बिहार: ‘1 अणे मार्ग’ छोड़ 7 सर्कुलर रोड शिफ्ट हुए नीतीश कुमार; बुद्ध पूर्णिमा पर किया गृह प्रवेश

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BNT Desk: बिहार की सत्ता का सबसे बड़ा केंद्र रहा ‘1 अणे मार्ग’ अब एक नए अध्याय का गवाह बनने जा रहा है। करीब 20 वर्षों तक मुख्यमंत्री आवास में रहने के बाद, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपना सामान समेट लिया है। अब उनका नया ठिकाना पटना का 7 सर्कुलर रोड स्थित भव्य बंगला होगा। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद, नीतीश कुमार ने प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सरकारी आवास खाली कर दिया है। शुक्रवार को ट्रैक्टरों के काफिले के साथ उनका निजी सामान नए घर पहुँचा और शाम होते-होते उन्होंने नए घर में कदम रखा।

बुद्ध पूर्णिमा का शुभ संयोग

नीतीश कुमार अपनी सादगी और धार्मिक मूल्यों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने नए घर में शिफ्ट होने के लिए बुद्ध पूर्णिमा का पावन दिन चुना। भगवान बुद्ध के अनन्य अनुयायी माने जाने वाले नीतीश कुमार के लिए यह दिन आध्यात्मिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। गृह प्रवेश से पहले पूरे बंगले को ताजे फूलों से सजाया गया था। मंत्रोच्चार और सादगीपूर्ण विधि-विधान के साथ उन्होंने इस नए आवास में अपना जीवन शुरू किया।

लालू के पड़ोसी बने नीतीश

नीतीश कुमार के इस नए पते की सबसे खास बात इसकी लोकेशन है। 7 सर्कुलर रोड स्थित यह बंगला, 10 सर्कुलर रोड यानी लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के आवास से महज 200 मीटर की दूरी पर है। अब बिहार की राजनीति के दो सबसे बड़े धुरंधर—जो कभी दोस्त होते हैं तो कभी कट्टर विरोधी—एक ही सड़क पर पड़ोसी बन गए हैं। इस बदलाव के बाद पूरे इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। नीतीश कुमार को मिली Z+ श्रेणी की सुरक्षा के चलते यहाँ सुरक्षाबलों की तैनाती और कड़े इंतजाम किए गए हैं।

वापसी का गवाह रहा है यह बंगला

यह पहली बार नहीं है जब नीतीश कुमार 7 सर्कुलर रोड में रहने आए हैं। साल 2014 में लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद जब उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था और जीतन राम मांझी को सत्ता सौंपी थी, तब भी वे इसी बंगले में शिफ्ट हुए थे। दिलचस्प बात यह है कि इसी 7 सर्कुलर रोड के बंगले में बैठकर उन्होंने अपनी राजनीतिक वापसी की रणनीति बनाई थी और दोबारा सत्ता हासिल की थी। इसलिए यह बंगला उनके लिए ‘लकी’ भी माना जाता है।

कैसा है नया बंगला?

नीतीश कुमार ने इस बंगले के नवीनीकरण और निर्माण की निगरानी खुद की है। यह बंगला किसी आधुनिक महल से कम नहीं है:

  • सुरक्षा और मजबूती: पूरा आवास भूकंपरोधी (Earthquake Resistant) तकनीक से बनाया गया है।

  • शानदार इंटीरियर: इसमें छह वीआईपी बेडरूम, दो बड़े ड्राइंग रूम और एक भव्य मीटिंग हॉल है।

  • हरियाली और सुकून: परिसर की सुंदरता बढ़ाने के लिए विशेष रूप से कोलकाता से घास मंगवाकर लॉन तैयार किया गया है। इसके अलावा, बंगले के बीचों-बीच एक छोटा और सुंदर तालाब भी बनाया गया है।

  • मुलाकाती केंद्र: कार्यकर्ताओं, अधिकारियों और पत्रकारों के लिए अलग से वेटिंग हॉल और मीटिंग रूम की व्यवस्था की गई है, ताकि गोपनीयता और सुविधा बनी रहे।

यहीं से तय होगी भविष्य की रणनीति

राजनीतिक पंडितों का मानना है कि भले ही नीतीश कुमार अब ‘1 अणे मार्ग’ में नहीं हैं, लेकिन बिहार की राजनीति की धुरी अब भी उन्हीं के इर्द-गिर्द घूमेगी। 7 सर्कुलर रोड का यह पता आने वाले समय में कई बड़ी बैठकों और फैसलों का गवाह बनेगा। पड़ोसी लालू यादव के साथ उनकी ‘करीबी’ और नई सरकार के साथ उनके तालमेल पर अब सबकी नजरें टिकी होंगी।

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