पटना: प्रॉपर्टी टैक्स वसूली तेज, 4,771 नई संपत्तियां टैक्स के दायरे में, नई संपत्ति से लेकर बकाया टैक्स तक पर नजर

BNT
By
7 Min Read

BNT Desk: पटना नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली को लेकर अभियान तेज कर दिया है। निगम की ओर से नई संपत्तियों को टैक्स के दायरे में लाने के साथ-साथ पुरानी संपत्तियों के दोबारा आकलन और बकाया टैक्स की वसूली पर भी जोर दिया जा रहा है। अप्रैल से सितंबर के पहले सप्ताह तक निगम ने 4,771 नई संपत्तियों को प्रॉपर्टी टैक्स के दायरे में शामिल किया है। इन संपत्तियों के मालिकों ने सेल्फ असेसमेंट के माध्यम से अपनी संपत्ति का टैक्स निर्धारित कराया। खास बात यह रही कि सेल्फ असेसमेंट कराने वाले लोगों में से 67.13 प्रतिशत ने मौके पर ही प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान कर दिया।

 

4,771 नई संपत्तियों का हुआ असेसमेंट

पटना नगर निगम की टीमों ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान नई संपत्तियों की पहचान और उनके टैक्स निर्धारण पर विशेष ध्यान दिया है। अप्रैल से सितंबर के पहले सप्ताह तक कुल 4,771 नई संपत्तियों को टैक्स के दायरे में लाया गया। इन संपत्तियों के मालिकों ने सेल्फ असेसमेंट के जरिए अपनी संपत्ति का मूल्यांकन कराया। इसके आधार पर प्रॉपर्टी टैक्स निर्धारित किया गया। निगम के लिए यह अभियान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि नई संपत्तियों को टैक्स के दायरे में लाने से निगम के राजस्व में बढ़ोतरी होगी। सेल्फ असेसमेंट के दौरान बड़ी संख्या में संपत्ति मालिकों द्वारा मौके पर ही टैक्स जमा करना भी निगम के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

 

67.13 प्रतिशत लोगों ने मौके पर जमा किया टैक्स

नगर निगम के अनुसार, नई संपत्तियों के सेल्फ असेसमेंट कराने वालों में से 67.13 प्रतिशत संपत्ति मालिकों ने मौके पर ही टैक्स का भुगतान कर दिया। निगम की कोशिश है कि संपत्ति का आकलन होने के बाद टैक्स भुगतान की प्रक्रिया को भी आसान बनाया जाए, ताकि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और निगम को समय पर राजस्व प्राप्त हो सके। नई संपत्तियों के साथ निगम पुरानी संपत्तियों के रिकॉर्ड को भी अपडेट करने में जुटा है। इसके लिए रि-असेसमेंट की प्रक्रिया चलाई जा रही है।

 

4,911 पुरानी संपत्तियों का रि-असेसमेंट

अभियान के दौरान नगर निगम ने 4,911 पुरानी संपत्तियों का रि-असेसमेंट भी किया है। इसका उद्देश्य पहले से दर्ज संपत्तियों की मौजूदा स्थिति और रिकॉर्ड की दोबारा जांच करना है। फील्ड सर्वे के दौरान निगम की टीमों को 137 ऐसी संपत्तियां भी मिलीं, जिनकी मौके पर मिली जानकारी पहले से दर्ज विवरण से अलग थी। इन संपत्तियों पर नियम के अनुसार 100 प्रतिशत पेनल्टी लगाई गई। इस तरह निगम केवल नई संपत्तियों को टैक्स के दायरे में लाने पर ही ध्यान नहीं दे रहा है, बल्कि पुराने रिकॉर्ड में मौजूद विसंगतियों को भी ठीक करने की प्रक्रिया चला रहा है।

 

विशेष अभियान के पहले दिन 27.90 लाख रुपये की वसूली

प्रॉपर्टी टैक्स वसूली को लेकर शुक्रवार से विशेष अभियान शुरू किया गया। अभियान के पहले ही दिन निगम की टीमों ने 108 नई संपत्तियों का असेसमेंट किया। इसके अलावा 35 पुरानी संपत्तियों का रि-असेसमेंट भी किया गया। एक दिन की कार्रवाई में निगम को कुल 27.90 लाख रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स प्राप्त हुआ। पहले दिन की कार्रवाई के बाद निगम की टीमों को नई संपत्तियों की पहचान, पुराने रिकॉर्ड की जांच और बकाया टैक्स की वसूली को लेकर आगे भी अभियान जारी रखने का निर्देश है।

 

नई संपत्ति से लेकर बकाया टैक्स तक पर नजर

पटना नगर निगम अब प्रॉपर्टी टैक्स वसूली के लिए तीन स्तरों पर काम कर रहा है। इसमें नई संपत्तियों का असेसमेंट, पुरानी संपत्तियों का रि-असेसमेंट और लंबित टैक्स की वसूली शामिल है। निगम की टीमों को फील्ड में भेजकर ऐसी संपत्तियों की जानकारी जुटाई जा रही है, जो अब तक टैक्स रिकॉर्ड में शामिल नहीं हैं। साथ ही पुराने रिकॉर्ड में दर्ज संपत्तियों की वास्तविक स्थिति की भी जांच की जा रही है। अगर किसी संपत्ति में बदलाव हुआ है और उसका विवरण निगम के पुराने रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता है तो नियमों के अनुसार उस पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

 

SMS और फोन कॉल से भी लोगों को किया जा रहा जागरूक

नगर निगम की ओर से प्रॉपर्टी टैक्स भुगतान के लिए लोगों को जागरूक करने का अभियान भी चलाया जा रहा है। इसके तहत संपत्ति मालिकों को SMS और फोन कॉल के जरिए टैक्स जमा करने की जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा निगम की टीमें डोर-टू-डोर अभियान भी चला रही हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों का उद्देश्य लोगों को प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़े नियमों और भुगतान की प्रक्रिया के बारे में जानकारी देना है। निगम की कोशिश है कि टैक्स भुगतान में देरी कम हो और बकाया राशि की वसूली में तेजी लाई जा सके।

 

राजस्व बढ़ाने पर नगर निगम का फोकस

नई संपत्तियों को टैक्स के दायरे में लाने और पुराने रिकॉर्ड के रि-असेसमेंट से नगर निगम के राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद है। इसके साथ ही बकाया टैक्स की वसूली से भी निगम की आय बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। अप्रैल से सितंबर के पहले सप्ताह तक 4,771 नई संपत्तियों का असेसमेंट, 4,911 पुरानी संपत्तियों का रि-असेसमेंट और 137 संपत्तियों पर 100 प्रतिशत पेनल्टी की कार्रवाई इस अभियान का हिस्सा है।

अब विशेष अभियान के तहत निगम की टीमें लगातार फील्ड में काम करेंगी। नई संपत्तियों की पहचान से लेकर बकाया टैक्स की वसूली तक पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखी जा रही है। आने वाले दिनों में इस अभियान का दायरा और बढ़ाए जाने की संभावना है।

Share This Article