BNT Desk: पटना में पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बड़ी संख्या में छात्रों ने प्रदर्शन किया। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के नेतृत्व में छात्र-छात्राएं राजभवन मार्च के लिए निकले। प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। छात्रों का कहना था कि देश में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप था कि शिक्षा व्यवस्था में कई समस्याएं हैं, जिनका जल्द समाधान होना चाहिए।
जेपी गोलंबर पर पुलिस ने रोका मार्च
राजभवन की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को गांधी मैदान के पास जेपी गोलंबर पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। वहां पहले से बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात थे। पुलिस अधिकारियों ने छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन खत्म करने और वापस लौटने की अपील की। लेकिन कुछ प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने पर अड़ गए। इसी दौरान पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।
बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश, वाटर कैनन का इस्तेमाल
प्रदर्शन कर रहे कुछ छात्रों ने बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की। पुलिस ने पहले उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब प्रदर्शनकारी नहीं माने तो भीड़ को रोकने के लिए वाटर कैनन से पानी की बौछार की गई। वाटर कैनन के इस्तेमाल के बाद भी कुछ छात्र वहीं डटे रहे और आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे। इसके बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाया।
हल्के लाठीचार्ज के बाद मची अफरातफरी
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज भी किया। इसके बाद जेपी गोलंबर और गांधी मैदान के आसपास कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। प्रदर्शनकारी इधर-उधर भागने लगे और सड़क पर काफी देर तक हलचल बनी रही। इसी दौरान गांधी मैदान थाना के थानेदार भी घायल हो गए। जानकारी के अनुसार धक्का-मुक्की के दौरान उनके सिर में चोट लगी। इसके बाद मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया और हालात को नियंत्रित किया गया।
डाकबंगला चौराहा भी पहुंचा प्रदर्शन
जेपी गोलंबर से निकले कुछ प्रदर्शनकारी डाकबंगला चौराहा भी पहुंच गए। वहां भी पुलिस पहले से सतर्क थी। किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए डाकबंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग की गई और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील करती रही। कुछ समय बाद स्थिति सामान्य हो गई।
छात्रों ने रखीं ये प्रमुख मांगें
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने सरकार के सामने कई मांगें रखीं। उनका कहना था कि देशभर में सामने आए पेपर लीक मामलों की फास्ट ट्रैक जांच कराई जाए, ताकि दोषियों पर जल्द कार्रवाई हो सके। छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार पर रोक लगाने, शिक्षा के निजीकरण को नियंत्रित करने और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग की। साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की भी मांग की। प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने हाल के भर्ती परीक्षा विवादों और शिक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों को भी उठाया। उनका कहना था कि लगातार परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक की घटनाओं से युवाओं में निराशा बढ़ रही है।
दिल्ली के छात्र आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि यह राजभवन मार्च दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में निकाला गया। उनका आरोप था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की जा रही है, जो लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ है। छात्रों ने कहा कि वे शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर अपनी आवाज उठाते रहेंगे। उनका कहना था कि सरकार को छात्रों की समस्याएं सुननी चाहिए और उनका समाधान निकालना चाहिए।
पुलिस की निगरानी में खत्म हुआ प्रदर्शन
पुलिस कार्रवाई के बाद भी कुछ प्रदर्शनकारी काफी देर तक जेपी गोलंबर के आसपास डटे रहे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। बाद में पुलिस की निगरानी में प्रदर्शन धीरे-धीरे समाप्त हो गया।
पूरे घटनाक्रम के दौरान गांधी मैदान, जेपी गोलंबर और डाकबंगला चौराहा इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के बाद स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई।