BNT Desk: बिहार बंद के दौरान दर्ज मामले में जेल में बंद जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजप्रताप यादव की जमानत याचिका पर सोमवार को अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान उनकी ओर से अधिवक्ता निशा सिंह ने अदालत के सामने अपना पक्ष रखा। उन्होंने तेजप्रताप यादव की स्वास्थ्य स्थिति का हवाला देते हुए उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखने की मांग की। साथ ही पुलिस की कार्रवाई पर भी कई सवाल उठाए।
स्वास्थ्य का हवाला देकर मेडिकल निगरानी की मांग
अदालत में सुनवाई के दौरान अधिवक्ता निशा सिंह ने कहा कि तेजप्रताप यादव की तबीयत ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से शुगर और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां हैं। ऐसे में उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रखा जाना चाहिए ताकि डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर सकें। वकील का कहना था कि जेल में रहते हुए उनके स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जाना जरूरी है।
गांधी मैदान थाना मामले में दाखिल हुई जमानत याचिका
तेजप्रताप यादव के खिलाफ गांधी मैदान थाना में दर्ज मामले को लेकर एसडीजेएम कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की गई है। अदालत में बचाव पक्ष ने जमानत देने की मांग करते हुए कई कानूनी दलीलें पेश कीं। अब इस मामले में अदालत के फैसले का इंतजार किया जा रहा है।
पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
सुनवाई के दौरान अधिवक्ता निशा सिंह ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े किए। उनका आरोप है कि पूरी कार्रवाई राजनीतिक कारणों से की गई। उन्होंने कहा कि तेजप्रताप यादव को शनिवार को जानबूझकर हिरासत में लिया गया ताकि अगले दिन रविवार होने के कारण उन्हें तुरंत कानूनी राहत न मिल सके। वकील ने यह भी दावा किया कि गिरफ्तारी के समय तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी। उनके अनुसार, बिना एफआईआर दर्ज किए किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करना कानून की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
कई थानों में ले जाने का लगाया आरोप
बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि गिरफ्तारी के बाद तेजप्रताप यादव को पहले दीघा थाना ले जाया गया। इसके बाद उन्हें दानापुर और फिर नौबतपुर थाना ले जाया गया। वकील ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया को लेकर भी कई सवाल हैं और इसकी जांच होनी चाहिए।
गंभीर धाराओं पर जताई आपत्ति
अधिवक्ता निशा सिंह ने तेजप्रताप यादव पर लगाई गई दंगा भड़काने जैसी धाराओं पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि तेजप्रताप यादव ने न तो कोई भड़काऊ भाषण दिया और न ही किसी को हिंसा के लिए उकसाया। वकील के अनुसार, वह केवल अपनी गाड़ी से वहां से गुजर रहे थे। छात्रों के अनुरोध पर वे कुछ देर के लिए गाड़ी से उतरे, राष्ट्रीय ध्वज लहराया और उसके बाद वहां से चले गए। ऐसे में उन पर गंभीर धाराएं लगाना उचित नहीं है।
अदालत के फैसले का इंतजार
फिलहाल अदालत में जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी हो चुकी है। अब सभी की नजर कोर्ट के फैसले पर है। दूसरी ओर, तेजप्रताप यादव की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर भी लगातार चर्चा बनी हुई है। यदि अदालत या मेडिकल टीम कोई विशेष निर्देश देती है, तो उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।