाख रुपये, पाटलिपुत्र अंचल में 156 संपत्तियों से 13.18 लाख रुपये और पटना सिटी अंचल में 56 संपत्तियों से 5.02 लाख रुपये प्रॉपर्टी टैक्स वसूला गया। इन आंकड़ों से पता चलता है कि डोर-टू-डोर अभियान के दौरान निगम की टीमें केवल पुराने बकायेदारों से राशि वसूलने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संपत्तियों के टैक्स रिकॉर्ड और निर्धारण से जुड़ी जानकारी भी अपडेट कर रही हैं।

 

टैक्स निर्धारण के लिए घर बुला सकेंगे अफसर

नगर निगम ने संपत्ति मालिकों की सुविधा के लिए टैक्स निर्धारण और पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया को लेकर भी व्यवस्था की है। यदि किसी संपत्ति का अभी तक टैक्स निर्धारण या पुनर्निर्धारण नहीं हुआ है, तो संपत्ति मालिक प्रक्रिया पूरी करने के लिए नगर निगम की ऑनलाइन सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर टैक्स निर्धारण से जुड़ी जानकारी लेने के लिए संबंधित अधिकारी से संपर्क भी किया जा सकता है। नगर निगम ने कार्यपालक पदाधिकारी और राजस्व पदाधिकारी के संपर्क नंबर सार्वजनिक किए हैं। संपत्ति मालिक किसी तरह की समस्या या प्रक्रिया को लेकर भ्रम होने पर फोन के माध्यम से भी जानकारी और सुझाव ले सकते हैं।

 

बकाया टैक्स जमा कराने पर निगम का जोर

नगर निगम की ओर से चलाए जा रहे इस अभियान का मुख्य फोकस बकाया प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली के साथ-साथ संपत्तियों का सही टैक्स निर्धारण सुनिश्चित करना है। डोर-टू-डोर अभियान के जरिए संपत्ति मालिकों से संपर्क कर रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। सरकारी और निजी दोनों तरह की संपत्तियों पर बकाया राशि सामने आने के बाद निगम ने वसूली की निगरानी बढ़ाई है। आने वाले दिनों में भी अलग-अलग अंचलों में अभियान जारी रहने की बात कही गई है। संपत्ति मालिक ऑनलाइन माध्यम से टैक्स से जुड़ी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं और बकाया राशि का भुगतान कर सकते हैं।

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