बिहार: छात्र आंदोलन पर तेजस्वी यादव का सरकार पर बड़ा हमला, बोले- छात्रों पर गोली चलाना लोकतंत्र के लिए खतरनाक

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BNT Desk: बिहार में छात्र आंदोलन और कथित पुलिस फायरिंग को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह बेहद दुखद और लोकतंत्र के खिलाफ है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

 

मोदी सरकार पर उठाए सवाल

तेजस्वी यादव ने कहा कि अब देश की जनता का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पहले जैसा भरोसा नहीं रहा है। उनका आरोप है कि पहले किसानों के साथ अन्याय हुआ और अब छात्रों के साथ भी वैसा ही व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं की बात सुननी चाहिए, न कि उनकी आवाज दबानी चाहिए।

 

छात्रों पर कार्रवाई को बताया निंदनीय

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर गोली चलाना बेहद गंभीर और निंदनीय घटना है। उन्होंने कहा कि देश में कई बड़े आंदोलन हुए हैं, लेकिन भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इस तरह की कार्रवाई बहुत कम देखने को मिली है। उनके अनुसार, बिहार में छात्रों के साथ जिस तरह से बल प्रयोग किया गया, वह चिंताजनक है।

 

16 से 17 साल के छात्रों का किया जिक्र

तेजस्वी यादव ने दावा किया कि प्रदर्शन में शामिल अधिकतर छात्र 16 से 17 वर्ष की उम्र के थे। उनका कहना था कि ये छात्र केवल अपनी मांगों और न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। ऐसे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग और कथित गोलीबारी लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।

 

सरकार से पूछे कई सवाल

तेजस्वी यादव ने कहा कि केवल एक पुलिसकर्मी को बर्खास्त कर देने से मामला खत्म नहीं हो जाता। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आखिर गोली चलाने का आदेश किसने दिया था? इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी कौन है? क्या इस मामले में संबंधित पुलिस अधिकारियों, एसपी, गृह विभाग या अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी?

 

निष्पक्ष जांच की मांग

नेता प्रतिपक्ष ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि घटना के लिए जो भी दोषी हों, उनकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए। साथ ही छात्रों को न्याय मिलना चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। फिलहाल छात्र आंदोलन और कथित पुलिस फायरिंग को लेकर बिहार की राजनीति गर्म है। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं, जबकि पूरे मामले को लेकर आगे की जांच और सरकारी कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।

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