BNT Desk: बिहार के सुपौल जिले से एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक आंगनबाड़ी सहायिका के बैंक खाते में अचानक 740 करोड़ 68 लाख 72 हजार 895 रुपये 78 पैसे का बैलेंस दिखाई देने लगा। इतनी बड़ी रकम देखकर महिला, उनके परिवार और बैंकिंग सुविधा केंद्र के संचालक सभी हैरान रह गए। कुछ ही देर बाद जब दोबारा खाते की जांच की गई तो खाता फ्रीज हो चुका था। फिलहाल यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और बैंक स्तर पर इसकी जांच शुरू कर दी गई है।
सीएससी केंद्र पर हुआ खुलासा
यह मामला सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज प्रखंड के हरिहरपट्टी पंचायत के वार्ड संख्या-10 का है। यहां रहने वाली गीता देवी आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-339 में सहायिका के रूप में कार्यरत हैं। जानकारी के अनुसार, 10 जुलाई को गीता देवी अपने बैंक खाते से पैसे निकालने के लिए गांव के एक कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पहुंचीं। उन्होंने अपने खाते से पहले 2,100 रुपये निकाले। इसके बाद सीएससी संचालक बलराम कुमार ने खाते का शेष बैलेंस चेक किया। स्क्रीन पर जो रकम दिखाई दी, उसे देखकर सभी के होश उड़ गए। खाते में 7,40,68,72,895.78 रुपये यानी 740.68 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दिखाई दे रही थी।
पति को किया फोन, लेकिन नहीं मिली जानकारी
इतनी बड़ी रकम देखकर गीता देवी पहले तो खुद भी विश्वास नहीं कर पाईं। उन्होंने सोचा कि शायद उनके पति प्रदीप कुमार ने कोई बड़ी रकम भेजी होगी। उनके पति पंजाब में मजदूरी का काम करते हैं। गीता देवी ने तुरंत अपने पति को फोन किया, लेकिन उन्होंने इतनी बड़ी राशि भेजने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई। उन्हें समझ नहीं आया कि उनके खाते में इतनी बड़ी रकम आखिर आई कहां से।
सीएससी संचालक भी रह गए हैरान
सीएससी संचालक बलराम कुमार ने बताया कि वह पिछले 8 से 10 वर्षों से बैंकिंग सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में ऐसा मामला पहली बार देखा है। उन्होंने बताया कि इतनी बड़ी राशि देखकर उन्हें भी यकीन नहीं हुआ। उन्होंने गीता देवी को सलाह दी कि यदि यह पैसा उनका नहीं है तो तुरंत बैंक को इसकी जानकारी दें, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी न हो।
कुछ देर बाद खाता हुआ फ्रीज
बताया जा रहा है कि कुछ समय बाद जब दोबारा खाते का बैलेंस चेक किया गया तो सिस्टम में खाता फ्रीज दिखाने लगा। इसके बाद गीता देवी ने 10 हजार रुपये निकालने की कोशिश की, लेकिन लेनदेन सफल नहीं हो सका। खाता फ्रीज होने के बाद यह साफ हो गया कि बैंकिंग सिस्टम में किसी तरह की असामान्य गतिविधि दर्ज हुई है। हालांकि, अभी तक बैंक की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
तकनीकी गड़बड़ी की आशंका
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि खाते में 740 करोड़ रुपये से अधिक की राशि कैसे दिखाई दी। शुरुआती तौर पर माना जा रहा है कि यह बैंकिंग सिस्टम की तकनीकी गड़बड़ी, सर्वर की त्रुटि या किसी अन्य डिजिटल समस्या की वजह से हुआ हो सकता है। बैंक और संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह सिर्फ तकनीकी गलती थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।
इलाके में चर्चा का विषय बना मामला
घटना सामने आने के बाद पूरे गांव और आसपास के इलाकों में इसकी खूब चर्चा हो रही है। लोग हैरानी जता रहे हैं कि एक आंगनबाड़ी सहायिका के खाते में अचानक 740 करोड़ रुपये से अधिक की रकम कैसे दिखाई दे सकती है। हालांकि, बैंक अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। फिलहाल खाते की जांच जारी है और तकनीकी टीम भी मामले की पड़ताल कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर बैंकिंग सिस्टम की तकनीकी प्रक्रियाओं और डिजिटल लेनदेन की विश्वसनीयता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर बैंक की जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।