BNT Desk: बिहार में Toll Tax को लेकर नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। खासकर कमर्शियल वाहन चालकों और वाहन मालिकों के लिए यह नियम जानना बेहद जरूरी है। अब टोल टैक्स का भुगतान नहीं करने या भुगतान से इनकार करने पर सीधे मोबाइल पर ई-नोटिस भेजा जाएगा। अगर तय समय के भीतर बकाया राशि जमा नहीं की गई, तो वाहन मालिकों को दोगुना जुर्माना देना पड़ सकता है। सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य टोल टैक्स वसूली को पारदर्शी बनाना और नियमों का बेहतर पालन सुनिश्चित करना है।
मोबाइल पर मिलेगा ई-नोटिस
नई व्यवस्था के तहत यदि कोई कमर्शियल वाहन टोल प्लाजा पर टोल टैक्स नहीं देता या भुगतान करने से बचता है, तो संबंधित वाहन मालिक के मोबाइल नंबर पर ई-नोटिस भेजा जाएगा। इस नोटिस में बकाया राशि और भुगतान की समय-सीमा की पूरी जानकारी होगी। इससे वाहन मालिक को तुरंत पता चल जाएगा कि उसके वाहन पर कितना टोल बकाया है।
72 घंटे में भुगतान करने पर नहीं लगेगा जुर्माना
सरकार ने वाहन मालिकों को राहत भी दी है। यदि ई-नोटिस मिलने के 72 घंटे के भीतर टोल टैक्स का भुगतान कर दिया जाता है, तो किसी प्रकार का अतिरिक्त जुर्माना नहीं देना होगा। यानी समय पर भुगतान करने वाले वाहन मालिकों को किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ का सामना नहीं करना पड़ेगा।
समय सीमा के बाद देना होगा दोगुना जुर्माना
अगर वाहन मालिक 72 घंटे के भीतर बकाया राशि जमा नहीं करता है, तो उस पर कार्रवाई शुरू हो जाएगी। ऐसी स्थिति में केवल बकाया टोल ही नहीं, बल्कि दोगुना जुर्माना भी देना होगा। इसलिए वाहन मालिकों को सलाह दी गई है कि ई-नोटिस मिलने के बाद समय पर भुगतान जरूर करें।
15 दिन तक भुगतान नहीं किया तो सड़क पर ही होगी कार्रवाई
नई नीति के अनुसार, यदि ई-नोटिस मिलने के 15 दिनों के बाद भी टोल टैक्स का भुगतान नहीं किया जाता है, तो परिवहन विभाग और संबंधित एजेंसियां वाहन को कहीं भी रोककर बकाया राशि और जुर्माना वसूल सकती हैं। इसलिए लगातार भुगतान टालना वाहन मालिकों के लिए महंगा पड़ सकता है।
कई जरूरी सेवाएं भी हो सकती हैं बंद
नई व्यवस्था के तहत सिर्फ जुर्माना ही नहीं लगेगा, बल्कि वाहन से जुड़ी कई जरूरी सेवाओं पर भी रोक लग सकती है।
जब तक बकाया टोल टैक्स का भुगतान नहीं किया जाएगा, तब तक वाहन का—
- इंश्योरेंस (Insurance)
- प्रदूषण प्रमाणपत्र (Pollution Certificate)
- वाहन ट्रांसफर
- एनओसी (No Objection Certificate)
जैसी जरूरी सेवाओं की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसका सीधा असर वाहन के संचालन और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं पर पड़ेगा।
गलत ई-नोटिस मिलने पर क्या करें?
अगर किसी वाहन मालिक को लगता है कि उसे गलती से ई-नोटिस भेजा गया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। नई व्यवस्था में शिकायत दर्ज कराने का भी प्रावधान रखा गया है। वाहन मालिक 72 घंटे के भीतर बिहार सरकार के निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। शिकायत में संबंधित दस्तावेज और जरूरी जानकारी अपलोड करनी होगी।
पांच दिनों में होगा शिकायत का निपटारा
सरकार के अनुसार, ऑनलाइन शिकायत मिलने के बाद संबंधित विभाग 5 दिनों के भीतर उसकी जांच करेगा और फैसला सुनाएगा। यदि जांच में ई-नोटिस गलत पाया जाता है, तो वाहन मालिक को राहत दी जाएगी।
समय पर फैसला नहीं हुआ तो मिलेगी राहत
नई व्यवस्था की सबसे खास बात यह है कि यदि विभाग 5 दिनों के भीतर शिकायत का निपटारा नहीं कर पाता, तो संबंधित बकाया राशि स्वतः समाप्त (माफ) मानी जाएगी। इस प्रावधान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सही वाहन मालिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
वाहन मालिकों के लिए जरूरी सलाह
परिवहन विभाग ने सभी कमर्शियल वाहन मालिकों और चालकों से अपील की है कि वे टोल टैक्स का समय पर भुगतान करें और ई-नोटिस मिलने पर उसे नजरअंदाज न करें। साथ ही अपने वाहन से जुड़े मोबाइल नंबर को अपडेट रखें, ताकि किसी भी प्रकार की सूचना समय पर मिल सके। समय पर भुगतान और नियमों का पालन करने से अतिरिक्त जुर्माने और अन्य कानूनी कार्रवाई से बचा जा सकता है।