BNT Desk: बिहार के मुख्यमंत्री सचिवालय में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बड़ी बैठक बुलाई गई है। बैठक में राज्य सरकार के कई मंत्री और अलग-अलग विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं। बैठक का मुख्य एजेंडा प्रधानमंत्री के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर से शुरू होने वाले एक महीने के सेवा एवं समर्पण अभियान को लेकर तैयारियों और कार्यक्रमों की समीक्षा करना है।
17 सितंबर से शुरू होगा सेवा समर्पण अभियान
बैठक में 17 सितंबर से शुरू होने वाले विशेष अभियान को लेकर चर्चा की जा रही है। प्रधानमंत्री के जन्मदिवस के अवसर पर शुरू होने वाले इस अभियान के तहत बिहार में विभिन्न स्तरों पर जनसेवा और विकास से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाने की तैयारी है।
सरकार की ओर से इस दौरान सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिए जाने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री सचिवालय में अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान अभियान की रूपरेखा, विभागों की जिम्मेदारी और अलग-अलग कार्यक्रमों की तैयारियों पर चर्चा हो रही है।
शाम 7 बजे जलाए जाएंगे आशीर्वाद के दीप
सेवा एवं समर्पण अभियान के तहत 17 सितंबर की शाम 7 बजे आशीर्वाद के दीप जलाने का कार्यक्रम भी रखा गया है। इसके जरिए लोगों की भागीदारी के साथ विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस कार्यक्रम को लेकर भी बैठक में तैयारियों की समीक्षा की जा रही है। संबंधित विभागों और अधिकारियों को कार्यक्रमों को व्यवस्थित तरीके से आयोजित करने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा सकते हैं।
स्कूलों और सरकारी भवनों का होगा कायाकल्प
अभियान के दौरान बिहार के स्कूलों और सरकारी संस्थानों को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार 17 सितंबर से 30 मार्च तक राज्य के स्कूलों, सरकारी भवनों और आंगनबाड़ी केंद्रों के कायाकल्प की योजना पर काम किया जाएगा। इसके तहत भवनों की स्थिति सुधारने, जरूरी सुविधाओं को बेहतर करने और सरकारी परिसरों को व्यवस्थित बनाने की दिशा में काम किए जाने की तैयारी है। अलग-अलग विभागों के स्तर पर इसके लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
आंगनबाड़ी केंद्रों को भी किया जाएगा बेहतर
अभियान में आंगनबाड़ी केंद्रों को भी शामिल किया गया है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों और महिलाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण सेवाओं का माध्यम हैं। ऐसे में इनके भवन और मूलभूत सुविधाओं में सुधार को भी अभियान का हिस्सा बनाया गया है। सरकार की योजना के तहत चिन्हित भवनों और संस्थानों की जरूरत के अनुसार काम कराया जाएगा। हालांकि, किन-किन जिलों में किस तरह के कार्य होंगे और इसके लिए कितना बजट निर्धारित किया गया है, इसकी विस्तृत जानकारी अभियान की आधिकारिक कार्ययोजना सामने आने के बाद स्पष्ट होगी।
कई विभागों के मंत्री और अधिकारी बैठक में मौजूद
मुख्यमंत्री सचिवालय में हो रही बैठक में कई मंत्री और विभिन्न विभागों के बड़े अधिकारी शामिल हुए हैं। बैठक के दौरान विभागवार तैयारियों की जानकारी ली जा रही है। अभियान को सफल बनाने के लिए अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि 17 सितंबर से शुरू होने वाले कार्यक्रम केवल एक दिन तक सीमित न रहें, बल्कि तय अवधि के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में सेवा और विकास से जुड़े काम लगातार किए जाएं।
30 मार्च तक चलेगा कायाकल्प का काम
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 17 सितंबर से शुरू होने वाले कायाकल्प अभियान को 30 मार्च तक चलाया जाएगा। इस दौरान स्कूलों, सरकारी भवनों और आंगनबाड़ी केंद्रों को प्राथमिकता के आधार पर बेहतर बनाने की योजना है। मुख्यमंत्री की बैठक में इसी अभियान को लेकर विभागों की तैयारियों की समीक्षा की जा रही है। आने वाले दिनों में अभियान के तहत होने वाले कार्यक्रमों और विकास कार्यों को लेकर और विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।