खगड़िया: बाढ़ के पानी में डूबे दो सगे भाई, गणेश चतुर्थी और तीज की खुशियां मातम में बदलीं

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BNT Desk: बिहार के खगड़िया जिले में गणेश चतुर्थी और तीज पर्व की खुशियां एक परिवार के लिए मातम में बदल गईं। बाढ़ के पानी में डूबने से दो सगे भाइयों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे परिवार में चीख-पुकार मच गई। पर्व के मौके पर जिस घर में खुशियों का माहौल था, वहां अचानक मातम पसर गया। दुखद घटना परबत्ता थाना क्षेत्र के भरसो गांव की बताई जा रही है। मृतकों की पहचान 15 वर्षीय गोविंद कुमार और उसके छोटे भाई जय जय राम कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि बड़ा भाई गोविंद पिता के मना करने के बावजूद बाढ़ के पानी में नहाने चला गया था। उसे डूबता देखकर छोटा भाई भी पानी में पहुंच गया और बड़े भाई को बचाने की कोशिश में खुद भी डूब गया।

 

पिता ने किया था मना, फिर भी बाढ़ के पानी में गया गोविंद

बताया जाता है कि बाढ़ के कारण गांव के आसपास कई जगहों पर पानी जमा है। इसी दौरान 15 वर्षीय गोविंद कुमार बाढ़ के पानी में नहाने के लिए चला गया। उसके पिता ने उसे ऐसा करने से मना किया था, लेकिन वह उनकी बात नहीं मान सका। नहाने के दौरान अचानक गोविंद गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। कुछ ही देर में परिवार और आसपास के लोगों को उसके डूबने की जानकारी मिली। इसके बाद उसे बचाने की कोशिश शुरू हुई।

 

बड़े भाई को बचाने पहुंचा छोटा भाई भी डूबा

गोविंद के बाढ़ के पानी में डूबने की सूचना उसके छोटे भाई जय जय राम कुमार को मिली। बताया जा रहा है कि वह भी बड़े भाई को बचाने के लिए पानी में चला गया। लेकिन पानी की गहराई और स्थिति का अंदाजा नहीं होने के कारण वह भी मुश्किल में फंस गया। बड़े भाई को बचाने की कोशिश में छोटा भाई भी बाढ़ के पानी में डूब गया। देखते ही देखते दोनों भाई पानी में समा गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और दोनों भाइयों को पानी से बाहर निकालने की कोशिश शुरू की।

 

स्थानीय लोगों ने दोनों भाइयों को पानी से निकाला

स्थानीय लोगों की मदद से काफी प्रयास के बाद दोनों भाइयों को पानी से बाहर निकाला गया। उस समय दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही थी। परिजन और स्थानीय लोग उन्हें तत्काल इलाज के लिए परबत्ता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। परिजनों को उम्मीद थी कि समय रहते इलाज मिलने से दोनों की जान बचाई जा सकती है। लेकिन अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने दोनों भाइयों को मृत घोषित कर दिया। दोनों की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पर्व के मौके पर परिवार में जहां उत्साह और धार्मिक माहौल था, वहीं हादसे के बाद हर तरफ चीख-पुकार सुनाई देने लगी।

 

पर्व की खुशियां कुछ ही देर में मातम में बदलीं

गणेश चतुर्थी और तीज जैसे पर्व के मौके पर परिवार और गांव में उत्सव का माहौल था। लेकिन दो भाइयों की मौत ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। दोनों भाइयों की मौत से गांव में भी शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों के लिए भी यह घटना बेहद दुखद बताई जा रही है। बाढ़ के दौरान नदी, नहर और जलजमाव वाले इलाकों में पानी की गहराई और बहाव का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। ऐसे में बच्चों और किशोरों के लिए बाढ़ के पानी में जाना बेहद जोखिम भरा हो सकता है।

 

मौके पर पहुंचे SDO और SDPO

हादसे की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। गोगरी SDO संजय कुमार और SDPO चंदन कुमार ठाकुर ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली।अधिकारियों ने घटना को लेकर स्थानीय लोगों से जानकारी ली और परिवार के प्रति संवेदना जताई। प्रशासन की ओर से लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।

SDO ने बच्चों को अकेले बाहर नहीं जाने देने की अपील की

गोगरी SDO संजय कुमार ने आम लोगों से अपील की कि बाढ़ के दौरान अपने बच्चों पर विशेष नजर रखें। उन्होंने कहा कि बच्चों को नदी के किनारे या बाढ़ प्रभावित इलाकों में अकेले नहीं जाने देना चाहिए। बाढ़ के पानी में ऊपर से स्थिति सामान्य दिखाई दे सकती है, लेकिन पानी के नीचे गड्ढे या तेज बहाव होने की वजह से हादसा हो सकता है। इसलिए अभिभावकों को बच्चों को ऐसे स्थानों से दूर रखने की जरूरत है।

बाढ़ के दौरान सावधानी बेहद जरूरी

खगड़िया समेत बिहार के कई इलाकों में इस समय बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में नदी और बाढ़ के पानी के आसपास लोगों की आवाजाही लगातार जोखिम बढ़ा सकती है।विशेषज्ञों और प्रशासन की ओर से आमतौर पर लोगों को सलाह दी जाती है कि बाढ़ के पानी में न उतरें और बच्चों को जलजमाव वाले क्षेत्रों में खेलने या नहाने से रोकें। खासकर जब पानी का बहाव तेज हो या उसकी गहराई का पता न हो, तब किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहिए। भरसो गांव की इस घटना ने एक बार फिर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। दो सगे भाइयों की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। प्रशासन की अपील के बाद अब जरूरत है कि ग्रामीण भी बाढ़ के पानी को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतें, ताकि ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।

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