BNT Desk: बिहार में लंबे समय से लंबित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अब सस्पेंस खत्म होता दिख रहा है। पिछले 24 घंटों में पटना से दिल्ली तक जिस तरह की राजनीतिक सरगर्मी देखी गई, उससे साफ है कि बिहार सरकार के नए मंत्रियों की सूची पर मुहर लग चुकी है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के अचानक दिल्ली बुलावे और वहां जेडीयू के शीर्ष नेतृत्व के साथ हुई बैठकों ने इस खबर पर पक्की मुहर लगा दी है।
संजय सरावगी का अचानक दिल्ली दौरा
पूरा मामला तब शुरू हुआ जब कल देर रात बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को अचानक केंद्रीय नेतृत्व द्वारा दिल्ली बुलाया गया। माना जा रहा है कि बीजेपी के आलाकमान ने मंत्रियों के नामों की शॉर्टलिस्ट तैयार कर ली थी, जिस पर अंतिम चर्चा के लिए प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी अनिवार्य थी। दिल्ली पहुँचते ही सरावगी ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की और बिहार के समीकरणों पर विस्तार से चर्चा की।
संजय झा के आवास पर ‘पावर मीटिंग’
आज सुबह दिल्ली की कड़कड़ाती राजनीति के बीच बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन खुद जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के आवास पर पहुंचे। इस मुलाकात को मंत्रिमंडल विस्तार की दिशा में सबसे निर्णायक कदम माना जा रहा है।
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क्या हुई चर्चा: बैठक में बीजेपी और जेडीयू के बीच कोटे के अनुसार मंत्रियों के नामों पर गहन मंथन हुआ।
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सहमति की ओर: सूत्रों की मानें तो दोनों दलों ने अपने-अपने कोटे के मंत्रियों की सूची एक-दूसरे के साथ साझा की और किसी भी संभावित विवाद को सुलझा लिया गया है।
मंत्रियों की सूची तैयार
हालांकि आधिकारिक सूची अभी जारी नहीं हुई है, लेकिन दिल्ली में हुई इस बैठक के बाद कुछ नाम रेस में सबसे आगे चल रहे हैं। चर्चा है कि इस बार मंत्रिमंडल में क्षेत्रीय और जातीय संतुलन का खास ख्याल रखा गया है।
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युवा चेहरों को तरजीह: सम्राट चौधरी और संजय सरावगी दोनों ही युवाओं को आगे बढ़ाने के पक्ष में हैं।
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अनुभव का साथ: पुराने अनुभवी मंत्रियों को भी अहम विभाग दिए जाने की संभावना है।
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महिला और दलित प्रतिनिधित्व: मंत्रिमंडल में महिलाओं और दलित समुदाय के नेताओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी सहमति बनी है।
शपथ ग्रहण की तैयारी
दिल्ली में बैठकें संपन्न होने के बाद अब गेंद पटना के पाले में है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इन नामों की अंतिम सूची सौंपी जाएगी, जिसके बाद राजभवन को शपथ ग्रहण समारोह के लिए सूचित किया जाएगा। जानकारों का कहना है कि अगले 48 घंटों के भीतर बिहार में मंत्रियों के शपथ लेने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
सुशासन को मिलेगी नई रफ्तार
मंत्रिमंडल के पूर्ण विस्तार के बाद बिहार सरकार के कामकाज में और तेजी आने की उम्मीद है। अभी कई मंत्रियों के पास एक से अधिक विभागों का प्रभार है, जिससे काम का बोझ बढ़ा हुआ है। नए मंत्रियों के आने से विभागों का बंटवारा होगा और विकास की योजनाओं को जमीन पर उतारना आसान होगा। दिल्ली की इस बैठक ने न केवल मंत्रियों के नाम तय किए हैं, बल्कि एनडीए गठबंधन की एकजुटता का संदेश भी दिया है।