पटना: नल जल योजना कर्मियों का हल्लाबोल, CM आवास घेराव की कोशिश

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BNT Desk: नल जल योजना से जुड़े कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर एक बार फिर जोरदार प्रदर्शन किया। पिछले 22 दिनों से गर्दनीबाग में धरने पर बैठे कर्मी सोमवार को गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने निकले। प्रदर्शनकारियों ने अपनी छह सूत्री मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की कोशिश की।

हालांकि, प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से पहले ही जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने रोक दिया। पुलिस ने प्रदर्शन को देखते हुए इलाके में बैरिकेडिंग की थी। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए दंगा नियंत्रण बल और वाटर कैनन भी मौके पर तैनात किए गए थे।

 

गांधी मैदान से CM आवास की ओर निकले कर्मी

नल जल योजना के कर्मी बड़ी संख्या में गांधी मैदान पहुंचे थे। यहां से सभी प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने लगे। कर्मियों का कहना था कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है।

कर्मियों ने कहा कि कई दिनों से धरना देने के बावजूद सरकार की ओर से उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से उन्होंने मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचकर अपनी बात सीधे सरकार के सामने रखने का फैसला किया।

 

जेपी गोलंबर पर पुलिस ने रोका

प्रदर्शनकारियों के मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने की सूचना के बाद पुलिस पहले से ही सतर्क थी। जेपी गोलंबर के पास बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया गया।

मौके पर दंगा नियंत्रण बल की तैनाती के साथ वाटर कैनन भी रखा गया था। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच आगे बढ़ने को लेकर स्थिति बनी रही। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद कर्मियों ने सड़क पर ही धरना शुरू कर दिया।

प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठकर अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाने लगे। उनका कहना था कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस पहल नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

 

22 दिनों से गर्दनीबाग में धरना

नल जल योजना के कर्मियों का कहना है कि वे पिछले 22 दिनों से गर्दनीबाग में धरना दे रहे हैं। इतने लंबे समय से आंदोलन चलने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होने से कर्मियों में नाराजगी है।

प्रदर्शनकारियों का दावा है कि उनके मानदेय से जुड़ी समस्या लंबे समय से बनी हुई है। कर्मियों के अनुसार, उन्हें 2017 से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है। उनका कहना है कि लंबे समय से भुगतान नहीं मिलने के कारण उनके सामने आर्थिक परेशानियां खड़ी हो गई हैं।

 

मानदेय 18 हजार करने की मांग

कर्मियों ने सरकार के सामने छह सूत्री मांगें रखी हैं। इनमें प्रमुख मांग मानदेय बढ़ाने की है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि उनका मानदेय बढ़ाकर 18 हजार रुपये किया जाए।

इसके अलावा कर्मियों ने लंबे समय से बकाया मानदेय का भुगतान करने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि जिन कर्मियों का पैसा बकाया है, उन्हें जल्द से जल्द भुगतान किया जाना चाहिए।

 

सीधे बैंक खाते में भुगतान की मांग

प्रदर्शनकारियों ने मानदेय की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजने की मांग की है। कर्मियों का कहना है कि भुगतान की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और उन्हें अपने काम का पैसा सीधे बैंक खाते के माध्यम से मिलना चाहिए।

उनका कहना है कि अगर सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करती है और बकाया राशि का भुगतान करती है, तो लंबे समय से चल रहे आंदोलन का समाधान निकाला जा सकता है।

 

सड़क पर ही धरने पर बैठे प्रदर्शनकारी

जेपी गोलंबर पर पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर ही बैठ गए। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की और सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग की।

कर्मियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। उनका आंदोलन तब तक जारी रह सकता है, जब तक सरकार की ओर से उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता।

फिलहाल प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई है। नल जल योजना कर्मियों के प्रदर्शन और मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च की कोशिश ने पटना में एक बार फिर आंदोलन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन के सामने चुनौती खड़ी कर दी है।

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