पटना: तेज प्रताप यादव को जान से मारने की धमकी का आरोप, JJD कार्यकर्ताओं को भी धमकाने का दावा; जांच की मांग

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BNT Desk: बिहार के पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने एक मोबाइल नंबर से खुद को और पार्टी से जुड़े लोगों को कथित तौर पर धमकी दिए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। तेज प्रताप का दावा है कि उन्हें फोन और संदेशों के जरिए डराने-धमकाने के साथ कथित निजी वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने की धमकी देकर पैसों की मांग भी की गई।

तेज प्रताप ने इस पूरे मामले को ब्लैकमेलिंग और रंगदारी से जुड़ा मामला बताते हुए बिहार सरकार और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि मामले में कॉल रिकॉर्ड, संदेश और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर यह पता लगाया जाना चाहिए कि संबंधित मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कौन कर रहा है।

 

2 सितंबर को आया था कथित फोन

तेज प्रताप यादव के मुताबिक, 2 सितंबर को दोपहर करीब 3:11 बजे उनके निजी मोबाइल नंबर पर 7520322647 से फोन आया था। उनका आरोप है कि फोन करने वाले व्यक्ति ने शुरुआत में खुद को एक बड़े मीडिया संस्थान का प्रतिनिधि बताया।

तेज प्रताप का दावा है कि बातचीत के दौरान उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। साथ ही उनके एक कथित निजी वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर भारी रकम की मांग किए जाने का भी आरोप उन्होंने लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मोबाइल नंबर के वास्तविक उपयोगकर्ता और फोन करने वाले व्यक्ति की पहचान जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

 

निजी वीडियो वायरल करने की धमकी का आरोप

तेज प्रताप ने आरोप लगाया कि कथित निजी वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने की धमकी देकर उन्हें दबाव में लेने की कोशिश की गई। उन्होंने इसे ब्लैकमेलिंग और रंगदारी से जुड़ा गंभीर मामला बताया। उनका कहना है कि किसी व्यक्ति को निजी सामग्री सार्वजनिक करने की धमकी देना और इसके बदले पैसे की मांग करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आ सकता है। ऐसे मामलों में डिजिटल साक्ष्य बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इसी वजह से उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की तकनीकी तरीके से जांच कराने की मांग की है, ताकि फोन नंबर, कॉल की जानकारी, संदेशों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर वास्तविकता सामने आ सके।

 

JJD कार्यकर्ताओं को भी धमकाने का दावा

तेज प्रताप यादव ने यह भी आरोप लगाया कि 11 सितंबर को इसी मोबाइल नंबर से जनशक्ति जनता दल के पुरुष और महिला कार्यकर्ताओं को फोन और संदेश भेजकर धमकाने की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी से जुड़े लोगों को भी इसी नंबर से निशाना बनाया जा रहा है तो मामला सिर्फ उनके व्यक्तिगत स्तर तक सीमित नहीं रह जाता, बल्कि पार्टी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा से भी जुड़ जाता है। JJD अध्यक्ष ने कहा कि किसी महिला या पुरुष कार्यकर्ता को धमकाना, ब्लैकमेल करना या कथित वीडियो के जरिए डराने का प्रयास गंभीर विषय है। उन्होंने प्रशासन से इन शिकायतों को भी जांच में शामिल करने की मांग की है।

 

पहले भी शिकायत करने का दावा

तेज प्रताप यादव का कहना है कि वह इस मोबाइल नंबर को लेकर पहले भी सार्वजनिक रूप से अपनी बात रख चुके हैं और कार्रवाई की मांग कर चुके हैं। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने बिहार की सम्राट चौधरी सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाते हुए पूछा कि अगर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं तो अब तक इस मामले में ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आखिर इस मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कौन कर रहा है और उसके पीछे कौन लोग हैं। हालांकि तेज प्रताप ने यह स्पष्ट किया कि बिना जांच किसी व्यक्ति की संलिप्तता को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता।

 

‘सरकार की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है’

JJD प्रमुख ने कहा कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद कार्रवाई में देरी कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं किसी प्रभावशाली व्यक्ति के संरक्षण के कारण जांच या कार्रवाई प्रभावित तो नहीं हो रही है। हालांकि उन्होंने इस संबंध में किसी व्यक्ति का नाम लेकर कोई ठोस आरोप नहीं लगाया। उनका कहना है कि इस तरह के मामलों में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले निष्पक्ष जांच जरूरी है। तेज प्रताप ने कहा कि सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि शिकायतों की विधिसम्मत जांच कराई जाए और अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

 

कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्य की जांच की मांग

तेज प्रताप यादव ने संबंधित प्रशासन और जांच एजेंसियों से मोबाइल नंबर से जुड़े कॉल रिकॉर्ड, संदेश और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कराने की मांग की है। जांच के दौरान यह पता लगाने की जरूरत होगी कि नंबर किसके नाम पर है, इसका इस्तेमाल कौन कर रहा था और धमकी देने के आरोपों से जुड़े फोन और संदेश वास्तव में किस डिवाइस या व्यक्ति से भेजे गए। इसके अलावा कथित निजी वीडियो के संबंध में भी जांच जरूरी होगी कि क्या ऐसी कोई सामग्री मौजूद है, उसे लेकर धमकी दी गई थी या सोशल मीडिया पर प्रसारित करने की कोशिश हुई थी।

 

‘धमकियों से डरने वाले नहीं’

तेज प्रताप यादव ने कहा कि वह ऐसी धमकियों से डरने या दबने वाले नहीं हैं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मजबूती से खड़े रहने की बात कही। उन्होंने कहा कि उनके साथ जुड़े किसी कार्यकर्ता, सहयोगी, महिला या पुरुष को डराने-धमकाने की कोशिश की जाती है तो वह उनकी आवाज बनकर मजबूती से खड़े रहेंगे। फिलहाल पूरे मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मोबाइल नंबर के वास्तविक उपयोगकर्ता, धमकी देने वाले व्यक्ति और कथित ब्लैकमेलिंग के पीछे किसी नेटवर्क की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर किस तरह की कार्रवाई करता है और तकनीकी जांच में क्या सामने आता है।

 

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