गया जी: पितृपक्ष मेला 2026 की तैयारियों का जायजा लेने विष्णुपद पहुंचे विजय कुमार सिन्हा, अधिकारियों को दिए व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश

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BNT Desk: बिहार सरकार के कृषि मंत्री सह गया जिले के प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सोमवार को विश्व प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर पहुंचकर विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। पूजा के बाद उन्होंने आगामी पितृपक्ष मेला-2026 की तैयारियों का जायजा लिया। प्रभारी मंत्री ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर जरूरी निर्देश दिए। पितृपक्ष मेला गया में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। श्रद्धालु अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और तृप्ति के लिए गयाजी पहुंचकर पिंडदान और अन्य धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। ऐसे में मेला शुरू होने से पहले प्रशासन की ओर से सफाई, यातायात, सुरक्षा, पेयजल समेत तमाम बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने पर जोर दिया जा रहा है।

 

विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद किया निरीक्षण

विजय कुमार सिन्हा ने सबसे पहले विष्णुपद मंदिर में पहुंचकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने पूरे विधि-विधान के साथ धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लिया। पूजा के बाद प्रभारी मंत्री मेला क्षेत्र में पहुंचे और वहां चल रही तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने यह भी समझने की कोशिश की कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार किन क्षेत्रों में अतिरिक्त तैयारी की जरूरत है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेला शुरू होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं, ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

 

सनातन संस्कृति और आस्था का बड़ा केंद्र है पितृपक्ष मेला

निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत में विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस बार भी पितृपक्ष मेला नए उत्साह, पवित्रता, सनातन संस्कृति, संस्कार और विश्वास के साथ शुरू होगा। उन्होंने कहा कि मेला की तैयारियों में शासन और प्रशासन दोनों पूरी तरह जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि अपने पितरों के प्रति श्रद्धा और आस्था व्यक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर भी है। देश के अलग-अलग हिस्सों के अलावा विदेशों से भी लोग यहां पिंडदान के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सेवा में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों और धर्मकार्य से जुड़े लोगों से भी सेवा भाव के साथ काम करने की अपील की।

 

पिछले अनुभवों के आधार पर तैयार होगी व्यवस्था

प्रभारी मंत्री ने कहा कि पितृपक्ष मेला की तैयारियों को लेकर लगातार बैठकें की जा रही हैं। इन बैठकों में पिछले वर्षों के अनुभवों और लोगों से मिले सुझावों को ध्यान में रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन व्यवस्थाओं में पहले किसी तरह की परेशानी सामने आई थी, उन्हें इस बार पहले से बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है। मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए प्रशासन को हर स्तर पर तैयारी रखने की जरूरत है। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि मेला शुरू होने से पहले सभी विभाग आपस में समन्वय स्थापित कर अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करें।

सफाई, यातायात और पेयजल पर विशेष जोर

विजय कुमार सिन्हा ने अधिकारियों को मेला क्षेत्र की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने के कारण सफाई व्यवस्था लगातार मजबूत रहनी चाहिए। इसके साथ ही यातायात व्यवस्था को लेकर भी पहले से तैयारी करने को कहा गया है। मेला के दौरान शहर और मेला क्षेत्र में वाहनों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने के लिए ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर रखना जरूरी है। पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। श्रद्धालुओं को किसी भी जरूरी सुविधा के लिए परेशान न होना पड़े, इसके लिए संबंधित विभागों को पहले से तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए गए।

 

अप्रिय घटना रोकने के लिए विभागों में समन्वय जरूरी

प्रभारी मंत्री ने कहा कि पितृपक्ष मेला जैसे बड़े आयोजन में सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण विषयों में से एक है। किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए जिलाधिकारी, नगर आयुक्त, पुलिस अधीक्षक और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। मेला क्षेत्र में भीड़ प्रबंधन से लेकर श्रद्धालुओं की आवाजाही तक सभी पहलुओं पर नजर रखने की जरूरत है। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके और श्रद्धालुओं को सुरक्षित सहायता मिल सके।

 

‘विरासत के साथ विकास’ पर जोर

विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बिहार की धरती पर ‘विरासत के साथ विकास’ और सेवा का भाव आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि गयाजी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को ध्यान में रखते हुए यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पितृपक्ष मेला में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सम्मान, सुरक्षा और बेहतर सेवा मिलनी चाहिए। इसके लिए शासन और प्रशासन पूरी तरह सजग है। प्रभारी मंत्री ने यह भी कहा कि गया के प्रभारी मंत्री के रूप में वह स्वयं मेला की तैयारियों को लेकर पूरी तरह सजग हैं। मेला के दौरान यदि किसी प्रकार की समस्या सामने आती है तो उसके समाधान के लिए वह तत्पर रहेंगे।

अधिकारियों और स्थानीय प्रतिनिधियों की रही मौजूदगी

निरीक्षण के दौरान गया के जिलाधिकारी, नगर आयुक्त, वरीय पुलिस अधीक्षक समेत विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कई स्थानीय नेता और जनप्रतिनिधि भी मौके पर उपस्थित थे। पितृपक्ष मेला शुरू होने से पहले प्रशासन की ओर से तैयारियों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अब आने वाले दिनों में मेला क्षेत्र में सफाई, यातायात, सुरक्षा, पेयजल और अन्य सुविधाओं को लेकर काम और तेज होने की उम्मीद है। प्रशासन का प्रयास है कि देश-विदेश से गयाजी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिक अनुष्ठान के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो और पितृपक्ष मेला-2026 का आयोजन व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से कराया जा सके।

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