BNT Desk: बिहार की राजधानी पटना स्थित जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (JPNA) के नए और आधुनिक टर्मिनल भवन में मंगलवार को एक डरावना मंजर देखने को मिला। अराइवल एरिया (आगमन क्षेत्र) के पिलर संख्या पांच के पास दीवार पर लगी भारी टाइल्स अचानक उखड़कर नीचे गिर गईं। टाइल्स गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि वहां मौजूद यात्री और एयरपोर्ट कर्मचारी दहशत में आ गए।
गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ, लेकिन जिस तरह से टाइल्स गिरीं, उसने एयरपोर्ट की सुरक्षा और निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बाल-बाल बचे पूर्व केंद्रीय मंत्री के पुत्र
हादसे के समय पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के पुत्र, अर्जित शाश्वत अपने पिता को रिसीव करने के लिए वहीं मौजूद थे। उन्होंने बताया कि वह उसी दीवार के पास खड़े थे जहां से टाइल्स गिरीं।
“संयोग अच्छा था कि मैं कुछ सेकंड पहले ही उस जगह से थोड़ा दूर हटा था, वरना कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। नए टर्मिनल में इस तरह की घटना होना चिंताजनक है और इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।”
क्या हुआ था घटना के वक्त?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अराइवल क्षेत्र में यात्रियों की नियमित आवाजाही जारी थी। तभी अचानक दीवार से टाइल्स का एक हिस्सा उखड़ा और सुरक्षा के लिए लगाए गए स्टील रॉड से टकराते हुए जमीन पर आ गिरा। स्टील रॉड की वजह से टाइल्स की गति थोड़ी धीमी हुई, जिससे आसपास खड़े लोग संभल पाए। हालांकि, इस टक्कर से सेफ्टी स्टील रॉड को काफी नुकसान पहुंचा है।
घटना के तुरंत बाद सुरक्षा गार्डों ने गिरे हुए टाइल्स को उठाकर किनारे किया और उस क्षेत्र को अस्थायी रूप से यात्रियों के लिए बंद कर दिया।
मात्र 11 महीने में ही ‘हाफने’ लगा नया टर्मिनल
इस घटना ने 1,200 करोड़ रुपये की लागत से बने इस नए टर्मिनल की मजबूती पर सवालिया निशान लगा दिया है।
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उद्घाटन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 मई 2025 को इस भव्य टर्मिनल का उद्घाटन किया था।
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परिचालन: इसे 3 जून 2025 से आम यात्रियों के लिए खोला गया था। हैरानी की बात यह है कि उद्घाटन के अभी एक साल भी पूरे नहीं हुए हैं (मात्र 11 महीने) और दीवार की टाइल्स टूटने लगी हैं। 65,150 वर्ग मीटर में फैला यह टर्मिनल सालाना 1 करोड़ से अधिक यात्रियों को संभालने के लिए डिजाइन किया गया है, लेकिन पहली गर्मी और मौसम के बदलाव में ही इसकी फिनिशिंग जवाब देने लगी है।
एयरपोर्ट प्रशासन की सफाई: मेंटेनेंस का काम था जारी
हादसे के बाद एयरपोर्ट डायरेक्टर सी.पी. द्विवेदी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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जांच के आदेश: उन्होंने घटना की पुष्टि की और कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी।
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अस्थायी घेराबंदी: प्रभावित हिस्से को घेर दिया गया है ताकि कोई यात्री उसके पास न जाए।
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चेतावनी बोर्ड: डायरेक्टर के अनुसार, वहां मेंटेनेंस का काम चल रहा था और चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए थे। हालांकि, यात्रियों का कहना है कि अगर काम चल रहा था, तो यात्रियों की आवाजाही उस विशेष दीवार के इतने करीब क्यों होने दी गई?
विमान परिचालन पर नहीं पड़ा असर
राहत की बात यह रही कि इस छोटी लेकिन डरावनी घटना के कारण विमानों के परिचालन या यात्रियों के आवागमन में कोई बड़ी बाधा नहीं आई। एयरपोर्ट प्रशासन ने तुरंत मलबे को साफ कराया ताकि यात्रियों को आने-जाने में असुविधा न हो। उड़ानों का समय और यात्रियों की चेकिंग प्रक्रिया सामान्य रूप से चलती रही।