BNT Desk: बिहार के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक शहर राजगीर आने वाले पर्यटकों के लिए एक बहुत ही राहत भरी और सुखद खबर है। पिछले करीब दो हफ्तों से बंद पड़ा राजगीर रोपवे एक बार फिर से अपनी पूरी क्षमता के साथ शुरू कर दिया गया है। 13 दिनों के लंबे इंतजार के बाद अब सैलानी फिर से राजगीर की ऊंची पहाड़ियों, घने जंगलों और मनमोहक हरियाली के बीच रोपवे के रोमांचक सफर का आनंद उठा सकेंगे।
क्यों बंद थी रोपवे सेवा? सुरक्षा मानकों पर विशेष ध्यान
राजगीर का रोपवे तकनीकी कारणों और नियमित मेंटेनेंस (रखरखाव) की वजह से 8 अप्रैल से 20 अप्रैल तक बंद रखा गया था। पर्यटन विभाग और रोपवे प्रबंधन का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
इन 13 दिनों में क्या हुआ?
-
तकनीकी जांच: रोपवे के तारों (केबल), मोटरों और केबिनों की बारीकी से जांच की गई।
-
सुरक्षा ऑडिट: यह सुनिश्चित किया गया कि आपातकालीन स्थिति में सभी सुरक्षा उपकरण सही ढंग से काम कर रहे हैं।
-
ट्रायल रन: पर्यटकों के लिए खोलने से पहले कई बार खाली केबिनों के साथ ट्रायल रन (परीक्षण) किया गया। सभी मापदंडों पर खरा उतरने के बाद प्रबंधन ने इसे 21 अप्रैल से दोबारा संचालित करने का निर्णय लिया।
विश्व शांति स्तूप का मार्ग हुआ सुगम
राजगीर का यह रोपवे न केवल रोमांच के लिए जाना जाता है, बल्कि यह श्रद्धा का मार्ग भी है। यह रोपवे पर्यटकों और श्रद्धालुओं को पहाड़ियों के ऊपर स्थित विश्व शांति स्तूप तक ले जाता है। रोपवे बंद होने की वजह से बुजुर्गों और बच्चों को पैदल पहाड़ी चढ़ने में काफी कठिनाई हो रही थी। अब सेवा बहाल होने से लोग आसानी से शांति स्तूप पहुँचकर भगवान बुद्ध के संदेशों को आत्मसात कर सकेंगे।
खास बात यह है कि राजगीर का यह रोपवे भारत के सबसे पुराने रोपवे सिस्टम में से एक माना जाता है, जो आज भी अपनी ऐतिहासिक गरिमा और आधुनिक सुरक्षा के साथ पर्यटकों की पहली पसंद बना हुआ है।
मलमास मेले और गर्मी की छुट्टियों का साथ
आने वाले समय में राजगीर में विश्व प्रसिद्ध मलमास मेला लगने वाला है। इस मेले में देश के कोने-कोने और विदेशों से भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुँचते हैं। ऐसे में रोपवे का समय रहते शुरू होना प्रशासन के लिए बड़ी राहत है। यह न केवल पर्यटकों की भीड़ को नियंत्रित करने में मदद करेगा, बल्कि यात्रा को भी सुगम बनाएगा।
साथ ही, फिलहाल गर्मी की छुट्टियाँ शुरू हो रही हैं। ऐसे में बिहार और आसपास के राज्यों से बड़ी संख्या में लोग परिवार के साथ राजगीर घूमने पहुँचते हैं। रोपवे शुरू होने से अब राजगीर में पर्यटन की रौनक फिर से लौटने लगी है।
स्थानीय व्यापार को मिलेगी नई ऊर्जा
रोपवे सेवा के दोबारा शुरू होने से केवल पर्यटक ही नहीं, बल्कि राजगीर के स्थानीय व्यवसायी भी बेहद खुश हैं।
-
होटल और रेस्टोरेंट: पर्यटकों की संख्या बढ़ने से होटल व्यवसाय में तेजी आएगी।
-
स्थानीय दुकानदार: हस्तशिल्प और पूजा सामग्री बेचने वाले दुकानदारों को उम्मीद है कि अब उनकी बिक्री बढ़ेगी।
-
टूरिस्ट गाइड: गाइडों के लिए भी काम के नए अवसर खुलेंगे। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि रोपवे राजगीर पर्यटन की लाइफलाइन है और इसके बंद रहने से बाजार की रौनक फीकी पड़ गई थी।
प्रबंधन का बयान: सुरक्षा ही सर्वोच्च प्राथमिकता
रोपवे प्रबंधक दीपक कुमार ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, “हमने मेंटेनेंस के दौरान हर छोटे-बड़े पुर्जे की जांच की है। टिकट खिड़की पर भीड़ न हो, इसके लिए भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पर्यटकों को एक बेहतर और सुरक्षित अनुभव देना ही हमारा लक्ष्य है।”