BNT Desk: पटना में बुधवार को छात्रों का प्रदर्शन लगातार उग्र होता गया। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारी प्रस्तावित उच्च शिक्षा विधेयक 2026, नीट पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान छात्रों की भीड़ मुख्यमंत्री आवास (CM हाउस) की ओर बढ़ने लगी। इसे देखते हुए प्रशासन अलर्ट हो गया और सुरक्षा व्यवस्था तुरंत बढ़ा दी गई।
CM हाउस के आसपास बढ़ाई गई सुरक्षा
जैसे ही प्रदर्शनकारियों के मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने की सूचना मिली, पुलिस ने इलाके में सुरक्षा और कड़ी कर दी। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी पहले से तैनात थे। इसके अलावा अतिरिक्त पुलिस बल भी मौके पर बुला लिया गया। मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए कई सुरक्षा घेरों की व्यवस्था की।
पुलिस और छात्रों के बीच हुई नोकझोंक
जब छात्र आगे बढ़ने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस और हल्की नोकझोंक भी हुई। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और तय सीमा से आगे नहीं जाने की अपील की। हालांकि कई छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे और आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे।
मांगों पर अड़े रहे प्रदर्शनकारी
प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना था कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार कोई ठोस फैसला नहीं लेती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों ने देशभर में सामने आए पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, शिक्षा के निजीकरण पर रोक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। उनका कहना था कि लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा है और सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता से कदम उठाना चाहिए।
प्रशासन ने की बातचीत की कोशिश
स्थिति को शांत करने के लिए प्रशासन के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की कोशिश की। अधिकारियों ने छात्र नेताओं से कहा कि वे अपना प्रतिनिधिमंडल भेजें, ताकि उनकी मांगों पर चर्चा की जा सके। लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर कायम रहे और आंदोलन जारी रखने की बात कहते रहे।
पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
CM हाउस के आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। पुलिस लगातार हालात पर नजर बनाए रही ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। जरूरत पड़ने पर अन्य सुरक्षा एजेंसियों को भी तैयार रखा गया।
यातायात भी हुआ प्रभावित
प्रदर्शन के कारण मुख्यमंत्री आवास के आसपास और शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस ने कई रास्तों पर वाहनों की आवाजाही रोक दी और ट्रैफिक को दूसरे मार्गों से डायवर्ट किया। इस कारण आम लोगों को कुछ समय तक परेशानी का सामना करना पड़ा।
हालात पर प्रशासन की नजर
काफी देर तक प्रदर्शन जारी रहने के बाद भी पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए रहे। अधिकारियों ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी पहली जिम्मेदारी है। वहीं छात्र संगठनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।