Bihar Board का बड़ा फैसला, व्यावसायिक कोर्स में पास होना जरूरी लेकिन डिवीजन में नहीं जुड़ेंगे अंक

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BNT Desk: बिहार बोर्ड ने +2 स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए Vocational Course को लेकर नई व्यवस्था लागू की है। अब इंटरमीडिएट स्तर पर पढ़ने वाले Science, Arts और Commerce के छात्रों को पढ़ाई के साथ व्यावसायिक शिक्षा और कौशल आधारित विषयों का विकल्प मिलेगा। बोर्ड की ओर से जारी व्यवस्था के अनुसार Vocational Course के कुछ विषय छात्रों के लिए Mandatory होंगे, जबकि कुछ विषयों को Elective Subject के रूप में चुना जा सकेगा। इस बदलाव का उद्देश्य छात्रों को पारंपरिक पढ़ाई के साथ रोजगार और करियर से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना है।

 

Vocational Course में पास होना होगा जरूरी

नई व्यवस्था में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि जिन छात्रों के पाठ्यक्रम में Vocational Course शामिल होगा, उनके लिए संबंधित व्यावसायिक विषय में पास होना जरूरी होगा। यानी केवल मुख्य विषयों में पास होने से काम नहीं चलेगा, Vocational Course में भी निर्धारित मानकों के अनुसार सफलता हासिल करनी होगी।

हालांकि, इस विषय में प्राप्त अंकों का असर छात्रों की Division पर नहीं पड़ेगा। इसका मतलब है कि Vocational Course में मिले नंबरों को First, Second या Third Division तय करने के लिए कुल अंकों में शामिल नहीं किया जाएगा। छात्रों को विषय में पास होना जरूरी रहेगा, लेकिन उसके अंक उनकी अंतिम डिवीजन तय करने में नहीं जोड़े जाएंगे।

 

Science, Arts और Commerce के छात्रों को मिलेगा विकल्प

Bihar Board की नई व्यवस्था में +2 स्तर पर पढ़ने वाले अलग-अलग संकाय के छात्रों को Vocational Education से जोड़ने की तैयारी की गई है। Science, Arts और Commerce के छात्र अपनी पढ़ाई के साथ उपलब्ध व्यावसायिक विषयों को ले सकेंगे।

कुछ Vocational Subjects सभी संबंधित छात्रों के लिए अनिवार्य किए जा सकते हैं, जबकि कुछ विषयों का चुनाव छात्र अपनी रुचि और भविष्य की जरूरत के हिसाब से कर सकेंगे। इससे छात्रों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रहने के बजाय अलग-अलग क्षेत्रों की व्यावहारिक जानकारी हासिल करने का अवसर मिलेगा।

 

8 प्रमुख Vocational Trade में चुन सकेंगे छात्र

बोर्ड की ओर से छात्रों के लिए अलग-अलग Vocational Trade उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें प्रमुख रूप से IT, Tourism, Retail Management, Automobile, Electronics & Hardware और Telecom जैसे क्षेत्र शामिल हैं। कुल 8 प्रमुख Trades को इस व्यवस्था में शामिल किया गया है।

इन ट्रेड के माध्यम से छात्रों को संबंधित क्षेत्र की शुरुआती जानकारी और कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा। उदाहरण के तौर पर IT से जुड़े विषय छात्रों को तकनीकी क्षेत्र की बुनियादी समझ दे सकते हैं, जबकि Tourism और Retail Management जैसे ट्रेड सेवा क्षेत्र में करियर के लिए उपयोगी हो सकते हैं।

इसी तरह Automobile, Electronics & Hardware और Telecom जैसे ट्रेड तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने पर केंद्रित होंगे। इससे इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्रों के सामने आगे की पढ़ाई के साथ-साथ रोजगार और कौशल आधारित विकल्प भी मौजूद रहेंगे।

केवल चिन्हित +2 स्कूलों में लागू होगी व्यवस्था

Bihar Board ने यह भी स्पष्ट किया है कि Vocational Course से जुड़ी नई व्यवस्था सभी +2 स्कूलों में लागू नहीं होगी। इसे केवल बोर्ड की ओर से चिन्हित यानी Identified +2 Schools में लागू किया जाएगा।

इन चिन्हित स्कूलों की सूची Bihar Board की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। इसलिए छात्रों और अभिभावकों को यह जांच लेना जरूरी होगा कि उनका स्कूल इस व्यवस्था के लिए चिन्हित है या नहीं। स्कूल के अनुसार उपलब्ध Vocational Trade और विषयों की जानकारी भी छात्रों को संबंधित संस्थान से प्राप्त करनी होगी।

 

डिवीजन पर नहीं पड़ेगा असर

नई व्यवस्था को लेकर छात्रों के बीच सबसे बड़ा सवाल परीक्षा परिणाम और Division को लेकर हो सकता है। बोर्ड के नियम के अनुसार Vocational Course में पास होना जरूरी है, लेकिन इस विषय के अंक छात्रों की Division निर्धारित करने में शामिल नहीं किए जाएंगे।

यानी अगर कोई छात्र Vocational Subject में सफल है, तो उसे इस विषय को लेकर पास की शर्त पूरी करनी होगी। लेकिन First, Second या Third Division तय करते समय Vocational Course के अंक मुख्य रूप से गणना का हिस्सा नहीं होंगे। इससे छात्रों पर डिवीजन को लेकर अतिरिक्त दबाव कम हो सकता है, जबकि कौशल आधारित शिक्षा को पाठ्यक्रम में जगह मिलेगी।

 

पढ़ाई के साथ Skill Development पर जोर

Bihar Board का यह बदलाव छात्रों की शिक्षा को केवल परीक्षा और डिग्री तक सीमित रखने के बजाय Skill Development और Career-based Education से जोड़ने की दिशा में देखा जा रहा है। Vocational Education के जरिए छात्रों को ऐसे क्षेत्रों से परिचित कराया जा सकता है, जिनमें आगे चलकर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकते हैं।

नई व्यवस्था में छात्रों को अपनी रुचि के अनुसार Trade चुनने का अवसर मिलने से वे इंटरमीडिएट के दौरान ही किसी विशेष क्षेत्र की शुरुआती समझ विकसित कर सकेंगे। हालांकि, अलग-अलग स्कूलों में उपलब्ध ट्रेड और विषयों की जानकारी बोर्ड की चिन्हित स्कूल सूची और संबंधित स्कूल से ही स्पष्ट होगी।

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