BNT Desk: बिहार की राजनीति के लिए मंगलवार का दिन बेहद अहम रहा। राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) कोटे से मुख्यमंत्री बने सम्राट चौधरी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। मुख्यमंत्री का पदभार संभालने के बाद यह उनका पहला आधिकारिक दिल्ली दौरा है।
इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लिखा, “देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से आज नई दिल्ली में शिष्टाचार मुलाकात की। ‘विकसित भारत और समृद्ध बिहार’ के विजन पर मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। माननीय प्रधानमंत्री जी का स्नेह एवं सहयोग बिहार की प्रगति को नई गति प्रदान कर रहा है।”
मुलाकात के सियासी मायने: क्या जल्द होगा कैबिनेट विस्तार?
जानकारों का मानना है कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की यह मुलाकात महज एक शिष्टाचार भेंट नहीं थी। बिहार की सियासत में इस बैठक के बाद बड़े बदलावों की आहट सुनाई दे रही है। वर्तमान में बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार (Cabinet Expansion) को लेकर चर्चाएं अपने चरम पर हैं।
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री के साथ हुई इस बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार की टाइमिंग, संभावित मंत्रियों के नाम और जातीय-क्षेत्रीय संतुलन जैसे संवेदनशील मुद्दों पर गंभीर मंथन हुआ है। चूंकि सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार में अभी मंत्रियों की संख्या सीमित है, इसलिए प्रशासन को गति देने के लिए जल्द ही नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है।
15 अप्रैल से शुरू हुआ नया सफर
बता दें कि बिहार की राजनीति में 15 अप्रैल 2026 एक ऐतिहासिक तारीख रही, जब सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ जनता दल यूनाइटेड (JDU) कोटे से विजय चौधरी और विजेंद्र यादव ने उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था।
अब सरकार के गठन के कुछ दिनों बाद, प्रशासन में ऊर्जा भरने और चुनावी समीकरणों को साधने के लिए मंत्रिमंडल का विस्तार अनिवार्य हो गया है। प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ दिनों में राजभवन में नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह देखने को मिल सकता है।
संगठन और सरकार के बीच तालमेल पर मंथन
इस बैठक में केवल मंत्रिमंडल ही नहीं, बल्कि आगामी चुनावों को लेकर संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बिठाने पर भी चर्चा हुई। भाजपा का शीर्ष नेतृत्व चाहता है कि बिहार में पहली बार मिली इस बड़ी जिम्मेदारी के जरिए विकास कार्यों को जमीन पर उतारा जाए, ताकि आने वाले चुनावों में पार्टी को इसका सीधा लाभ मिल सके। प्रधानमंत्री ने सम्राट चौधरी को बिहार के विकास और जन कल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है।
दो ‘बिहारी’ दिग्गजों की मुलाकात: सम्राट चौधरी और नितिन नवीन
दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मुलाकात की। यह मुलाकात कई मायनों में दिलचस्प रही:
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पुराना साथ: ये दोनों नेता पहले नीतीश कुमार की सरकार में एक साथ कैबिनेट मंत्री के रूप में काम कर चुके हैं।
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बड़ी जिम्मेदारी: आज जहाँ सम्राट चौधरी बिहार के मुखिया हैं, वहीं नितिन नवीन भाजपा के इतिहास के सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में संगठन की कमान संभाल रहे हैं।
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साझा विजन: दोनों नेताओं ने बिहार में भाजपा को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और सरकार की योजनाओं को घर-घर पहुँचाने की रणनीति पर चर्चा की।
बिहार के लिए ‘डबल इंजन’ की नई रफ्तार
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का यह दिल्ली दौरा बिहार के राजनीतिक भविष्य की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है। प्रधानमंत्री मोदी का मार्गदर्शन और राष्ट्रीय अध्यक्ष का सहयोग यह स्पष्ट करता है कि केंद्र सरकार बिहार के विकास के लिए पूरी तरह गंभीर है। अब सबकी निगाहें पटना पर टिकी हैं कि दिल्ली से लौटते ही मुख्यमंत्री मंत्रिमंडल विस्तार का पिटारा कब खोलते हैं।